फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   77 years later, tin roofs remain: Government schemes are not reaching tribals.

77 साल बाद भी पन्नी की छत : आदिवासियों तक नहीं पहुंच रहीं सरकारी योजनाएं

Wed, 10 Dec 2025 12:06 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Dec 2025 12:06 AM IST
विज्ञापन
77 years later, tin roofs remain: Government schemes are not reaching tribals.
बिरधा ब्लॉक की कई पंचायतों में सहरिया परिवार झोपड़ियों में रहने को मजबूर
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
जाखलौन/ललितपुर। आज़ादी के 77 वर्षों बाद भी जिले के सैकड़ों आदिवासी परिवार सरकारी आवास योजनाओं से वंचित हैं। शासन से हर साल हजारों आवासों के लिए धनराशि जारी होने के बावजूद पात्र गरीबों तक यह लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। हालात यह हैं कि कई सहरिया परिवार आज भी पन्नी डालकर झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं, जबकि कई अपात्र लोग पक्के मकानों में रह रहे हैं।
जनपद की 415 ग्राम पंचायतों और छह ब्लॉकों में बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार बसे हैं। बिरधा ब्लॉक की ग्राम पंचायत कपासी, मादोन और पिपरई में सहरिया समुदाय के परिवार अपनी आजीविका मजदूरी और जंगल से लकड़ी बेचकर चलाते हैं। इन गांवों में आज भी अनेक परिवार ऐसे हैं जिन्हें अब तक आवास नहीं मिला है।
विज्ञापन

ग्राम पंचायत कपासी के महुआवारा सहरिया बस्ती के लोगों ने आरोप लगाया कि आवास स्वीकृति के नाम पर जिम्मेदार उनसे 15 हजार रुपये की मांग करते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे यह राशि देने में सक्षम नहीं हैं। इसी वजह से उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बारिश हो या कड़ाके की सर्दी बच्चों व बुजुर्गों को झोपड़ी में रातें गुजारना बेहद मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव में रोजगार उपलब्ध न होने से उन्हें पलायन की मजबूरी झेलनी पड़ती है। कई परिवार साल में कई महीनों तक बाहर मजदूरी करने को विवश हैं।


वर्जन
नई सूची में कई आवास स्वीकृत हुए हैं। इन परिवारों की जानकारी जुटाई जा रही है। यदि नाम न हो, तो अगली सूची में शामिल किया जाएगा। आवास के नाम पर कोई धन न दें। यदि कोई मांगता है, तो तुरंत ब्लॉक या जिला मुख्यालय पर शिकायत करें। - इरशाद अहमद , खंड विकास अधिकारी, बिरधा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed