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शहर में खराब हैंडपंपों की मरम्मत बनी चुनौती
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शहर में खराब हैंडपंपों की मरम्मत बनी चुनौती
ललितपुर। शहर में खराब हो रहे हैंडपंपों की मरम्मत करना जल संस्थान के लिए चुनौती बन गया है। बीते महीनों तक रोजाना चार-पांच हैंडपंप खराब हो रहे थे, जो बढ़कर अब औसतन सात-आठ हैंडपंप हो गए है। विभाग ने एक माह के अंदर 315 खराब हैंडपंपों की मरम्मत की है। विभाग ने खराब हैंडपंपों को सुधारने के लिए तीन टीमें गठित की हैं। प्रतिदिन आठ से दस हैंडपंप रोज सुधारे जा रहे हैं। इससे पानी की समस्या का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जल संस्थान ने शहर में करीब साढ़े तेरह हजार लोगों को कनेक्शन दे रखे हैं। बाकी असहाय व मध्यम वर्ग परिवार के लोग सरकारी हैंडपंपों पर निर्भर हैं। गर्मी के आते ही मोहल्लों में लगे हैंडपंप खराब होना शुरू हो गए थे। अप्रैल की शुरुआत में चार-पांच हैंडपंप रोज खराब हो रहे थे, लेकिन मई का शुरूआती सप्ताह गुजरते ही हैंडपंप खराब होने की संख्या में अचानक बढ़ोत्तरी हो गई थी। वर्तमान में प्रतिदिन सात-आठ हैंडपंप खराब हो रहे हैं। इन हैंडपंपों को सुधारने के लिए जल संस्थान ने तीन टीमों का गठन किया गया है, जिनके द्वारा रोज आठ-दस खराब हैंडपंप सुधार जा रहे हैं।
विभाग ने एक माह में करीब 315 हैंडपंपों की मरम्मत की है। जिन क्षेत्रों में हैंडपंप ज्यादा खराब हो रहे हैं, वहां टैंकर से जलापूर्ति की जा रही है। अकेले नेहरू नगर मोहल्ला में टैंकर रखने के लिए नौ चिह्नित स्थान बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त मोहल्ला चांदमारी, देवगढ़ रोड, पठापुरा, टौरिया आजादपुरा मोहल्ला, नईबस्ती, गोविंद नगर, देवगढ़ रोड पर पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं।
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75 खराब हैंडपंप सुधरना बाकी
नगर पालिका के सभासदों एवं आम नागरिकों द्वारा हैंडपंप खराब होने की सूचना दी जा रही है। इस तरह जल संस्थान में करीब 75 हैंडपंप खराब होने की सूचना है। इनकी मरम्मत कराई जानी बाकी है। बता दें कि नगर पालिका ने बीते दिनों बैठक के दौरान जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को करीब 65 खराब हैंडपंपों की जानकारी दी थी।
जिन क्षेत्रों से पानी के टैंकर की मांग आ रही है, उन जगहों पर टैंकर भेजे जा रहे हैं। जल संस्थान के पास तीन ट्रैक्टर उपलब्ध हैं, जिनसे कई फेरे लगाए जा रहे हैं।
- रामभुवन
अवर अभियंता, जल संस्थान
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ललितपुर। शहर में खराब हो रहे हैंडपंपों की मरम्मत करना जल संस्थान के लिए चुनौती बन गया है। बीते महीनों तक रोजाना चार-पांच हैंडपंप खराब हो रहे थे, जो बढ़कर अब औसतन सात-आठ हैंडपंप हो गए है। विभाग ने एक माह के अंदर 315 खराब हैंडपंपों की मरम्मत की है। विभाग ने खराब हैंडपंपों को सुधारने के लिए तीन टीमें गठित की हैं। प्रतिदिन आठ से दस हैंडपंप रोज सुधारे जा रहे हैं। इससे पानी की समस्या का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जल संस्थान ने शहर में करीब साढ़े तेरह हजार लोगों को कनेक्शन दे रखे हैं। बाकी असहाय व मध्यम वर्ग परिवार के लोग सरकारी हैंडपंपों पर निर्भर हैं। गर्मी के आते ही मोहल्लों में लगे हैंडपंप खराब होना शुरू हो गए थे। अप्रैल की शुरुआत में चार-पांच हैंडपंप रोज खराब हो रहे थे, लेकिन मई का शुरूआती सप्ताह गुजरते ही हैंडपंप खराब होने की संख्या में अचानक बढ़ोत्तरी हो गई थी। वर्तमान में प्रतिदिन सात-आठ हैंडपंप खराब हो रहे हैं। इन हैंडपंपों को सुधारने के लिए जल संस्थान ने तीन टीमों का गठन किया गया है, जिनके द्वारा रोज आठ-दस खराब हैंडपंप सुधार जा रहे हैं।
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विभाग ने एक माह में करीब 315 हैंडपंपों की मरम्मत की है। जिन क्षेत्रों में हैंडपंप ज्यादा खराब हो रहे हैं, वहां टैंकर से जलापूर्ति की जा रही है। अकेले नेहरू नगर मोहल्ला में टैंकर रखने के लिए नौ चिह्नित स्थान बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त मोहल्ला चांदमारी, देवगढ़ रोड, पठापुरा, टौरिया आजादपुरा मोहल्ला, नईबस्ती, गोविंद नगर, देवगढ़ रोड पर पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं।
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75 खराब हैंडपंप सुधरना बाकी
नगर पालिका के सभासदों एवं आम नागरिकों द्वारा हैंडपंप खराब होने की सूचना दी जा रही है। इस तरह जल संस्थान में करीब 75 हैंडपंप खराब होने की सूचना है। इनकी मरम्मत कराई जानी बाकी है। बता दें कि नगर पालिका ने बीते दिनों बैठक के दौरान जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को करीब 65 खराब हैंडपंपों की जानकारी दी थी।
जिन क्षेत्रों से पानी के टैंकर की मांग आ रही है, उन जगहों पर टैंकर भेजे जा रहे हैं। जल संस्थान के पास तीन ट्रैक्टर उपलब्ध हैं, जिनसे कई फेरे लगाए जा रहे हैं।
- रामभुवन
अवर अभियंता, जल संस्थान