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जखौरा बिजरौठा पाइप पेयजल योजना शुरू नहीं
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करोड़ों खर्च फिर भी नहीं बुझी चौदह गांवों के लोगों की प्यास
ललितपुर। जखौरा और तालबेहट ब्लॉक के 14 गांवों के ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए जखौरा- बिजरौठा ग्राम समूह पेयजल योजना पर 68 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं। योजना मार्च में शुरू होनी थी, लेकिन अब तक शुरू नहीं हो सकी है। पानी की टेस्टिंग चल रही है, पर पाइप लाइन बार- बार लीकेज होने के कारण धोखा दे रही है। इससे काम और कठिन हो गया है।
बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत जखौरा ब्लॉक के ग्राम मैनवार, ननौरा, बरौदा स्वामी, अगर, घिसौली, चित्रा, तिलहरी, मंदरा, जखौरा, नगवास और तालबेहट ब्लॉक के ग्राम गुलेंदा, लालौन, बिजरौठा और रजपुरा गांव की 39 हजार से अधिक आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए उप्र. जल निगम ने कार्ययोजना तैयार की। इसमें बेतवा नदी से पानी लिफ्ट करके इन गांवों में पाइप लाइन के माध्यम से पानी की सप्लाई देनी थी। यह काम मार्च में पूरा होना था। काम कंपलीट होने के बाद जब पानी की पाइप लाइन की टेस्टिंग की गई तो हकीकत सामने आई कि ग्राम मैनवार के पास तालाब के किनारे पाइप लाइन ऊंचाई की ओर डाल दी गई है। अब राइजिंग मेन टेस्टिंग का काम चल रहा है, इसमें नदी से पानी उठाकर ट्रीटमेंट प्लांट तक ले जाना है, लेकिन पंद्रह से बीस मिनट तक मोटर चलने के बाद ही पाइप लाइन में लीकेज शुरू हो जाते हैं, जिससे पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है, इससे समस्या और बढ़ गई। यहां पर पानी का ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया गया है, लेकिन, टैंक फिल्टर बनवाते समय ध्यान नहीं दिया गया और इसमें गड़बड़ी हो गई। अब परेशानी हो रही है। ऐसे में करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी ग्रामीणों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है।
पानी की टेस्टिंग का काम चल रहा है। उम्मीद है कि जून में फर्स्ट जोन (ग्राम मैनवार) में पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। बाकी काम भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
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- प्रवीण कुट्टी, परियोजना प्रबंधक, जल निगम निर्माण इकाई।
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ललितपुर। जखौरा और तालबेहट ब्लॉक के 14 गांवों के ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए जखौरा- बिजरौठा ग्राम समूह पेयजल योजना पर 68 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं। योजना मार्च में शुरू होनी थी, लेकिन अब तक शुरू नहीं हो सकी है। पानी की टेस्टिंग चल रही है, पर पाइप लाइन बार- बार लीकेज होने के कारण धोखा दे रही है। इससे काम और कठिन हो गया है।
बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत जखौरा ब्लॉक के ग्राम मैनवार, ननौरा, बरौदा स्वामी, अगर, घिसौली, चित्रा, तिलहरी, मंदरा, जखौरा, नगवास और तालबेहट ब्लॉक के ग्राम गुलेंदा, लालौन, बिजरौठा और रजपुरा गांव की 39 हजार से अधिक आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए उप्र. जल निगम ने कार्ययोजना तैयार की। इसमें बेतवा नदी से पानी लिफ्ट करके इन गांवों में पाइप लाइन के माध्यम से पानी की सप्लाई देनी थी। यह काम मार्च में पूरा होना था। काम कंपलीट होने के बाद जब पानी की पाइप लाइन की टेस्टिंग की गई तो हकीकत सामने आई कि ग्राम मैनवार के पास तालाब के किनारे पाइप लाइन ऊंचाई की ओर डाल दी गई है। अब राइजिंग मेन टेस्टिंग का काम चल रहा है, इसमें नदी से पानी उठाकर ट्रीटमेंट प्लांट तक ले जाना है, लेकिन पंद्रह से बीस मिनट तक मोटर चलने के बाद ही पाइप लाइन में लीकेज शुरू हो जाते हैं, जिससे पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है, इससे समस्या और बढ़ गई। यहां पर पानी का ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया गया है, लेकिन, टैंक फिल्टर बनवाते समय ध्यान नहीं दिया गया और इसमें गड़बड़ी हो गई। अब परेशानी हो रही है। ऐसे में करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी ग्रामीणों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है।
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पानी की टेस्टिंग का काम चल रहा है। उम्मीद है कि जून में फर्स्ट जोन (ग्राम मैनवार) में पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। बाकी काम भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
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- प्रवीण कुट्टी, परियोजना प्रबंधक, जल निगम निर्माण इकाई।