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विरधा सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए मांगा स्टाफ
Updated Fri, 05 Jan 2018 01:21 AM IST
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विरधा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए मांगा स्टाफ
ललितपुर।
बिरधा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बने हुए चार वर्ष हो गए हैं, लेकिन अब तक इसके लिए शासन से कोई भी स्टाफ की तैनाती नहीं हो सकी है। इसके चलते अब मुख्य चिकित्साधिकारी ने शासन को एक पत्र भेजकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरधा में चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टाफ की स्थापना करने की मांग की है।
कस्बा बिरधा में विगत कुछ दिनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बोर्ड पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का बोर्ड लटका देने के मामले में उपजे रोष के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने उत्तर प्रदेश शासन के चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव को लिखे एक पत्र में बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिरधा का उच्चीकरण हो जाने के फलस्वरूप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों और स्टाफ की नियुक्ति की जानी है। अब तक यहां किसी भी स्टाफ की तैनाती नहीं होने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि यहां फिजीशियन, सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेसिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, लैब टेक्नीशियन, डैंटल हाइजेनिस्ट, चीफ फार्मासिस्ट और डार्क रूम सहायक सहायक के एक-एक पद स्वीकृत हैं। जबकि स्टाफ नर्स के तीन पद स्वीकृत हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि चार वर्ष से यहां स्टाफ की तैनाती नहीं की गई है। उन्होंने यह पत्राचार मिशन मोदी अगेन 2019 के जिलाध्यक्ष सुरेश टौंटे द्वारा दिए गए एक प्रार्थना पत्र के आधार पर किया है। जिलाध्यक्ष द्वारा सीएमओ द्वारा गए इस प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत में यह अफवाह फैलाई जा रही है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विरधा को पाली में स्थानांतरित किया जा रहा है। उन्होंने सीएमओ से अनुरोध किया है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिरधा के सापेक्ष सामुदायिक केंद्र का भवन बनकर तैयार है। उक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उच्चीकृत के सापेक्ष स्टाफ की स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान नहीं की गई है। इसके चलते उन्होंने सीएमओ से शासन स्तर से स्टाफ स्वीकृत कराने के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शुरू कराने की मांग की है।
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ललितपुर।
बिरधा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बने हुए चार वर्ष हो गए हैं, लेकिन अब तक इसके लिए शासन से कोई भी स्टाफ की तैनाती नहीं हो सकी है। इसके चलते अब मुख्य चिकित्साधिकारी ने शासन को एक पत्र भेजकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरधा में चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टाफ की स्थापना करने की मांग की है।
कस्बा बिरधा में विगत कुछ दिनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बोर्ड पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का बोर्ड लटका देने के मामले में उपजे रोष के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने उत्तर प्रदेश शासन के चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव को लिखे एक पत्र में बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिरधा का उच्चीकरण हो जाने के फलस्वरूप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों और स्टाफ की नियुक्ति की जानी है। अब तक यहां किसी भी स्टाफ की तैनाती नहीं होने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि यहां फिजीशियन, सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेसिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, लैब टेक्नीशियन, डैंटल हाइजेनिस्ट, चीफ फार्मासिस्ट और डार्क रूम सहायक सहायक के एक-एक पद स्वीकृत हैं। जबकि स्टाफ नर्स के तीन पद स्वीकृत हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि चार वर्ष से यहां स्टाफ की तैनाती नहीं की गई है। उन्होंने यह पत्राचार मिशन मोदी अगेन 2019 के जिलाध्यक्ष सुरेश टौंटे द्वारा दिए गए एक प्रार्थना पत्र के आधार पर किया है। जिलाध्यक्ष द्वारा सीएमओ द्वारा गए इस प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत में यह अफवाह फैलाई जा रही है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विरधा को पाली में स्थानांतरित किया जा रहा है। उन्होंने सीएमओ से अनुरोध किया है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिरधा के सापेक्ष सामुदायिक केंद्र का भवन बनकर तैयार है। उक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उच्चीकृत के सापेक्ष स्टाफ की स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान नहीं की गई है। इसके चलते उन्होंने सीएमओ से शासन स्तर से स्टाफ स्वीकृत कराने के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शुरू कराने की मांग की है।
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