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आंगनबाड़ी नेत्रियों ने मंत्री को बताई विभाग की हकीकत
Updated Sun, 10 Dec 2017 01:22 AM IST
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आंगनबाड़ी नेत्रियों ने मंत्री को बताई विभाग की हकीकत
ललितपुर। केंद्रीय बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री वीरेंद्र के समक्ष महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष ने प्रदेश में हुए पंजीरी घोटाले की जांच नहीं कराने का मामला उठा दिया। यही नहीं, उन्होंने विभाग के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। इसमें मानदेय बढ़ाने की मांग भी शामिल है। शनिवार को केंद्रीय बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री वीरेंद्र खटीक जनपद पहुंचे। इस सूचना को पाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उनसे सर्किट हाउस में मुलाकात की। इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रतिभा कौशिक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानजनक मानदेय देने की बात कही थी। वर्तमान जो मानदेय दिया जा रहा है, उससे परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी है। उन्होंने प्रदेश में हुए 45 हजार करोड़ रुपये के पंजीरी घोटाले की जांच नहीं कराने का मामला उठाया। बीते महीनों में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गिरीश पांडेय ने योगी सरकार से सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की थी, लेकिन इसकी कोई जांच नहीं हुई। पंजीरी की गुणवत्ता खराब होने के बाद भी सरकार के नुमाइंदों को उसकी गुणवत्ता बेहतर नजर आती है। यह सुनकर मंत्री कुछ देर के लिए असहज हो गए। आखिर में केंद्रीय मंत्री ज्ञापन उचित जगह पहुंचाने का आश्वासन देकर निकल गए। ज्ञापन देने वालों में अरूण राजा, अर्चना रावत, मिथलेश त्रिपाठी, कलावती पाठक, किरन राजपूत, रामदेवी, बृजकुमारी आदि शामिल रही।
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ललितपुर। केंद्रीय बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री वीरेंद्र के समक्ष महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष ने प्रदेश में हुए पंजीरी घोटाले की जांच नहीं कराने का मामला उठा दिया। यही नहीं, उन्होंने विभाग के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। इसमें मानदेय बढ़ाने की मांग भी शामिल है। शनिवार को केंद्रीय बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री वीरेंद्र खटीक जनपद पहुंचे। इस सूचना को पाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उनसे सर्किट हाउस में मुलाकात की। इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रतिभा कौशिक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानजनक मानदेय देने की बात कही थी। वर्तमान जो मानदेय दिया जा रहा है, उससे परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी है। उन्होंने प्रदेश में हुए 45 हजार करोड़ रुपये के पंजीरी घोटाले की जांच नहीं कराने का मामला उठाया। बीते महीनों में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गिरीश पांडेय ने योगी सरकार से सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की थी, लेकिन इसकी कोई जांच नहीं हुई। पंजीरी की गुणवत्ता खराब होने के बाद भी सरकार के नुमाइंदों को उसकी गुणवत्ता बेहतर नजर आती है। यह सुनकर मंत्री कुछ देर के लिए असहज हो गए। आखिर में केंद्रीय मंत्री ज्ञापन उचित जगह पहुंचाने का आश्वासन देकर निकल गए। ज्ञापन देने वालों में अरूण राजा, अर्चना रावत, मिथलेश त्रिपाठी, कलावती पाठक, किरन राजपूत, रामदेवी, बृजकुमारी आदि शामिल रही।
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