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46 खदानों पर लगा अनापत्ति प्रमाण पत्र का ग्रहण

Sat, 07 Dec 2019 12:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 07 Dec 2019 12:39 AM IST
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46 mine is bain in lalitpur
ललितपुर। जिले में मंजूरी के बाद भी 46 इमारती पत्थर की खदानें शुरू नहीं हो पा रही हैं। इसकी वजह खदान पट्टाधारक अब तक पर्यावरण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं बनवा सके हैं। इससे खदानों का संचालन प्रभावित हो रहा है। वहीं, क्षेत्रीय मजदूरों की बेरोजगारी दूर नहीं हो पा रही है।
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वन और पर्यावरण मंत्रालय द्वारा महावीर वन्य जीव विहार देवगढ़ के संरक्षण के नाम पर क्षेत्र की खदानों को बंद कर दिया था। इनमें दस किलोमीटर की परिधि में आने वाली क्षेत्र की 64 खदानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। खदानों पर रोक लगते ही क्षेत्र के इस व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों के सामने रोटी-रोजी का गंभीर संकट पैैदा हो गया था। यहां पर कोई औद्योगिक इकाई नहीं होने से गरीब आदिवासी लोग परेशान होकर पलायन कर गए थे, बीते दिनों जैसे ही पर्यावरण विभाग ने नियमावली में परिवर्तन करते हुए वन्य जीव विहार से खदानों के दायरे को दस किलोमीटर से घटाकर एक किलोमीटर किया। इससे क्षेत्र की 46 खदानें दायरे से बाहर हो गई और खनन करने चालू करने की मंजूरी मिल गई थी। मंजूरी मिलते ही क्षेत्र के गरीब परिवार के लोगों में रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद जगी। हालांकि, पर्यावरण विभाग द्वारा नियमों में परिवर्तन किया, तो कुछ नियम भी तय कर दिए। जिसमें खदान संचालकों को माइनिंग प्लान बनाना होगा और पर्यावरण से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने की अनिवार्य कर दिया। खदानों को मंजूरी मिलने के लगभग दो माह बाद भी अब तक क्षेत्र के खदानों के पट्टाधारक अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं ला सके हैं। इससे खदानों पर खनन कार्य चालू नहीं हो पा रही है। इससे मजदूरों को रोजगार मिलने की संभावनाओं पर पानी फिर गया। जिसके उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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देवगढ़ क्षेत्र के ग्राम हरदारी, कपासी, मादौन, जहाजपुर, अमऊखेरा की 64 खदानों पर प्रतिबंध लगाया गया था। लेकिन इनमें से तय परिधि से बाहर की 46 खदानों के पट्टाधारकों को खनन करने की मंजूरी मिल गई है। हालांकि मंजूरी मिलने के बाद से अब तक पट्टाधारक पर्यावरण विभाग द्वारा एनओसी नहीं ला सके हैं। इससे अब तक संचालन नहीं हो सका है।
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पर्यावरण विभाग द्वारा मंजूरी मिल गई है, लेकिन अब तक कोई भी पट्टाधारक पर्यावरण विभाग की एनओसी विभाग में जमा नहीं करा सके हैं। एनओसी जमा होते ही खनन कार्य शुरू हो सकेगा।
नवीन कुमार दास
क्षेत्रीय/ जिला खान अधिकारी
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