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सदाचार, नैतिकता व अहिंसा का पाठ सिखाते हैं ज्ञान संस्कार शिविर
Updated Tue, 05 Jun 2018 01:12 AM IST
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सदाचार और नैतिकता का पाठ सिखाते हैं ज्ञान संस्कार शिविर
श्रुत सवंर्द्धन ज्ञान संस्कार शिविर का शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
संत आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज के 50वें दीक्षा स्वर्ण महोत्सव वर्ष के अंतर्गत सराकोद्धारक राष्ट् संत आचार्य ज्ञान सागर महाराज की प्रेरणा से ललितपुर-झांसी के विभिन्न अंचलों में 10 दिवसीय श्रुत संवर्द्धन शिविरों का आयोजन श्रुत संवर्द्धन संस्थान के तत्वावधान में किया जा रहा है। ललितपुर के नई बस्ती स्थित आदिनाथ जैन मंदिर और सावरकर चौक स्थित अटामंदिर में सोमवार को प्रात:काल शिविर का शुभारंभ किया।
नईबस्ती स्थित आदिनाथ जैन मंदिर में सर्वप्रथम आचार्य विद्यासागर महाराज और आचार्य ज्ञानसागर महाराज के चित्र का अनावरण और दीप प्रज्ज्वलन राजकुमार कैप्टन, जैन पंचायत के चुनाव अधिकारी सतेेंद्र गदयाना, जितेंद्र जैन राजू, शुभेंदु जैन, आलोक मोदी, डा. सुनील संचय, सचिन शास्त्री आदि द्वारा किया गया। इस दौरान श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर से पधारे शिविर प्रशिक्षक पंडित आशीष शास्त्री, पंडित शुभम शास्त्री का जैन पंचायत की ओर सम्मान किया गया। पंडित आलोक मोदी ने कहा कि शिविर एक सुनियोजित और सुव्यवस्थित प्रक्रिया है, जिसमें सामूहिक दृढ़ संकल्प के साथ-साथ समय एवं सीमित संसाधनों द्वारा ज्ञान और आचरण की प्रेरणा का प्रसार किया जाता है। ये शिविर एक चलती फिरती पाठशाला होगी। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य सदाचार व अहिंसा का पालन करना है। आध्यात्मिक, व्यवहारिक वैज्ञानिक गूढ़ रहस्यों की जानकारियां दी जाएंगी और जैन दर्शन का ज्ञान मिलेगा। नई बस्ती शिविर के स्थानीय संयोजक सचिन शास्त्री ने बताया कि इस शिविर में सुबह, दोपहर और रात्रि में कक्षाएं 12 जून तक चलेंगी। इसमें नैतिक शिक्षा, पूजन प्रशिक्षण, छहढाला, द्रव्यसंग्रह, तत्वार्थसूत्र का अध्ययन कराया जाएगा और शाम को आरती होगी। संचालन मंदिर प्रबंधक जितेंद्र राजू और आभार प्रबंधक शुभेंदु जैन ने व्यक्त किया। उधर, अटा जैन मंदिर में भी शिविर का शुभारंभ उत्साह पूर्वक किया गया। संचालन पंडित ज्ञानचंद मदन ने किया। शिविर संयोजिका वीणा जैन ने शिविर के बारे में जानकारी प्रदान की। मंदिर प्रबंधक कपूरचंद्र और भगवानदास ने प्रशिक्षक पंडित राहुल शास्त्री सांगानेर और पंडित राजेंद्र शास्त्री का सम्मान किया। इस मौके पर अक्षय अलया, गेंदालाल सतभैया, शादीलाल, जिनेंद्र सिघई, सनत जैन आदि ने दीप प्रज्ज्वलन किया। प्रशिक्षक विद्वानों ने अपने संबोधन में कहा कि सुसंस्कारित करने के लिए शिविर वह सस्ता, सुंदर माध्यम है जो समाज को सत्यम, शिवम् सुंदरम का दर्शन कराता है। केंद्रीय शिविर समिति के सह निर्देशक डॉ. सुनील संचय ने बताया कि कहने को हमने विकास के झंडे तीव्रगति से गाड़े हैं। परंतु ऐसे विकास का क्या फायदा जिससे हमारी सांस्कृतिक विरासत ही तहस-नहस हो जाए। टीवी, इंटरनेट, मोबाइल, मॉल की आधुनिक संस्कृति आखिर हमें कहां ले जाएगी। आचार्यश्री ने संस्कार शिविरों की प्रेरणा दी। इन संस्कार शिविरों के माध्यम से एक ऐसी अलख जगी है, जिससे युवा वर्ग हो सही दिशा मिल रही है। आचार्य विद्यासागर महाराज के संयम स्वर्ण जयंती वर्ष में इन शिविरों की उपयोगिता और अधिक बढ़ जाती है।
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श्रुत सवंर्द्धन ज्ञान संस्कार शिविर का शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
संत आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज के 50वें दीक्षा स्वर्ण महोत्सव वर्ष के अंतर्गत सराकोद्धारक राष्ट् संत आचार्य ज्ञान सागर महाराज की प्रेरणा से ललितपुर-झांसी के विभिन्न अंचलों में 10 दिवसीय श्रुत संवर्द्धन शिविरों का आयोजन श्रुत संवर्द्धन संस्थान के तत्वावधान में किया जा रहा है। ललितपुर के नई बस्ती स्थित आदिनाथ जैन मंदिर और सावरकर चौक स्थित अटामंदिर में सोमवार को प्रात:काल शिविर का शुभारंभ किया।
नईबस्ती स्थित आदिनाथ जैन मंदिर में सर्वप्रथम आचार्य विद्यासागर महाराज और आचार्य ज्ञानसागर महाराज के चित्र का अनावरण और दीप प्रज्ज्वलन राजकुमार कैप्टन, जैन पंचायत के चुनाव अधिकारी सतेेंद्र गदयाना, जितेंद्र जैन राजू, शुभेंदु जैन, आलोक मोदी, डा. सुनील संचय, सचिन शास्त्री आदि द्वारा किया गया। इस दौरान श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर से पधारे शिविर प्रशिक्षक पंडित आशीष शास्त्री, पंडित शुभम शास्त्री का जैन पंचायत की ओर सम्मान किया गया। पंडित आलोक मोदी ने कहा कि शिविर एक सुनियोजित और सुव्यवस्थित प्रक्रिया है, जिसमें सामूहिक दृढ़ संकल्प के साथ-साथ समय एवं सीमित संसाधनों द्वारा ज्ञान और आचरण की प्रेरणा का प्रसार किया जाता है। ये शिविर एक चलती फिरती पाठशाला होगी। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य सदाचार व अहिंसा का पालन करना है। आध्यात्मिक, व्यवहारिक वैज्ञानिक गूढ़ रहस्यों की जानकारियां दी जाएंगी और जैन दर्शन का ज्ञान मिलेगा। नई बस्ती शिविर के स्थानीय संयोजक सचिन शास्त्री ने बताया कि इस शिविर में सुबह, दोपहर और रात्रि में कक्षाएं 12 जून तक चलेंगी। इसमें नैतिक शिक्षा, पूजन प्रशिक्षण, छहढाला, द्रव्यसंग्रह, तत्वार्थसूत्र का अध्ययन कराया जाएगा और शाम को आरती होगी। संचालन मंदिर प्रबंधक जितेंद्र राजू और आभार प्रबंधक शुभेंदु जैन ने व्यक्त किया। उधर, अटा जैन मंदिर में भी शिविर का शुभारंभ उत्साह पूर्वक किया गया। संचालन पंडित ज्ञानचंद मदन ने किया। शिविर संयोजिका वीणा जैन ने शिविर के बारे में जानकारी प्रदान की। मंदिर प्रबंधक कपूरचंद्र और भगवानदास ने प्रशिक्षक पंडित राहुल शास्त्री सांगानेर और पंडित राजेंद्र शास्त्री का सम्मान किया। इस मौके पर अक्षय अलया, गेंदालाल सतभैया, शादीलाल, जिनेंद्र सिघई, सनत जैन आदि ने दीप प्रज्ज्वलन किया। प्रशिक्षक विद्वानों ने अपने संबोधन में कहा कि सुसंस्कारित करने के लिए शिविर वह सस्ता, सुंदर माध्यम है जो समाज को सत्यम, शिवम् सुंदरम का दर्शन कराता है। केंद्रीय शिविर समिति के सह निर्देशक डॉ. सुनील संचय ने बताया कि कहने को हमने विकास के झंडे तीव्रगति से गाड़े हैं। परंतु ऐसे विकास का क्या फायदा जिससे हमारी सांस्कृतिक विरासत ही तहस-नहस हो जाए। टीवी, इंटरनेट, मोबाइल, मॉल की आधुनिक संस्कृति आखिर हमें कहां ले जाएगी। आचार्यश्री ने संस्कार शिविरों की प्रेरणा दी। इन संस्कार शिविरों के माध्यम से एक ऐसी अलख जगी है, जिससे युवा वर्ग हो सही दिशा मिल रही है। आचार्य विद्यासागर महाराज के संयम स्वर्ण जयंती वर्ष में इन शिविरों की उपयोगिता और अधिक बढ़ जाती है।
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