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डेढ़ माह में डेढ़ हजार रुपए क्विंटल उतरी उड़द

Sun, 29 Oct 2017 02:10 AM IST
Updated Sun, 29 Oct 2017 02:10 AM IST
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डेढ़ माह में डेढ़ हजार रुपए क्विंटल उतरी उड़द
डेढ़ माह में डेढ़ हजार रुपये क्विंटल उतरी उड़द
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भाव गिरने से किसान और व्यापारी परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
गल्ला मंडी में उड़द के साथ अन्य जिंसों के भाव में लगातार गिरावट जारी बनी हुई है। डेढ़ माह पूर्व जहां फसल आने पर उड़द की बिक्री 4500 रुपये प्रति क्विंटल से शुरुआत हुई थी, वहीं अब उड़द डेढ़ हजार रुपये से कम हो गए हैं। इसके साथ ही गल्ला मंडी आ रही अन्य जिंसों मटर, मूंग, बटरी चना आदि में भी गिरावट बनी हुई है।
इस बार जहां कम बारिश होने के चलते खरीफ की फसल में 50 फीसदी नुकसान हुआ है। वहीं अब जिंसों के दामों में तेजी से होने वाली गिरावट के कारण भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। लगातार गिरावट के कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं, तो वहीं भाव में गिरावट का असर व्यापारियों को भी परेशानी में डाल दिया है। डेढ़ माह पूर्व जब खरीफ की फसल बाजार में आई तो उस समय उड़द की बिक्री 4500 से 4600 रुपये प्रति क्विंटल से शुरू हुई थी, लेकिन अब शनिवार को उड़द के दाम लगातार गिरने की वजह से शनिवार को 2900 से तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बिकी। इसी तरह मटर के भाव डेढ़ माह पूर्व 23 हजार 500 रुपये थे, अब 19 हजार 500 तक रह गए हैं। बटरी के दाम 2300 रुपये प्रति क्विंटल से घटकर 1800 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं। वहीं मूंग की भी ऐसी ही स्थिति हैं, जब मूंग के भाव भी 4200 रुपये से घटकर 3600 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गए हैं। जिंसों में लगातार गिरावट के कारण जहां किसानों को परेशानी हो रही है, वहीं व्यापारियों को भी जबरदस्त घाटा लगा है। कई व्यापारियों के पैसे भी फंस कर रह गए हैं। वर्तमान में मंडी में जिंस की आवक भी सामान्य दिनों के सापेक्ष आधी रह गई है। शनिवार को गल्ला मंडी में जिंस की कुल आवक सात से आठ हजार क्विंटल आंकी गई। जिसमें उड़द की आवक करीब साढ़े चार हजार से पांच हजार क्विंटल, मटर की आवक 600 से 700 क्विंटल, मसूर की आवक 500 क्विंटल, मूंग की आवक करीब आठ सौ क्विंटल तक रही।
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कैप्सन-भैय्यन गड़रिया।
लागत भी नहीं निकली
इस बार उड़द की फसल बोयी थी, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक चौथाई भी नहीं निकली है। पहले सूखे की स्थिति रही बाद में बारिश होने से फसल बर्बाद हो गई। इस बार तो बुबाई के दौरान की लागत भी नहीं निकल सकी है।
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भैय्यन गड़रिया, ग्राम करमुहारा।

फोटो-15
कैप्सन-मंगल।
सात बोरा का घाटा लगा
पिछली बारिश अच्छी होने से उड़द की फसल की अच्छी पैदावार हुई थी। लेकिन इस बार तो सात बोरा तक का घाटा झेलना पड़ा है। अब उड़द के भाव में गिरावट में काफी नुकसान हुआ है। पहले उड़द रोके रहे, लेकिन अब पैसों की जरुरत होने पर मंडी लाए हैं।
मंगल, किसान।

फोटो-16
कैप्सन-कोमल चंद्र।
तीस फीसदी गिर गई दुकानदारी
बारिश कम होने और लगातार जिंस के दामों में गिरावट के कारण तीस फीसदी दुकानदारी कम हो गई है। एडवांस में जो किसान पैसा ले गए थे, वह पैसा भी किसान नहीं लौटा रहा है। मंडी में लगातार गिरावट के कारण इस बार काफी घाटा हुआ है।

कोमल चंद्र, कक्का, गल्ला व्यापारी।
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फोटो-17
कैप्सन-अशोक अनौरा।
जिंस में डेढ़ महीने में आई भारीबड़ी गिरावट
उड़द के साथ अन्य प्रकार की जिंस में भारी गिरावट आई है। इससे किसानों के साथ व्यापारियों को भी भारी घाटा हुआ है। अगले तीन से पांच दिन में जिंस में और भी गिरावट की आशंका व्यक्त की गई है।
अशोक अनौरा, अध्यक्ष, गल्ला व्यापार संघ।
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