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ढाई सौ गांवों में रात भर रहती है बिजली गुल
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ललितपुर। दस दिन पहले बबीना क्षेत्र में 132 केवी और 220 केवी लाइन के टावर गिरने के बाद से ग्रामीण क्षेत्र में रात भर बिजली आपूर्ति गुल रहती है। सुबह होने के बाद ही ग्रामीणों को आपूर्ति हो पा रही है। रात में बिजली कटौती होने के कारण करीब ढाई सौ गांवों के लोगों को गर्मी के मौसम में परेशान होना पड़ रहा है।
दस दिन पूर्व झांसी व ललितपुर क्षेत्र में आंधी आने के कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति गड़बड़ा गई थी। इसके चलते बबीना क्षेत्र में 132 व 220 केवी लाइन के टावर गिरकर क्षतिग्रस्त हो गए थे। ट्रांसमिशन विभाग द्वारा उसी समय से जनपद के लिए दिन में सोलर प्लांट के साथ ही राजघाट, माताटीला एवं सुकवां ढुकवां से बिजली आपूर्ति की जा रही है। रात्रि के समय सोलर पलांट से बिजली बंद होने के बाद जनपद को राजघाट, माताटीला एवं सुकवां ढुकवां से ही बिजली आपूर्ति हो रही है, इस कारण चालीस मेगावाट कम बिजली मिलती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को आपूर्ति नहीं दी जा पा रही है।
गर्मियों में रात्रि के समय ओवरलोड होने की स्थिति और कम क्षमता से बिजली मिलने पर ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली कटौती की जा रही है, जो शाम सात बजे से सुबह पांच से छह बजे तक होती है। ऐसे में बिरधा, पाली, महरौनी, मड़ावरा विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत करीब ढाई सौ से अधिक गांव में रात भर अंधेरा पसरा रहता है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों के अनुसार टावरों का काम शीघ्र ही पूर्ण होने के बाद जनपद में पर्याप्त बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। फिलहाल ,दिन के समय कहीं भी कटौती नहीं की जा रही है। यही कारण है कि राजघाट, माताटीला एवं सुकवां-ढुकवां से बिजली मिलने के बाद भी इसका प्रभाव अब भी ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है।
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कम आपूर्ति के कारण रात में रोस्टिंग की जा रही है। टावर खड़े हो गए हैं। आज शनिवार को चार्ज होने की संभावना है। जल्द ही बिजली सुचारू हो जाएगी।
- विनोद जायसवाल, अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन
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दस दिन पूर्व झांसी व ललितपुर क्षेत्र में आंधी आने के कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति गड़बड़ा गई थी। इसके चलते बबीना क्षेत्र में 132 व 220 केवी लाइन के टावर गिरकर क्षतिग्रस्त हो गए थे। ट्रांसमिशन विभाग द्वारा उसी समय से जनपद के लिए दिन में सोलर प्लांट के साथ ही राजघाट, माताटीला एवं सुकवां ढुकवां से बिजली आपूर्ति की जा रही है। रात्रि के समय सोलर पलांट से बिजली बंद होने के बाद जनपद को राजघाट, माताटीला एवं सुकवां ढुकवां से ही बिजली आपूर्ति हो रही है, इस कारण चालीस मेगावाट कम बिजली मिलती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को आपूर्ति नहीं दी जा पा रही है।
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गर्मियों में रात्रि के समय ओवरलोड होने की स्थिति और कम क्षमता से बिजली मिलने पर ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली कटौती की जा रही है, जो शाम सात बजे से सुबह पांच से छह बजे तक होती है। ऐसे में बिरधा, पाली, महरौनी, मड़ावरा विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत करीब ढाई सौ से अधिक गांव में रात भर अंधेरा पसरा रहता है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों के अनुसार टावरों का काम शीघ्र ही पूर्ण होने के बाद जनपद में पर्याप्त बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। फिलहाल ,दिन के समय कहीं भी कटौती नहीं की जा रही है। यही कारण है कि राजघाट, माताटीला एवं सुकवां-ढुकवां से बिजली मिलने के बाद भी इसका प्रभाव अब भी ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है।
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कम आपूर्ति के कारण रात में रोस्टिंग की जा रही है। टावर खड़े हो गए हैं। आज शनिवार को चार्ज होने की संभावना है। जल्द ही बिजली सुचारू हो जाएगी।
- विनोद जायसवाल, अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन
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