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सड़कों पर नहीं लौट सकीं 22 बसें, परेशान हो रहे यात्री
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ललितपुर। जिले में कोविड काल में प्रभावित हुई यातायात सेवा पटरी पर नहीं लौट सकी है। इस दौरान बंद हुआ 22 बसों का संचालन आज तक शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बसें कम होने से बस संचालक भी मनमानी पर उतारू हैं।
परिवहन विभाग ने जिले में सुगम यातायात के लिए जिले में 87 रूट तय किए हैं। इन पर बसों के संचालन के लिए परमिट जारी किए गए हैं। बसों की कमी से पहले ही यातायात व्यवस्था चरमराई थी। इसके बाद लॉकडाउन में बसों का संचालन बंद हो गया। विभाग के मुताबिक लॉकडाउन से पहले जिले में 87 रूटों पर 163 बसें चलती थीं। मगर लॉकडाउन के बाद महज 141 बसें ही पटरी पर लौट सकीं।
बताया जाता है कि जिले 22 बसों का संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में कई रूट पर अब दिन में भी एक बस नजर नहीं आती। कुछ रूट पर एक ही बस होने से मजबूरन ही ठस कर यात्रा करनी पड़ रही है, तो कहीं यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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मुख्यालय स्थित बस स्टैंड पर बसों की कमी का फायदा बस संचालक जमकर उठा रहे हैं। यहां पर बसों में सवारियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार मौन बने हुए हैं।
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बाइपास पर उतार रहे सवारी
बसों की कमी का फायदा बस संचालक कुछ ऐसे भी उठा रहे हैं कि सवारियों से पूरा किराया लेकर तय रूट छोड़कर बाईपास से ही बसों का संचालन हो रहा है। ऐसे में यात्रियों को बाईपास मार्ग पर छोड़ रहे हैं। ऐसे में लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
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बसों के रूट के अनुसार नहीं चलने और अधिक किराया लेकर बाईपास से संचालित करने की जानकारी हुई है। इस पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- एसएल गौड़, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, ललितपुर
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परिवहन विभाग ने जिले में सुगम यातायात के लिए जिले में 87 रूट तय किए हैं। इन पर बसों के संचालन के लिए परमिट जारी किए गए हैं। बसों की कमी से पहले ही यातायात व्यवस्था चरमराई थी। इसके बाद लॉकडाउन में बसों का संचालन बंद हो गया। विभाग के मुताबिक लॉकडाउन से पहले जिले में 87 रूटों पर 163 बसें चलती थीं। मगर लॉकडाउन के बाद महज 141 बसें ही पटरी पर लौट सकीं।
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बताया जाता है कि जिले 22 बसों का संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में कई रूट पर अब दिन में भी एक बस नजर नहीं आती। कुछ रूट पर एक ही बस होने से मजबूरन ही ठस कर यात्रा करनी पड़ रही है, तो कहीं यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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मुख्यालय स्थित बस स्टैंड पर बसों की कमी का फायदा बस संचालक जमकर उठा रहे हैं। यहां पर बसों में सवारियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार मौन बने हुए हैं।
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बाइपास पर उतार रहे सवारी
बसों की कमी का फायदा बस संचालक कुछ ऐसे भी उठा रहे हैं कि सवारियों से पूरा किराया लेकर तय रूट छोड़कर बाईपास से ही बसों का संचालन हो रहा है। ऐसे में यात्रियों को बाईपास मार्ग पर छोड़ रहे हैं। ऐसे में लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
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बसों के रूट के अनुसार नहीं चलने और अधिक किराया लेकर बाईपास से संचालित करने की जानकारी हुई है। इस पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- एसएल गौड़, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, ललितपुर