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महरौनी पेज सिलावन
Updated Tue, 17 Oct 2017 02:54 AM IST
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किसरदा में आधा अधूरा विद्युतीकरण
सिलावन। गांव के अंतिम घर तक बिजली मिले इसके लिए सरकार द्वारा राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत विद्युतीकरण कार्य कराया जा रहा है। विकास खंड महरौनी के किसरदा गांव में भी इस योजना के तहत विद्युतीकरण किया गया, पर कार्यदायी संस्था द्वारा आधा अधूरा विद्युतीकरण करने के चलते ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा है। यहां कार्यदायी संस्था ने एक तो अधूरे खंभे गाड़े हैं, वहीं ट्रांसफार्मर भी नहीं लगाया। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है।
किसरदा गांव में जैसे-जैसे आबादी बढ़ती गई वैसे-वैसे मकान बनते चले गए, लेकिन वहां तक विद्युतीकरण नहीं होने के कारण ग्रामीण पेड़ों और बल्लियों के सहारे बिजली के तार डालकर लाइट जलाते थे। दूरी अधिक होने के कारण तार आए दिन टूटकर नीचे गिरते या फिर फाल्ट आ जाता था, इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। बीते कुछ माह पूर्व राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत गांव के अधूरे विद्युतीकरण को पूरा करने का कार्य किया गया। इससे ग्रामीणों को आस थी कि उनकी परेशानी कुछ कम होगी, लेकिन कार्यदायी संस्था द्वारा एक तो आधे अधूरे खंभे लगाए गये, दूसरा छह माह बीत जाने के बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं लगाया है, इसके चलते ग्रामीणों की परेशानी जस की तस ही है। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है।
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इनका कहना है
जेई उपखंड महरौनी बृजेंद्र पाल सिंह का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलते ही जांच कराई जाएगी।
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सिलावन। गांव के अंतिम घर तक बिजली मिले इसके लिए सरकार द्वारा राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत विद्युतीकरण कार्य कराया जा रहा है। विकास खंड महरौनी के किसरदा गांव में भी इस योजना के तहत विद्युतीकरण किया गया, पर कार्यदायी संस्था द्वारा आधा अधूरा विद्युतीकरण करने के चलते ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा है। यहां कार्यदायी संस्था ने एक तो अधूरे खंभे गाड़े हैं, वहीं ट्रांसफार्मर भी नहीं लगाया। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है।
किसरदा गांव में जैसे-जैसे आबादी बढ़ती गई वैसे-वैसे मकान बनते चले गए, लेकिन वहां तक विद्युतीकरण नहीं होने के कारण ग्रामीण पेड़ों और बल्लियों के सहारे बिजली के तार डालकर लाइट जलाते थे। दूरी अधिक होने के कारण तार आए दिन टूटकर नीचे गिरते या फिर फाल्ट आ जाता था, इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। बीते कुछ माह पूर्व राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत गांव के अधूरे विद्युतीकरण को पूरा करने का कार्य किया गया। इससे ग्रामीणों को आस थी कि उनकी परेशानी कुछ कम होगी, लेकिन कार्यदायी संस्था द्वारा एक तो आधे अधूरे खंभे लगाए गये, दूसरा छह माह बीत जाने के बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं लगाया है, इसके चलते ग्रामीणों की परेशानी जस की तस ही है। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है।
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इनका कहना है
जेई उपखंड महरौनी बृजेंद्र पाल सिंह का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलते ही जांच कराई जाएगी।