{"_id":"5942db934f1c1b93478b466a","slug":"201497553811-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनप्रतिनिधियों के फोन नहीं उठाते अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनप्रतिनिधियों के फोन नहीं उठाते अधिकारी
Updated Fri, 16 Jun 2017 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधायक का फोन नहीं उठाते हैं अफसर
ललितपुर।
जिले के वरिष्ठ अधिकारी जब जन प्रतिनिधियों का फोन उठाना जरूरी नहीं समझते तो आम जनता की तो बात ही अलग है। यह आरोप है विधायक रामरतन कुशवाहा का, उनका कहना है कि बृहस्पतिवार को एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह को उन्होंने कई बार फोन किया इसके बाद भी नहीं फोन नहीं उठाया।
विधायक रामरतन कुशवाहा का कहना है कि किसी आवश्यक कार्य से संबंधित बात करने के लिए रात साढ़े नौ बजे उन्होंने एडीएम को फोन किया। लगातार कॉल करने के बाद भी उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। इस दौरान विधायक ने अपने व्यक्तिगत और सीयूजी नंबर से एडीएम के सीयूजी नंबर से फोन किया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ और न ही एडीएम ने कॉल बैक की। इसके बाद विधायक ने सीडीओ और प्रभारी जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार को भी फोन किया, लेकिन उन्होंने भी फोन रिसीव नहीं किया। यह पहली घटना नहीं है कि जब जनप्रतिनिधियों की अधिकारियों ने अनदेखी की हो। इससे पहले फूटा बंगला में हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में जानकारी के लिए विधायक रामरतन कुशवाहा और श्रम व सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ का फोन भी तत्कालीन एसपी प्रदीप कुमार और जिलाधिकारी रूपेश कुमार ने रिसीव नहीं किया था। यह घटना शहर में काफी चर्चा का विषय रही थी। इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने फोन न उठाने की शिकायत प्रदेश सरकार व नेतृत्व से करने की बात कही थी। अधिकारियों की शिकायतें जनप्रतिनिधियों तक लेेकर जाने वाली जनता इस उम्मीद से उनके पास जाती है कि शायद उनकी समस्या का निस्तारण हो जाए, लेकिन जब जनप्रतिनिधियों को इस तरह निराश देखती है तो वह खुद को ठगा सा महसूस करती है। नियम यह है कि अधिकारियों को अपने सीयूजी नंबर पर आने वाली हर कॉल का जवाब देना अनिवार्य है, लेकिन शायद अधिकारी इसकी अनदेखी करते हैं।
स्पष्ट कारण नहीं बताया
एडीएम ने सुबह कॉल की थी, लेकिन उन्होंने रात में फोन न रिसीव करने का कोई स्प्ष्ट कारण नहीं बताया। सीडीओ ने भी कॉल की सुबह ही की थी।
रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक
रात में सो गया था
रात में सो गया था, इस कारण फोन नहीं उठा पाया। सुबह जब देखा तो कॉल बैक की थी।
योगेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम
सीडीओ का नहीं उठा फोन
इस संबंध में सीडीओ प्रवीण कुमार लक्षकार का पक्ष जानने के लिए उनके सीयूजी नंबर 9454464960 पर साढे़ सात बजे दो बार कॉल की गई, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
विज्ञापन
ललितपुर।
जिले के वरिष्ठ अधिकारी जब जन प्रतिनिधियों का फोन उठाना जरूरी नहीं समझते तो आम जनता की तो बात ही अलग है। यह आरोप है विधायक रामरतन कुशवाहा का, उनका कहना है कि बृहस्पतिवार को एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह को उन्होंने कई बार फोन किया इसके बाद भी नहीं फोन नहीं उठाया।
विधायक रामरतन कुशवाहा का कहना है कि किसी आवश्यक कार्य से संबंधित बात करने के लिए रात साढ़े नौ बजे उन्होंने एडीएम को फोन किया। लगातार कॉल करने के बाद भी उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। इस दौरान विधायक ने अपने व्यक्तिगत और सीयूजी नंबर से एडीएम के सीयूजी नंबर से फोन किया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ और न ही एडीएम ने कॉल बैक की। इसके बाद विधायक ने सीडीओ और प्रभारी जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार को भी फोन किया, लेकिन उन्होंने भी फोन रिसीव नहीं किया। यह पहली घटना नहीं है कि जब जनप्रतिनिधियों की अधिकारियों ने अनदेखी की हो। इससे पहले फूटा बंगला में हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में जानकारी के लिए विधायक रामरतन कुशवाहा और श्रम व सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ का फोन भी तत्कालीन एसपी प्रदीप कुमार और जिलाधिकारी रूपेश कुमार ने रिसीव नहीं किया था। यह घटना शहर में काफी चर्चा का विषय रही थी। इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने फोन न उठाने की शिकायत प्रदेश सरकार व नेतृत्व से करने की बात कही थी। अधिकारियों की शिकायतें जनप्रतिनिधियों तक लेेकर जाने वाली जनता इस उम्मीद से उनके पास जाती है कि शायद उनकी समस्या का निस्तारण हो जाए, लेकिन जब जनप्रतिनिधियों को इस तरह निराश देखती है तो वह खुद को ठगा सा महसूस करती है। नियम यह है कि अधिकारियों को अपने सीयूजी नंबर पर आने वाली हर कॉल का जवाब देना अनिवार्य है, लेकिन शायद अधिकारी इसकी अनदेखी करते हैं।
विज्ञापन
स्पष्ट कारण नहीं बताया
एडीएम ने सुबह कॉल की थी, लेकिन उन्होंने रात में फोन न रिसीव करने का कोई स्प्ष्ट कारण नहीं बताया। सीडीओ ने भी कॉल की सुबह ही की थी।
रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक
रात में सो गया था
रात में सो गया था, इस कारण फोन नहीं उठा पाया। सुबह जब देखा तो कॉल बैक की थी।
योगेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम
सीडीओ का नहीं उठा फोन
इस संबंध में सीडीओ प्रवीण कुमार लक्षकार का पक्ष जानने के लिए उनके सीयूजी नंबर 9454464960 पर साढे़ सात बजे दो बार कॉल की गई, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।