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32 स्थानों पर मिला 200 ट्राली से अधिक बालू का अवैध भंडार
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कैप्सन - जगह जगह रखी मिली अवैध बालू
- फोटो : TALDEHATE
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तालबेहट/ कड़ेसराकलां। बेतवा नदी से सटे गांवों में बालू के काले कारोबार की खबर के बाद राजस्व विभाग के अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ मौके पर छापा मारा। पूरे क्षेत्र में जगह-जगह अवैध बालू के ढेर लगे थे। 32 जगह 200 से अधिक ट्राली बालू रखी मिलने पर उसे जब्त कर लिया गया।
शासन ने बरसात में नदियों से बालू के खनन पर रोक लगा दी है। लेकिन, क्षेत्र में बालू का अवैध कारोबार करने वालों ने बेतवा नदी के किनारे बसे ग्राम कड़ेसराकलां, वर्माबिहार, शाहपुर, झरर, पवा, सुनौरी आदि गांवों में बड़े पैमाने पर अवैध बालू को डंप किया जा रहा है। इसमें शामिल कारोबारी अपनी दंबगई के बल पर इस कार्य को खुलेआम अंजाम दे रहे थे। इसे संज्ञान में लेकर ‘अमर उजाला’ ने पेज पांच पर रविवार के अंक में ‘माफिया खुलेआम कर रहे है अवैध खनन’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद रविवार की सुबह उपजिलाधिकारी मोहम्मद कमर, पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र कुमार सिंह, सहायक वन सरंक्षक आरएस यादव, तहसीलदार सौरभ पांडेय और नायब तहसीलदार ललित कुमार पांडेय के साथ मौके पर गए। अधिकारियों के आने की सूचना पाते ही खनन कारोबारी मौके से वाहन लेकर भाग गए। फिलहाल वन विभाग, पुलिस और ग्राम प्रधान ने बालू की सुपुर्दगी नहीं ली।
वन विभाग की जमीन पर भी रख दी थी बालू
अधिकारियों ने जैसे ही वहां एकत्रित अवैध बालू का जखीरा देखा तो वह सन्न रह गए। जगह- जगह नदी से निकाली गई बालू को डंप किया गया था। अपनी हनक के कारण उन्होंने वन विभाग की भूमि तक में अवैध बालू रख दी थी। उन्हें इस बात का भी डर नहीं रहा कि इस समय पौधरोपण चल रहा है और कोई अधिकारी निरीक्षण करने भी आ सकता है। समाचार लिखे जाने तक मौके से बरामद बालू की जब्ती और कार्रवाई की तैयारी चल रही थी। सक्रिय माफिया मामले को रफा- दफा कराने की जुगत में अधिकारियों के कार्यालयों की परिक्रमा में जुट गए थे।
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बेतवा नदी के आसपास ग्राम वर्मा बिहार और शाहपुर में करीब 32 जगह पर 200 ट्राली बालू रखी थी। बालू कारोबारियों की दबंगई के कारण उस बालू की सुपर्दगी लेने के लिए वन विभाग, खनन विभाग, पुलिस और ग्राम प्रधान तक तैयार नहीं हो रहे थे और न कोई सुपुर्दगी में लेने को तैयार था।
- सौरभ पांडेय, तहसीलदार तालबेहट
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40 से 45 ट्राली बालू होगी, जो वन विभाग की नहीं है। ग्राम सभा की है। वन विभाग के कर्मचारी की मिली भगत की जांच होगी। आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई होगी। पौधरोपण को कोई क्षति नहीं हुई।
- प्रेमशंकर तिवारी, वन क्षेत्राधिकारी तालबेहट
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लगभग 400 घनमीटर बालू मौके पर मिली है। खनन अधिकारी को मामला पंजीकृत कराने के निर्देेश दिए गए हैं।
- मोहम्मद कमर, उपजिलाधिकारी तालबेहट
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शासन ने बरसात में नदियों से बालू के खनन पर रोक लगा दी है। लेकिन, क्षेत्र में बालू का अवैध कारोबार करने वालों ने बेतवा नदी के किनारे बसे ग्राम कड़ेसराकलां, वर्माबिहार, शाहपुर, झरर, पवा, सुनौरी आदि गांवों में बड़े पैमाने पर अवैध बालू को डंप किया जा रहा है। इसमें शामिल कारोबारी अपनी दंबगई के बल पर इस कार्य को खुलेआम अंजाम दे रहे थे। इसे संज्ञान में लेकर ‘अमर उजाला’ ने पेज पांच पर रविवार के अंक में ‘माफिया खुलेआम कर रहे है अवैध खनन’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद रविवार की सुबह उपजिलाधिकारी मोहम्मद कमर, पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र कुमार सिंह, सहायक वन सरंक्षक आरएस यादव, तहसीलदार सौरभ पांडेय और नायब तहसीलदार ललित कुमार पांडेय के साथ मौके पर गए। अधिकारियों के आने की सूचना पाते ही खनन कारोबारी मौके से वाहन लेकर भाग गए। फिलहाल वन विभाग, पुलिस और ग्राम प्रधान ने बालू की सुपुर्दगी नहीं ली।
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वन विभाग की जमीन पर भी रख दी थी बालू
अधिकारियों ने जैसे ही वहां एकत्रित अवैध बालू का जखीरा देखा तो वह सन्न रह गए। जगह- जगह नदी से निकाली गई बालू को डंप किया गया था। अपनी हनक के कारण उन्होंने वन विभाग की भूमि तक में अवैध बालू रख दी थी। उन्हें इस बात का भी डर नहीं रहा कि इस समय पौधरोपण चल रहा है और कोई अधिकारी निरीक्षण करने भी आ सकता है। समाचार लिखे जाने तक मौके से बरामद बालू की जब्ती और कार्रवाई की तैयारी चल रही थी। सक्रिय माफिया मामले को रफा- दफा कराने की जुगत में अधिकारियों के कार्यालयों की परिक्रमा में जुट गए थे।
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बेतवा नदी के आसपास ग्राम वर्मा बिहार और शाहपुर में करीब 32 जगह पर 200 ट्राली बालू रखी थी। बालू कारोबारियों की दबंगई के कारण उस बालू की सुपर्दगी लेने के लिए वन विभाग, खनन विभाग, पुलिस और ग्राम प्रधान तक तैयार नहीं हो रहे थे और न कोई सुपुर्दगी में लेने को तैयार था।
- सौरभ पांडेय, तहसीलदार तालबेहट
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40 से 45 ट्राली बालू होगी, जो वन विभाग की नहीं है। ग्राम सभा की है। वन विभाग के कर्मचारी की मिली भगत की जांच होगी। आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई होगी। पौधरोपण को कोई क्षति नहीं हुई।
- प्रेमशंकर तिवारी, वन क्षेत्राधिकारी तालबेहट
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लगभग 400 घनमीटर बालू मौके पर मिली है। खनन अधिकारी को मामला पंजीकृत कराने के निर्देेश दिए गए हैं।
- मोहम्मद कमर, उपजिलाधिकारी तालबेहट
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