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Lalitpur News: किशेारी से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष का कारावास
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अदालत ने सुनाई सजा, 23 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र निवासी किशोरी से दुष्कर्म के अभियुक्त को दोषी पाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) नवनीत कुमार भारती की अदालत ने 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 23 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
कोतवाली अंतर्गत एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने साढ़े पांच वर्ष पूर्व कोतवाली में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि पांच अगस्त 2019 को थाना नाराहट अंतर्गत ग्राम ककरुआ निवासी बलराम पुत्र मुलू उसकी नाबालिग बेटी को फुसलाकर भगा ले गया है। इस पर कोतवाली पुलिस ने पिता की तहरीर पर 13 अगस्त 2019 को रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धारा में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश ने उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त को दुष्कर्म के अपराध में दोष सिद्ध पाते हुए सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी आदेश दिए कि अर्थदंड अदा होने पर 80 फीसदी राशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में अदा की जाए। इस मामले में जल्द से जल्द गवाही करवाने में कोर्ट मुहर्रिर पंकज सिंह व राधा दुबे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह गौर ने बताया कि दुष्कर्म के अपराध में सजा होने पर न्यायालय ने पाया कि पॉक्सो व अपहरण के मामले में अलग-अलग सजा की आवश्यकता नहीं है। अभियुक्त जमानत पर चल रहा था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र निवासी किशोरी से दुष्कर्म के अभियुक्त को दोषी पाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) नवनीत कुमार भारती की अदालत ने 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 23 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
कोतवाली अंतर्गत एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने साढ़े पांच वर्ष पूर्व कोतवाली में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि पांच अगस्त 2019 को थाना नाराहट अंतर्गत ग्राम ककरुआ निवासी बलराम पुत्र मुलू उसकी नाबालिग बेटी को फुसलाकर भगा ले गया है। इस पर कोतवाली पुलिस ने पिता की तहरीर पर 13 अगस्त 2019 को रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धारा में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश ने उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त को दुष्कर्म के अपराध में दोष सिद्ध पाते हुए सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी आदेश दिए कि अर्थदंड अदा होने पर 80 फीसदी राशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में अदा की जाए। इस मामले में जल्द से जल्द गवाही करवाने में कोर्ट मुहर्रिर पंकज सिंह व राधा दुबे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह गौर ने बताया कि दुष्कर्म के अपराध में सजा होने पर न्यायालय ने पाया कि पॉक्सो व अपहरण के मामले में अलग-अलग सजा की आवश्यकता नहीं है। अभियुक्त जमानत पर चल रहा था।
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