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वर्मी कंपोस्ट एवं गोमूत्र से बीमार भूमि का होगा उपचार: रणवेंद्र

Fri, 29 Jun 2018 02:16 AM IST
Updated Fri, 29 Jun 2018 02:16 AM IST
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वर्मी कंपोस्ट एवं गोमूत्र से बीमार भूमि का होगा उपचार: रणवेंद्र
वर्मी कंपोस्ट एवं गोमूत्र से बीमार भूमि का होगा उपचार: रणवेंद्र
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पुरानी पद्धति अपनाने से किसान होंगे समृद्ध
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। प्रदेश के कृषि शिक्षा और अनुसंधान राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि कृषि विभाग अब पूर्वजों की पद्धति की ओर लोटेगा। जो रासायनिक खादों से अन्न पैदा हो रहा है, उसे दूसरे देश भी स्वीकार नहीं कर रहे हैं। यही नहीं, इस अन्न से रक्तचाप, कैंसर जैसी बीमारी फैल रही हैं। इसे ध्यान में रखकर वर्मी कंपोस्ट, गो मूत्र व गोबर के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। एक साल के अंदर गो मूत्र को विभागीय योजनाओं में शामिल करने की कानूनी मान्यता मिल जाएगी। पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने यह बात कही। वे खिरिया मिश्र कृषि फार्म में आयोजित कृषि गोष्ठी में शामिल होने के लिए आए थे।

उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों को खेतों में डालकर जो अन्न पैदा किया जा रहा है। उसे खाने से लोगों में रक्तचाप, कैंसर सहित विभिन्न बीमारियां हो रही हैं। इस अन्न को दूसरे देश भी लेने से कतरा रहे हैं। इसे ध्यान में रखकर पिछले एक साल हमने स्वयं गोमूत्र एवं वर्मी कंपोस्ट से धान, आलू व सब्जी को उगाया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हमारी बात हुई है। उन्होंने हमें इस कार्य के लिए पूरे प्रदेश में लगाया है। जो हम कीटनाशक व रासायनिक खादों का अंधाधुंध तरीके से इस्तेमाल कर धरती को खराब कर चुके हैं, उसमें गोमूत्र व गाय के गोबर का प्रयोग कर उसे उपजाऊ बना सकते हैं। इससे जो अन्न पैदा होगा वह पूरी तरह पौष्टिक होगा। इसे बढ़ावा देने के लिए यहां आए हैं। एक दो साल में किसान को इसका लाभ मिलेगा। पार्टी के कार्यकर्ता एवं विधायक इनका प्रयोग करेंगे तो किसान भी इसका प्रयोग करने के लिए आगे आएगा। वर्मी कंपोस्ट व हरी खाद को पहले से ही कानूनी मान्यता है लेकिन गो मूत्र को नहीं है। जिसके लिए केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने प्रयास शुरू कर दिया है। एक साल के अंदर इसे भी कानूनी मान्यता मिल जाएगी। जिसके उपरांत इसे विभागीय योजनाओं में शामिल कर लिया जाएगा। वर्मी कंपोस्ट, जैविक खाद वितरण में धांधली पर उन्होंने कहा कि कलस्टर के माध्यम से किसानों को कृषि योजनाओं की जानकारी दी जाती है। यदि कलस्टर में कहीं गड़बड़ी हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी। एनएमएसए योजना के भैंस वितरण का मामला संज्ञान में आया है। सोमवार को इसमें कार्रवाई के लिए लिख देंगे। खिरिया मिश्र कृषि फार्म की भूमि पर अतिक्रमण होने के मामले में उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी व उप कृषि निदेशक से बातकर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया जाएगा। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश कुमार सिंह, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, चंद्रशेखर पंथ, जेके सिंह, देवेंद्र गुरू आदि उपस्थित रहे।
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