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परिषदीय विद्यालयों के सरकारी शिक्षकों की अवैध कोचिंगों पर नहीं नजर
Updated Thu, 09 Nov 2017 01:42 AM IST
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गुरुजी कोचिंग में व्यस्त, प्रशासन मौन
शहर में बेखौफ संचालित हो रही अवैध कोचिंग
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाने वाले सरकारी शिक्षकों द्वारा जिला मुख्यालय पर अवैध तरीके से कोचिंग संचालित की जा रही हैं। यह कोचिंग पूरे शहर में चल रहीं हैं, लेकिन इनसे विभागीय अधिकारी व जांच कमेटी के अधिकारी लगातार अंजान बने हुए हैं।
अवैध कोचिंग क्लासों पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा परिषद की है। इसके अलावा जनपद में इन पर अंकुश लगाने के लिए पूर्व में जांच कमेटी गठित की गई है। इस जांच कमेटी द्वारा पूर्व में कुछ कोचिंग सेंटरों पर छापामार कार्रवाई की गई थी, लेकिन इसके बावजूद शहर में अवैध तरीके से कौंचिग संचालित हो रही है। सबसे ज्यादा अवैध कोचिंग सरकारी शिक्षकों द्वारा की संचालित की जाती है, क्योंकि सरकारी शिक्षक ही अपनी कोचिंग का रजिस्ट्रेशन नहीं करा सकते हैं। वरना कोचिंग लाइसेंस का वार्षिक शुल्क तो न के बराबर ही होता है। पूर्व में जितनी भी कार्रवाई की गई हमेशा ही माध्यमिक परिषद के सरकारी शिक्षकों को ही निशाने पर लिया गया है, जबकि इन अवैध कोचिंगों की रेस में परिषदीय विद्यालयों के सरकारी शिक्षक पीछे नहीं है। शहर के लक्ष्मीपुरा में भौतिक व रसायन विज्ञान की कोचिंग संचालित हो रही है, जिसमें परिषदीय विद्यालय के ही शिक्षक पढ़ाते हैं। इसी तरह नई बस्ती में सूचना केंद्र के पास संचालित अंग्रेजी की प्रचलित कोचिंग भी बेसिक शिक्षा विभाग के ही शिक्षक द्वारा संचालित की जा रही है। इसी तरह जिला मुख्यालय के अन्य मुुहल्लों तालाबपुरा, सिविल लाइन समेत जनपद के अनेकों क्षेत्रों में बेसिक शिक्षा परिषद के सरकारी शिक्षकों द्वारा अवैध कोचिंग संचालित की जा रही है।
सभी पर होगी कार्रवाई
यदि किसी के द्वारा भी अवैध कोचिंग संचालित की जा रही है तो उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर की जाएगी। सरकारी शिक्षकों पर विशेष नजर रखी जाएगी और अवैध कोचिंगों के खिलाफ सख्ती से अभियान जारी रहेगा।
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- वीरेंद्र कुमार दुबे
जिला विद्यालय निरीक्षक, ललितपुर।
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शहर में बेखौफ संचालित हो रही अवैध कोचिंग
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाने वाले सरकारी शिक्षकों द्वारा जिला मुख्यालय पर अवैध तरीके से कोचिंग संचालित की जा रही हैं। यह कोचिंग पूरे शहर में चल रहीं हैं, लेकिन इनसे विभागीय अधिकारी व जांच कमेटी के अधिकारी लगातार अंजान बने हुए हैं।
अवैध कोचिंग क्लासों पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा परिषद की है। इसके अलावा जनपद में इन पर अंकुश लगाने के लिए पूर्व में जांच कमेटी गठित की गई है। इस जांच कमेटी द्वारा पूर्व में कुछ कोचिंग सेंटरों पर छापामार कार्रवाई की गई थी, लेकिन इसके बावजूद शहर में अवैध तरीके से कौंचिग संचालित हो रही है। सबसे ज्यादा अवैध कोचिंग सरकारी शिक्षकों द्वारा की संचालित की जाती है, क्योंकि सरकारी शिक्षक ही अपनी कोचिंग का रजिस्ट्रेशन नहीं करा सकते हैं। वरना कोचिंग लाइसेंस का वार्षिक शुल्क तो न के बराबर ही होता है। पूर्व में जितनी भी कार्रवाई की गई हमेशा ही माध्यमिक परिषद के सरकारी शिक्षकों को ही निशाने पर लिया गया है, जबकि इन अवैध कोचिंगों की रेस में परिषदीय विद्यालयों के सरकारी शिक्षक पीछे नहीं है। शहर के लक्ष्मीपुरा में भौतिक व रसायन विज्ञान की कोचिंग संचालित हो रही है, जिसमें परिषदीय विद्यालय के ही शिक्षक पढ़ाते हैं। इसी तरह नई बस्ती में सूचना केंद्र के पास संचालित अंग्रेजी की प्रचलित कोचिंग भी बेसिक शिक्षा विभाग के ही शिक्षक द्वारा संचालित की जा रही है। इसी तरह जिला मुख्यालय के अन्य मुुहल्लों तालाबपुरा, सिविल लाइन समेत जनपद के अनेकों क्षेत्रों में बेसिक शिक्षा परिषद के सरकारी शिक्षकों द्वारा अवैध कोचिंग संचालित की जा रही है।
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सभी पर होगी कार्रवाई
यदि किसी के द्वारा भी अवैध कोचिंग संचालित की जा रही है तो उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर की जाएगी। सरकारी शिक्षकों पर विशेष नजर रखी जाएगी और अवैध कोचिंगों के खिलाफ सख्ती से अभियान जारी रहेगा।
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- वीरेंद्र कुमार दुबे
जिला विद्यालय निरीक्षक, ललितपुर।