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आफत:कंबल एवं गर्म कपड़ों के अभाव में ठिठुर रहे निर्धन एवं असहाय
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कंबल एवं गर्म कपड़ों के अभाव में ठिठुर रहे असहाय
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। ठिठुरन भरी सर्दी में निर्धन और असहायों को कंबल वितरित नहीं हो पाए हैं। ऐसे में असहायों के लिए रैन बसेरा व अलाव ही सहारा रह गया है। इससे उनको रात काटना मुश्किल हो रहा है।
इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है। रात्रि में ओस गिरने से ठंड बढ़ जाती है। इस मौसम में भी निर्धन और असहायों के लिए गर्म कपड़े व कंबल का इंतजाम नहीं हो पाया है। नगर पालिका परिषद ने कोतवाली के पास रैन बसेरा खोला है, जिसमें दस पलंग की व्यवस्था की गई है। वहीं, जिला अस्पताल स्थित रैन बसेरा में पलंग की व्यवस्था नहीं है। इससे यहां रहने वाले लोगों को फर्श पर लेटकर रात बितानी पड़ती है। हालांकि, चौराहों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है लेकिन नगर पालिका परिषद की ओर से अब तक कंबल की व्यवस्था नहीं हो सकी है। ऐसे में असहाय एवं निर्धनों की परेशानी कम नहीं हो पाई है।
पत्नी शांति श्वास की मरीज हैं। जिसके उपचार के लिए रैन बसेरा में डेरा जमा लिया है। उनके साथ वह खुद भी रह रहे हैं। यहां शाम को एक कंबल मिलता है। इसी एक कंबल से ठंड बचाते हैं। इसे सुबह जमा कराया जाता है।
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बाबूलाल, ग्राम धौर्रा
शरीर के दाये अंग में पेरालिसिस हो गया है। जिसके चलते रैन बेसरा में रहकर इसका उपचार करा रहे हैं। ठंड अधिक पड़ रही है, ऐसे में खुले रैन बसेरा में काफी दिक्कत होती है।
रामरतन
सदनशाह के पास एक झोपड़ी में रहते हैं। कंबल लेने के लिए यहां आते हैं। इसके बाद कंबल लेकर वापस झोपड़ी में रात काटने के लिए चले जाते हैं।
हल्लू
.....
बाटे जा रहे कंबल
तहसील स्तर पर कंबल का वितरण आरंभ हो गया है। नगर पालिका की ओर से शीघ्र ही कंबलों का वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
घनश्याम वर्मा, एसडीएम सदर
खुलवाया जा रहा रैन बसेरा
बाबा सदनशाह दरगाह के परिसर में स्थित रैन बसेरा भी खुलवाया जा रहा है।
रजनी साहू, अध्यक्ष, पालिकाध्यक्ष
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। ठिठुरन भरी सर्दी में निर्धन और असहायों को कंबल वितरित नहीं हो पाए हैं। ऐसे में असहायों के लिए रैन बसेरा व अलाव ही सहारा रह गया है। इससे उनको रात काटना मुश्किल हो रहा है।
इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है। रात्रि में ओस गिरने से ठंड बढ़ जाती है। इस मौसम में भी निर्धन और असहायों के लिए गर्म कपड़े व कंबल का इंतजाम नहीं हो पाया है। नगर पालिका परिषद ने कोतवाली के पास रैन बसेरा खोला है, जिसमें दस पलंग की व्यवस्था की गई है। वहीं, जिला अस्पताल स्थित रैन बसेरा में पलंग की व्यवस्था नहीं है। इससे यहां रहने वाले लोगों को फर्श पर लेटकर रात बितानी पड़ती है। हालांकि, चौराहों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है लेकिन नगर पालिका परिषद की ओर से अब तक कंबल की व्यवस्था नहीं हो सकी है। ऐसे में असहाय एवं निर्धनों की परेशानी कम नहीं हो पाई है।
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पत्नी शांति श्वास की मरीज हैं। जिसके उपचार के लिए रैन बसेरा में डेरा जमा लिया है। उनके साथ वह खुद भी रह रहे हैं। यहां शाम को एक कंबल मिलता है। इसी एक कंबल से ठंड बचाते हैं। इसे सुबह जमा कराया जाता है।
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बाबूलाल, ग्राम धौर्रा
शरीर के दाये अंग में पेरालिसिस हो गया है। जिसके चलते रैन बेसरा में रहकर इसका उपचार करा रहे हैं। ठंड अधिक पड़ रही है, ऐसे में खुले रैन बसेरा में काफी दिक्कत होती है।
रामरतन
सदनशाह के पास एक झोपड़ी में रहते हैं। कंबल लेने के लिए यहां आते हैं। इसके बाद कंबल लेकर वापस झोपड़ी में रात काटने के लिए चले जाते हैं।
हल्लू
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बाटे जा रहे कंबल
तहसील स्तर पर कंबल का वितरण आरंभ हो गया है। नगर पालिका की ओर से शीघ्र ही कंबलों का वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
घनश्याम वर्मा, एसडीएम सदर
खुलवाया जा रहा रैन बसेरा
बाबा सदनशाह दरगाह के परिसर में स्थित रैन बसेरा भी खुलवाया जा रहा है।
रजनी साहू, अध्यक्ष, पालिकाध्यक्ष