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बारिश आई तो मंडी खुले में खड़े रहे अनाज से लदे ट्रैक्टर
Updated Mon, 09 Apr 2018 02:08 AM IST
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बारिश में मंडी खुले में खड़े रहे अनाज लदे ट्रैक्टर
गल्ला मंडी में आ रही बंपर आवक, शनिवार को 35 हजार क्विंटल तक आवक
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
गल्ला मंडी में गेहूं, चना व अन्य जिसों की बंपर आवक आ रही है। किसानों को तत्काल रुपयों की जरूरत के कारण वह ट्रैक्टरों में अनाज भरकर सीधे मंडी में आढ़तियों के पास पहुंच रहा है। शनिवार को भी गल्ला मंडी में करीब 35 हजार क्विंटल तक आवक रही, लेकिन शाम को तेज आंधी तूफान के साथ बारिश हुई तो किसान यहां अनाज से लदे ट्रैक्टर खुुले में रखने को बेबस भी दिखा।
गेहूं व चना की फसल की कटान के बाद अप्रैल माह की शुरुआत से ही गल्ला मंडी विभिन्न जिंसों की अच्छी आवक हो रही है। किसान कटान के बाद सीधा अनाज लेकर गल्ला मंडी पहुंच रहा है। करीब चार दिनों से मंडी में 25 से 35 हजार क्विंटल जिंस की रोज आवक हो रही है। इससे मंडी परिसर के साथ ही मंडी के बाहर सड़क पर भी रोजाना जाम लग जा रहा है। ऐसे में किसानों का अनाज आढ़तिया ट्रॉली से खाली कराकर अपनी दुकानों के सामने रख रहे हैं या फिर तौल नहीं होने पर ट्रैक्टर में ही रखा होता है। ऐसा ही हाल शनिवार को भी उस समय देेखने को मिला जब किसान भारी संख्या में मंडी में अनाज लेकर तो पहुंच गए, लेकिन मौसम के बदले मिजाज ने किसानों व व्यापारियों के लिए यहां समस्याएं खड़ी कर दी। मौसम बदलने के साथ ही शनिवार की शाम को हल्की बारिश होने लगी। इससे ट्रैक्टरों में और आढ़तियों की दुकानों के सामने रखा गेहूं भी गीला होने लगा। आढ़तियों ने तो किसी प्रकार जितना हो सका, गेहूं व अन्य जिंसों को ढकने का प्रबंध किया, लेकिन ट्रैक्टरों में रखा गेहूं किसानों के लिए चिंता का सबब बन गया, हालांकि जिन किसानों ने अपना गेहूं दोपहर तक तुलवा लिया था, वह तो सकून में रहे, लेकिन बहुत से किसानों का गेहूं ट्रैक्टरों में ही लदा पड़ा रहा। हालांकि देर शाम तक अधिकांश किसानों ने अपना गेहूं आढ़तियों के सुपुर्द करते हुए किसी प्रकार राहत की सांस ली। वहीं, आढ़तियों ने भी बदलते मौसम के चलते जल्दबाजी करते हुए खुले में रखे गेहूं को गोदामों व चबूतरों पर रखवाया। हालांकि बारिश बहुत ज्यादा तेज नहीं होने के कारण बहुत ज्यादा नुकसान होने से बच गया।
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गल्ला मंडी में आ रही बंपर आवक, शनिवार को 35 हजार क्विंटल तक आवक
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
गल्ला मंडी में गेहूं, चना व अन्य जिसों की बंपर आवक आ रही है। किसानों को तत्काल रुपयों की जरूरत के कारण वह ट्रैक्टरों में अनाज भरकर सीधे मंडी में आढ़तियों के पास पहुंच रहा है। शनिवार को भी गल्ला मंडी में करीब 35 हजार क्विंटल तक आवक रही, लेकिन शाम को तेज आंधी तूफान के साथ बारिश हुई तो किसान यहां अनाज से लदे ट्रैक्टर खुुले में रखने को बेबस भी दिखा।
गेहूं व चना की फसल की कटान के बाद अप्रैल माह की शुरुआत से ही गल्ला मंडी विभिन्न जिंसों की अच्छी आवक हो रही है। किसान कटान के बाद सीधा अनाज लेकर गल्ला मंडी पहुंच रहा है। करीब चार दिनों से मंडी में 25 से 35 हजार क्विंटल जिंस की रोज आवक हो रही है। इससे मंडी परिसर के साथ ही मंडी के बाहर सड़क पर भी रोजाना जाम लग जा रहा है। ऐसे में किसानों का अनाज आढ़तिया ट्रॉली से खाली कराकर अपनी दुकानों के सामने रख रहे हैं या फिर तौल नहीं होने पर ट्रैक्टर में ही रखा होता है। ऐसा ही हाल शनिवार को भी उस समय देेखने को मिला जब किसान भारी संख्या में मंडी में अनाज लेकर तो पहुंच गए, लेकिन मौसम के बदले मिजाज ने किसानों व व्यापारियों के लिए यहां समस्याएं खड़ी कर दी। मौसम बदलने के साथ ही शनिवार की शाम को हल्की बारिश होने लगी। इससे ट्रैक्टरों में और आढ़तियों की दुकानों के सामने रखा गेहूं भी गीला होने लगा। आढ़तियों ने तो किसी प्रकार जितना हो सका, गेहूं व अन्य जिंसों को ढकने का प्रबंध किया, लेकिन ट्रैक्टरों में रखा गेहूं किसानों के लिए चिंता का सबब बन गया, हालांकि जिन किसानों ने अपना गेहूं दोपहर तक तुलवा लिया था, वह तो सकून में रहे, लेकिन बहुत से किसानों का गेहूं ट्रैक्टरों में ही लदा पड़ा रहा। हालांकि देर शाम तक अधिकांश किसानों ने अपना गेहूं आढ़तियों के सुपुर्द करते हुए किसी प्रकार राहत की सांस ली। वहीं, आढ़तियों ने भी बदलते मौसम के चलते जल्दबाजी करते हुए खुले में रखे गेहूं को गोदामों व चबूतरों पर रखवाया। हालांकि बारिश बहुत ज्यादा तेज नहीं होने के कारण बहुत ज्यादा नुकसान होने से बच गया।
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