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हस्ताक्षर करके अध्यापक स्कूल से मिले गायब
Updated Tue, 12 Dec 2017 01:30 AM IST
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हस्ताक्षर करके अध्यापक स्कूल से मिले गायब
ललितपुर। मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण कुमार लक्ष्यकार ने आठ दिसंबर को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय महरौनी का निरीक्षण किया, इसमें कई खामियां मिलीं, इस पर उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में मुख्य विकास अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान पाया कि विद्यालय में कार्यरत स्टाफ में इंचार्ज वार्डन व फुल टाइम अध्यापिका असमत सिद्दीकी उपस्थित मिली, लेकिन उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर नहीं किए थे। फुलटाइम अध्यापपिका अन्नपूर्णा वर्मा हस्ताक्षर करके विद्यालय से अनुपस्थित रहीं। अध्यापिका विजय लक्ष्मी चिकित्सा अवकाश पर पाई गईं। पार्ट टाईम अध्यापक रवींद्र आनंद हस्ताक्षर करके अनुपस्थित रहे। फुलटाइम लेखाकार आराधना खरे बिना सूचना के अनुपस्थित मिलीं। फुलटाइम चपरासी महेंद्र जैन उपस्थित रहा, लेकिन उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर नहीं किए। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि अनुपस्थित कर्मचारियों का स्पष्टीकरण लेकर 7 दिन के अंदर उनके समक्ष प्रस्तुत करें तथा उनकी बिना अनुमति के उक्त कर्मचारियों की अनुपस्थिति की तिथि का मानदेय आहरित न किया जाए।
विद्यालय में पंजीकृत छात्राओं की उपस्थिति के विषय में पाया गया कि कक्षा छह में 39 पंजीकृत छात्राओं में से उपस्थिति पंजिका में 33 दर्ज मिलीं, जबकि कक्षा में 31 उपस्थित मिलीं। वहीं कक्षा सात में 37 में से उपस्थिति पंजिका में 35 दर्ज मिली, जबकि 34 उपस्थित मिलीं, इसमें एक छात्रा बीमार थी, जो कक्षा में लेटी थी। इसमें दो छात्राओं के बारे में बताया कि गया कि एक छात्रा बीमार होने के कारण उसके साथ दूसरी छात्रा घर चली गई है। विद्यालय का निरीक्षण के दौरान पाया कि केवल कक्षा 8 की छात्राओं को पढ़ने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था है।
प्रथम तल पर जहां छात्राएं रहती हैं, उन कमरों की अधिकांश खिड़कियों के शीशे टूटे हुए पाए गए तथा साफ-सफाई की व्यवस्था भी ठीक नहीं पाई गई। छात्राओं का जो सामान रखा था, वह सुव्यवस्थित ढंग से नहीं रखा गया था। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सर्दियों का मौसम है, इसलिए शीघ्र इन टूटे हुए शीशों को बदलवा दिया जाए। विद्यालय में रखा हुआ टेलीविजन विगत 6 माह से खराब बताया गया। विद्यालय में बायोमैट्रिक मशीन लगी है, लेकिन वार्डन या अन्य कोई शिक्षिका उसे संचालित करने के विषय में नहीं जानती हैं। वार्डन द्वारा बताया गया कि लेखाकार आराधना खरे इसको संचालित करना जानती हैं, जो मौके पर अनुपस्थित थीं, इसके कारण कर्मचारियों के आने-जाने के वास्तविक समय को नहीं देखा जा सका। कक्षा 6 की छात्राओं के खाना खाने के बाद जब दूसरी कक्षा की छात्राओं को खाना खिलाने के लिए बैठाया गया, तो वहां पर सफाई नहीं की गई थी। छात्राओं द्वारा खाया हुआ खाना कुछ मात्रा में गिरा हुआ पड़ा था तथा गंदगी फैली थी। कक्षा 8 की छात्राओं को पर्यावरण एवं स्काउट गाइड की किताबें तथा कक्षा 7 की छात्राओं को पर्यावरण की किताबें नहीं मिलीं। छात्राओं से पर्यावरण के विषय में कुछ प्रश्न किए गए, जिसके विषय में वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। कक्षा सात की छात्रा लक्ष्मी से कलरव तथा रिषि यादव से प्रभात का अर्थ पूछा गया, जिसका वह सही जवाब नहीं दे सकीं। कक्षा 6 की छात्राएं भोजन करने के लिए गई थीं, इसलिए उनकी शैक्षिक गुणवत्ता की जांच नहीं की जा सकी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि विद्यालय के शैक्षिक स्तर में सुधार लाना सुनिश्चित कराएं।
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ललितपुर। मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण कुमार लक्ष्यकार ने आठ दिसंबर को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय महरौनी का निरीक्षण किया, इसमें कई खामियां मिलीं, इस पर उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में मुख्य विकास अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान पाया कि विद्यालय में कार्यरत स्टाफ में इंचार्ज वार्डन व फुल टाइम अध्यापिका असमत सिद्दीकी उपस्थित मिली, लेकिन उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर नहीं किए थे। फुलटाइम अध्यापपिका अन्नपूर्णा वर्मा हस्ताक्षर करके विद्यालय से अनुपस्थित रहीं। अध्यापिका विजय लक्ष्मी चिकित्सा अवकाश पर पाई गईं। पार्ट टाईम अध्यापक रवींद्र आनंद हस्ताक्षर करके अनुपस्थित रहे। फुलटाइम लेखाकार आराधना खरे बिना सूचना के अनुपस्थित मिलीं। फुलटाइम चपरासी महेंद्र जैन उपस्थित रहा, लेकिन उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर नहीं किए। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि अनुपस्थित कर्मचारियों का स्पष्टीकरण लेकर 7 दिन के अंदर उनके समक्ष प्रस्तुत करें तथा उनकी बिना अनुमति के उक्त कर्मचारियों की अनुपस्थिति की तिथि का मानदेय आहरित न किया जाए।
विद्यालय में पंजीकृत छात्राओं की उपस्थिति के विषय में पाया गया कि कक्षा छह में 39 पंजीकृत छात्राओं में से उपस्थिति पंजिका में 33 दर्ज मिलीं, जबकि कक्षा में 31 उपस्थित मिलीं। वहीं कक्षा सात में 37 में से उपस्थिति पंजिका में 35 दर्ज मिली, जबकि 34 उपस्थित मिलीं, इसमें एक छात्रा बीमार थी, जो कक्षा में लेटी थी। इसमें दो छात्राओं के बारे में बताया कि गया कि एक छात्रा बीमार होने के कारण उसके साथ दूसरी छात्रा घर चली गई है। विद्यालय का निरीक्षण के दौरान पाया कि केवल कक्षा 8 की छात्राओं को पढ़ने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था है।
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प्रथम तल पर जहां छात्राएं रहती हैं, उन कमरों की अधिकांश खिड़कियों के शीशे टूटे हुए पाए गए तथा साफ-सफाई की व्यवस्था भी ठीक नहीं पाई गई। छात्राओं का जो सामान रखा था, वह सुव्यवस्थित ढंग से नहीं रखा गया था। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सर्दियों का मौसम है, इसलिए शीघ्र इन टूटे हुए शीशों को बदलवा दिया जाए। विद्यालय में रखा हुआ टेलीविजन विगत 6 माह से खराब बताया गया। विद्यालय में बायोमैट्रिक मशीन लगी है, लेकिन वार्डन या अन्य कोई शिक्षिका उसे संचालित करने के विषय में नहीं जानती हैं। वार्डन द्वारा बताया गया कि लेखाकार आराधना खरे इसको संचालित करना जानती हैं, जो मौके पर अनुपस्थित थीं, इसके कारण कर्मचारियों के आने-जाने के वास्तविक समय को नहीं देखा जा सका। कक्षा 6 की छात्राओं के खाना खाने के बाद जब दूसरी कक्षा की छात्राओं को खाना खिलाने के लिए बैठाया गया, तो वहां पर सफाई नहीं की गई थी। छात्राओं द्वारा खाया हुआ खाना कुछ मात्रा में गिरा हुआ पड़ा था तथा गंदगी फैली थी। कक्षा 8 की छात्राओं को पर्यावरण एवं स्काउट गाइड की किताबें तथा कक्षा 7 की छात्राओं को पर्यावरण की किताबें नहीं मिलीं। छात्राओं से पर्यावरण के विषय में कुछ प्रश्न किए गए, जिसके विषय में वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। कक्षा सात की छात्रा लक्ष्मी से कलरव तथा रिषि यादव से प्रभात का अर्थ पूछा गया, जिसका वह सही जवाब नहीं दे सकीं। कक्षा 6 की छात्राएं भोजन करने के लिए गई थीं, इसलिए उनकी शैक्षिक गुणवत्ता की जांच नहीं की जा सकी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि विद्यालय के शैक्षिक स्तर में सुधार लाना सुनिश्चित कराएं।
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