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एबीआरसी की वास्तविक स्थिति बताने से कतरा रहे बीईओ
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एबीआरसी की वास्तविक स्थिति बताने से कतरा रहे बीईओ
ललितपुर। जिले के चिह्नित 11 सह समन्वयकों के खिलाफ कार्रवाई अमल में नहीं आ पा रही है। बीएसए के कई बार निर्देश देने के बाद भी सभी ब्लाकों से एबीआरसी के संबंध में आख्या प्राप्त नहीं हो सकी है। इसमें कुछ बीईओ की उदासीनता आड़े आ रही है।
परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के शैक्षिक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए प्रत्येक ब्लाक में विषयवार सह समन्वयकों को रखा गया है। उन्हें प्रतिदिन दो व महीने में कम से कम बीस स्कूलों का कक्षा अवलोकन और अनुश्रवण करने का दायित्व सौंपा गया है। इनके कामकाज की वास्तविक स्थिति से परिचित होने के लिए ‘ईक्षा’ ऐप विकसित किया गया है। स्कूल पहुंचने पर कक्षावलोकन व अनुश्रवण की रिपोर्ट ऐप पर अपलोड करने के निर्देश हैं। शासन ने ऐप के माध्यम से सह समन्वयकों के कार्यों को परखा। इसमें पाया कि पूरे प्रदेश में कई सह समन्वयकों ने साठ फीसदी से कम अनुश्रवण एवं कक्षा अवलोकन किया। इसमें जिले के 11 सह समन्वयक चिह्नित हुए हैं। चिह्नित सह समन्वयकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देेश सभी जिलों के बीएसए को दिए गए हैं। इसके अनुपालन में बीएसए मनोज कुमार वर्मा ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर निर्धारित मानक अनुसार सह समन्वयकों द्वारा आनलाइन किए गए अनुश्रवण एवं कक्षावलोकन के सघन परीक्षण में संबंध में तथ्यात्मक आख्या साक्ष्यों के साथ मांगी है, लेकिन अभी तक इसे कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस कारण चिह्नित सह समन्वयकों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
कुछ खंड शिक्षा अधिकारियों ने आख्या दे दी है और कुछ की आनी बाकी है। सभी ब्लाकों से जब रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी, उसके उपरांत उसे डायरेक्टर के समक्ष रखा जाएगा। तदोपरांत आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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- मनोज कुमार वर्मा, बीएसए, ललितपुर
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ललितपुर। जिले के चिह्नित 11 सह समन्वयकों के खिलाफ कार्रवाई अमल में नहीं आ पा रही है। बीएसए के कई बार निर्देश देने के बाद भी सभी ब्लाकों से एबीआरसी के संबंध में आख्या प्राप्त नहीं हो सकी है। इसमें कुछ बीईओ की उदासीनता आड़े आ रही है।
परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के शैक्षिक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए प्रत्येक ब्लाक में विषयवार सह समन्वयकों को रखा गया है। उन्हें प्रतिदिन दो व महीने में कम से कम बीस स्कूलों का कक्षा अवलोकन और अनुश्रवण करने का दायित्व सौंपा गया है। इनके कामकाज की वास्तविक स्थिति से परिचित होने के लिए ‘ईक्षा’ ऐप विकसित किया गया है। स्कूल पहुंचने पर कक्षावलोकन व अनुश्रवण की रिपोर्ट ऐप पर अपलोड करने के निर्देश हैं। शासन ने ऐप के माध्यम से सह समन्वयकों के कार्यों को परखा। इसमें पाया कि पूरे प्रदेश में कई सह समन्वयकों ने साठ फीसदी से कम अनुश्रवण एवं कक्षा अवलोकन किया। इसमें जिले के 11 सह समन्वयक चिह्नित हुए हैं। चिह्नित सह समन्वयकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देेश सभी जिलों के बीएसए को दिए गए हैं। इसके अनुपालन में बीएसए मनोज कुमार वर्मा ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर निर्धारित मानक अनुसार सह समन्वयकों द्वारा आनलाइन किए गए अनुश्रवण एवं कक्षावलोकन के सघन परीक्षण में संबंध में तथ्यात्मक आख्या साक्ष्यों के साथ मांगी है, लेकिन अभी तक इसे कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस कारण चिह्नित सह समन्वयकों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
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कुछ खंड शिक्षा अधिकारियों ने आख्या दे दी है और कुछ की आनी बाकी है। सभी ब्लाकों से जब रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी, उसके उपरांत उसे डायरेक्टर के समक्ष रखा जाएगा। तदोपरांत आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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- मनोज कुमार वर्मा, बीएसए, ललितपुर