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बिजली की समस्या से उबर नहीं पा रहा जल संस्थान
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बिजली की समस्या से उबर नहीं पा रहा जल संस्थान
ललितपुर। जल संस्थान के अधिकारियों ने चौथे दिन की पेयजल समस्या का टीकरा बिजली विभाग के ऊपर फोड़ दिया है। उनका कहना है कि पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं हो रही है, जिससे पानी की टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भर पा रही हैं। गोविंद सागर बांध से कच्चा पानी उठाने के लिए बिजली देने की बात हुई थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
गल्ला मंडी उपकेंद्र पर नया ट्रांसफार्मर रखने के बाद भी जल संस्थान को बिना किसी व्यवधान के बिजली नहीं मिल पा रही है। इसका असर शहर की जलापूर्ति पर पड़ रहा है। जिन टंकियों से पानी की आपूर्ति मोहल्लों के लिए होती है, वे बिजली की कमी के कारण पूरी क्षमता के साथ नहीं भर पा रही हैं। तीन दिन से परेशान हो रहे लोग शनिवार को पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। लोगों ने रात्रि में ही सुबह चार बजे का अलार्म मोबाइल में लगा लिया था। उन्होंने सुबह पांच बजे तक इंतजार किया। कुछ मिनटों में पाइप लाइन व नलों से पानी गिरना शुरू हो गया। उन्होंने सभी खाली बर्तन इकट्ठे कर लिए, लेकिन देखते ही देखते नलों से पानी की धार कम हो गई। दस मिनट के अंतराल में आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई।
आखिरकार, उन्हें हैंडपंप पर ही पानी भरने के लिए जाना पड़ा। समस्याग्रस्त क्षेत्रों के लोग जो पूरी तरह टैंकर जलापूर्ति पर निर्भर थे, उनके लिए सुबह दस बजे तक पानी नहीं मिला। इससे विभिन्न मोहल्लों में पेयजल के लिए हाहाकार मच गया। हैंडपंपों पर पानी भरने वालों की लाइन लग गई। पानी भरने के लिए कइयों का पूरा परिवार हैंडपंप पर खड़ा दिखाई दिया। इसमें बच्चे भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने पानी भरने में सहयोग किया। कई लोगों ने हैंडपंप दूर होने पर साइकिल का सहारा लिया। इन पर कुप्पा बांधकर पानी भरने पहुंचे। मोहल्ला आजादपुरा में दो बेटियां साइकिल पर कुप्पा बांधकर पानी भरती नजर आई। तमाम लोग समस्या की हकीकत जानने के लिए जल संस्थान के वाटर वर्क्स कार्यालय पहुंच गए। यहां जल संस्थान के कर्मियों ने बिजली का रोना आरंभ कर दिया। इस पर विभिन्न मोहल्लों के लोगों ने गहरा रोष व्यक्त किया।
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वार्ड में पेयजल की भीषण समस्या है। यहां पांच टैंकर से जलापूर्ति करने की मांग की थी, इसके सापेक्ष कभी एक और कभी दो टैंकर ही वार्ड में पानी पहुंच रहे हैं। कोई रिसाला मंदिर के पास लगे हैंडपंप से पानी भरकर ला रहे हैं तो कोई कारासदेव मंदिर के पास लगे हैंडपंप से पानी भर रहा है। राजपूत कालोनी में भी पेयजल की समस्या बनी हुई है।
- हरिओम कुशवाहा
सभासद, वार्ड नं 16 आजादपुरा प्रथम
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कई दिनों से मोहल्ले में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। यहां न तो समय से टैंकर आ रहे हैं और न ही पानी उपलब्ध हो पा रहा है। कई बार इसकी शिकायत कर चुके हैं लेकिन पानी की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। अमृत योजना के कनेक्शन भी लोगों को पानी मुहैया नहीं करा सके हैं।
- विक्की कुशवाहा, आजादपुरा
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पानी ने दिन का चैन और रात की नींद गायब कर दी है। हर समय पानी की चिंता सताती रहती है। विष्णुपुरा मोहल्ला से पानी भर रहे हैं, तब जाकर घर में पानी का इंतजाम हो पा रहा है।
- फूलाबाई, पठापुरा
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मोहल्ले के हैंडपंप खराब पड़े हैं। शनिवार को स्कूल के पास लगे हैंडपंप से पानी भर रहे थे, तभी चैन टूट गई। इस कारण हाथ में चोट आ गई। इससे पानी का भीषण संकट उत्पन्न हो गया है। पानी के टैंकर नाकाफी साबित हो रहे हैं।
- केशरबाई, पठापुरा
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बिजली ने जलापूर्ति में व्यवधान डाला। बिजली विभाग ने गोविंद सागर बांध से पानी लेने के लिए विद्युत व्यवस्था करने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। जिस कारण टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भर पाई। टैंकर जलापूर्ति में भी बिजली की समस्या रही।
- प्रवीण यादव, अधिशासी अभियंता
जल संस्थान
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ललितपुर। जल संस्थान के अधिकारियों ने चौथे दिन की पेयजल समस्या का टीकरा बिजली विभाग के ऊपर फोड़ दिया है। उनका कहना है कि पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं हो रही है, जिससे पानी की टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भर पा रही हैं। गोविंद सागर बांध से कच्चा पानी उठाने के लिए बिजली देने की बात हुई थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
गल्ला मंडी उपकेंद्र पर नया ट्रांसफार्मर रखने के बाद भी जल संस्थान को बिना किसी व्यवधान के बिजली नहीं मिल पा रही है। इसका असर शहर की जलापूर्ति पर पड़ रहा है। जिन टंकियों से पानी की आपूर्ति मोहल्लों के लिए होती है, वे बिजली की कमी के कारण पूरी क्षमता के साथ नहीं भर पा रही हैं। तीन दिन से परेशान हो रहे लोग शनिवार को पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। लोगों ने रात्रि में ही सुबह चार बजे का अलार्म मोबाइल में लगा लिया था। उन्होंने सुबह पांच बजे तक इंतजार किया। कुछ मिनटों में पाइप लाइन व नलों से पानी गिरना शुरू हो गया। उन्होंने सभी खाली बर्तन इकट्ठे कर लिए, लेकिन देखते ही देखते नलों से पानी की धार कम हो गई। दस मिनट के अंतराल में आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई।
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आखिरकार, उन्हें हैंडपंप पर ही पानी भरने के लिए जाना पड़ा। समस्याग्रस्त क्षेत्रों के लोग जो पूरी तरह टैंकर जलापूर्ति पर निर्भर थे, उनके लिए सुबह दस बजे तक पानी नहीं मिला। इससे विभिन्न मोहल्लों में पेयजल के लिए हाहाकार मच गया। हैंडपंपों पर पानी भरने वालों की लाइन लग गई। पानी भरने के लिए कइयों का पूरा परिवार हैंडपंप पर खड़ा दिखाई दिया। इसमें बच्चे भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने पानी भरने में सहयोग किया। कई लोगों ने हैंडपंप दूर होने पर साइकिल का सहारा लिया। इन पर कुप्पा बांधकर पानी भरने पहुंचे। मोहल्ला आजादपुरा में दो बेटियां साइकिल पर कुप्पा बांधकर पानी भरती नजर आई। तमाम लोग समस्या की हकीकत जानने के लिए जल संस्थान के वाटर वर्क्स कार्यालय पहुंच गए। यहां जल संस्थान के कर्मियों ने बिजली का रोना आरंभ कर दिया। इस पर विभिन्न मोहल्लों के लोगों ने गहरा रोष व्यक्त किया।
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वार्ड में पेयजल की भीषण समस्या है। यहां पांच टैंकर से जलापूर्ति करने की मांग की थी, इसके सापेक्ष कभी एक और कभी दो टैंकर ही वार्ड में पानी पहुंच रहे हैं। कोई रिसाला मंदिर के पास लगे हैंडपंप से पानी भरकर ला रहे हैं तो कोई कारासदेव मंदिर के पास लगे हैंडपंप से पानी भर रहा है। राजपूत कालोनी में भी पेयजल की समस्या बनी हुई है।
- हरिओम कुशवाहा
सभासद, वार्ड नं 16 आजादपुरा प्रथम
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कई दिनों से मोहल्ले में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। यहां न तो समय से टैंकर आ रहे हैं और न ही पानी उपलब्ध हो पा रहा है। कई बार इसकी शिकायत कर चुके हैं लेकिन पानी की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। अमृत योजना के कनेक्शन भी लोगों को पानी मुहैया नहीं करा सके हैं।
- विक्की कुशवाहा, आजादपुरा
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पानी ने दिन का चैन और रात की नींद गायब कर दी है। हर समय पानी की चिंता सताती रहती है। विष्णुपुरा मोहल्ला से पानी भर रहे हैं, तब जाकर घर में पानी का इंतजाम हो पा रहा है।
- फूलाबाई, पठापुरा
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मोहल्ले के हैंडपंप खराब पड़े हैं। शनिवार को स्कूल के पास लगे हैंडपंप से पानी भर रहे थे, तभी चैन टूट गई। इस कारण हाथ में चोट आ गई। इससे पानी का भीषण संकट उत्पन्न हो गया है। पानी के टैंकर नाकाफी साबित हो रहे हैं।
- केशरबाई, पठापुरा
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बिजली ने जलापूर्ति में व्यवधान डाला। बिजली विभाग ने गोविंद सागर बांध से पानी लेने के लिए विद्युत व्यवस्था करने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। जिस कारण टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भर पाई। टैंकर जलापूर्ति में भी बिजली की समस्या रही।
- प्रवीण यादव, अधिशासी अभियंता
जल संस्थान