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विपक्षी दलों ने की सदर विधायक के बयान की आलोचना
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अब विधायक के निशाने पर आईजीआरएस
ललितपुर। विधायक द्वारा दिए गए विवादित बयान पर विपक्षी दलों के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जहां सपा, कांग्रेस, बसपा और आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष ने उनके बयान की आलोचना की है, वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष बचाव करते नजर आए। इस घटनाक्रम के बाद आईजीआरएस की शिकायतों का निस्तारण भी नेताओं के निशाने पर है। खासकर, सदर विधायक शिकायतों को लेकर हमलावर हैं।
सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने महरौनी में आयोजित समारोह में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि प्रदेश के कर्मचारी महीने-दो महीने में ठीक नहीं होते हैं तो जूता उतारिये और मारिये। उनके इस बयान के बाद जिले की राजनीति में भूचाल सा आ गया है। विपक्षी दलों के नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उनको भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराने की नसीहत दी है। उधर, विधायक रामरतन कुशवाहा अपने बयान पर अडिग हैं। उनका कहना है कि विभिन्न योजनाओं में भ्रष्टाचार हो रहा है। भूमाफिया से लेकर खनन माफिया अपने मंसूबों में कामयाब हो रहे हैं। आईजीआरएस के निस्तारण में पीड़ितों को राहत नहीं मिल पा रही है।
दूसरी ओर, बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के कुशल निर्देशन में मई-17 से मई-19 के बीच जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण में जनपद को प्रदेश में 13 वीं बार प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। अब तक जनसुनवाई पोर्टल पर 23,340 संदर्भ प्राप्त हुए हैं, जिसके सापेक्ष 21,995 संदर्भो का निस्तारण कराया जा चुका है। शेष सभी 1345 संदर्भ समय सीमा के अंदर लंबित है। जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त जन शिकायतों के निस्तारण की स्थिति बेहद शानदार रही है। जनसुनवाई पोर्टल पर प्रदेश की रैकिंग में भी जिले को सौ प्रतिशत अंक मिले हैं। इस रैकिंग से जिले के अधिकारी गदगद हैं। कुल मिलाकर आईजीआरएस का निस्तारण बहस का मुद्दा बनता जा रहा है।
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आईजीआरएस का निस्तारण दफ्तरों में बैठकर फर्जी तरीके से किया जा रहा है। लोगों की समस्याएं निस्तारित होने की जगह आवास, शौचालय निर्माण और नल कनेक्शन में भ्रष्टाचार हो रहा है। जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं और सरकारी भूमि भी सुरक्षित नहीं हैं। माफिया खनन कर रहे हैं, इससे वन विभाग का एरिया भी सुरक्षित नहीं है। भाजपा के लोग गलत काम नहीं करते हैं। सभ्यता, संस्कृति सब पर लागू होना चाहिए। वह अपनी बात पर अडिग हैं। पार्टी यदि जवाब मांगती है तो वह इसके लिए भी तैयार हैं।
- रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक
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आईजीआरएस निस्तारण प्रक्रिया की समुचित जानकारी उन्हें नहीं हैं। लोगों की समस्याएं निस्तारित हो रही हैं। सदर विधायक ने जो बयान दिया है, वह आवेश में आकर दिया है, लेकिन उनकी मंशा गलत नहीं थी। भाजपा संस्कारित एवं अनुशासित पार्टी है। यदि कोई अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहा है तो उसकी शिकायत उच्चस्थ अधिकारियों से की जाएगी।
- जगदीश सिंह लोधी, जिलाध्यक्ष, भाजपा
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कर्मचारी किसी दल का नहीं होता है। वह सरकारी सेवा में रहकर उच्च अधिकारियों के निर्देशों का पालन करता है। आईजीआरएस पर लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं। यदि कोई अधिकारी भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं तो उसकी उच्च लेबल पर शिकायत कर कार्रवाई करानी चाहिए। सदर विधायक को अमर्यादित टिप्पणी नहीं करना चाहिए।
- कैलाश नारायण कुशवाहा
जिलाध्यक्ष, बसपा
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कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता में रही है, लेकिन कभी किसी का अपमान नहीं किया है। किसी को सत्ता का घमंड नहीं करना चाहिए। सत्ता आज है कल नहीं है। जहां तक आईजीआरएस के निस्तारण की बात है तो यह फर्जी प्रतीत होता है।
- दुर्गा प्रसाद कुशवाहा
जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
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सदर विधायक रामरतन कुशवाहा को आपत्तिजनक बयान नहीं देना चाहिए। आम आदमी पार्टी उनके बयान की निंदा करता है। जहां तक आईजीआरएस के निस्तारण की बात है तो इसमें शिकायतकर्ताओं की सुनवाई किए बगैर ही निस्तारण दर्शाया जा रहा है। ग्राम बालाबेहट के एक सहरिया की भूमि संबंधी शिकायत को फर्जी तरीके से निस्तारित किया गया है।
- हरदयाल सिंह, एडवोकेट
जिलाध्यक्ष, आम आदमी पार्टी
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अधिकारी किसी पार्टी के नहीं होते, बल्कि पढ़ाई करके चयनित होते हैं। सदर विधायक को इस तरह की भाषा शैली का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जो उन्होंने जूता मारने की बात कही है, इससे भाजपा की मानसिकता पता चलती है। बीते दिनों प्रदेश के एक सांसद और विधायक में जूतम पैजार हो गई थी। इसी तरह गुजरात की एक घटना चर्चा में है।
- ज्योति सिंह लोधी
जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
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योजनाओं में यदि भ्रष्टाचार की कोई बात कर रहा है तो बताए कि किस तरह से भ्रष्टाचार हो रहा है। हम ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। केवल कह देने से भ्रष्टाचार नहीं होता। शासन ने आईजीआरएस के मानक तय किए हैं, उसके अनुसार ही समीक्षा हो रही है।
- मानवेंद्र सिंह, जिलाधिकारी
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मैं विधायक रामरतन कुशवाहा के वक्तत्वय से कतई सहमत नहीं हूं और न ही यह वक्तत्व पार्टी की विचारधारा से मेल खाता है। संभवत: कार्यकर्ताओं के दबाव में विधायक ने यह बयान दिया होगा, क्योंकि कुछ अघिकारी भी पार्टी कार्यकर्ताओं को लगातार परेशान कर रहे हैं।
- अनुराग शर्मा, सांसद
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ललितपुर। विधायक द्वारा दिए गए विवादित बयान पर विपक्षी दलों के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जहां सपा, कांग्रेस, बसपा और आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष ने उनके बयान की आलोचना की है, वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष बचाव करते नजर आए। इस घटनाक्रम के बाद आईजीआरएस की शिकायतों का निस्तारण भी नेताओं के निशाने पर है। खासकर, सदर विधायक शिकायतों को लेकर हमलावर हैं।
सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने महरौनी में आयोजित समारोह में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि प्रदेश के कर्मचारी महीने-दो महीने में ठीक नहीं होते हैं तो जूता उतारिये और मारिये। उनके इस बयान के बाद जिले की राजनीति में भूचाल सा आ गया है। विपक्षी दलों के नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उनको भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराने की नसीहत दी है। उधर, विधायक रामरतन कुशवाहा अपने बयान पर अडिग हैं। उनका कहना है कि विभिन्न योजनाओं में भ्रष्टाचार हो रहा है। भूमाफिया से लेकर खनन माफिया अपने मंसूबों में कामयाब हो रहे हैं। आईजीआरएस के निस्तारण में पीड़ितों को राहत नहीं मिल पा रही है।
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दूसरी ओर, बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के कुशल निर्देशन में मई-17 से मई-19 के बीच जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण में जनपद को प्रदेश में 13 वीं बार प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। अब तक जनसुनवाई पोर्टल पर 23,340 संदर्भ प्राप्त हुए हैं, जिसके सापेक्ष 21,995 संदर्भो का निस्तारण कराया जा चुका है। शेष सभी 1345 संदर्भ समय सीमा के अंदर लंबित है। जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त जन शिकायतों के निस्तारण की स्थिति बेहद शानदार रही है। जनसुनवाई पोर्टल पर प्रदेश की रैकिंग में भी जिले को सौ प्रतिशत अंक मिले हैं। इस रैकिंग से जिले के अधिकारी गदगद हैं। कुल मिलाकर आईजीआरएस का निस्तारण बहस का मुद्दा बनता जा रहा है।
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आईजीआरएस का निस्तारण दफ्तरों में बैठकर फर्जी तरीके से किया जा रहा है। लोगों की समस्याएं निस्तारित होने की जगह आवास, शौचालय निर्माण और नल कनेक्शन में भ्रष्टाचार हो रहा है। जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं और सरकारी भूमि भी सुरक्षित नहीं हैं। माफिया खनन कर रहे हैं, इससे वन विभाग का एरिया भी सुरक्षित नहीं है। भाजपा के लोग गलत काम नहीं करते हैं। सभ्यता, संस्कृति सब पर लागू होना चाहिए। वह अपनी बात पर अडिग हैं। पार्टी यदि जवाब मांगती है तो वह इसके लिए भी तैयार हैं।
- रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक
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आईजीआरएस निस्तारण प्रक्रिया की समुचित जानकारी उन्हें नहीं हैं। लोगों की समस्याएं निस्तारित हो रही हैं। सदर विधायक ने जो बयान दिया है, वह आवेश में आकर दिया है, लेकिन उनकी मंशा गलत नहीं थी। भाजपा संस्कारित एवं अनुशासित पार्टी है। यदि कोई अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहा है तो उसकी शिकायत उच्चस्थ अधिकारियों से की जाएगी।
- जगदीश सिंह लोधी, जिलाध्यक्ष, भाजपा
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कर्मचारी किसी दल का नहीं होता है। वह सरकारी सेवा में रहकर उच्च अधिकारियों के निर्देशों का पालन करता है। आईजीआरएस पर लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं। यदि कोई अधिकारी भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं तो उसकी उच्च लेबल पर शिकायत कर कार्रवाई करानी चाहिए। सदर विधायक को अमर्यादित टिप्पणी नहीं करना चाहिए।
- कैलाश नारायण कुशवाहा
जिलाध्यक्ष, बसपा
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कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता में रही है, लेकिन कभी किसी का अपमान नहीं किया है। किसी को सत्ता का घमंड नहीं करना चाहिए। सत्ता आज है कल नहीं है। जहां तक आईजीआरएस के निस्तारण की बात है तो यह फर्जी प्रतीत होता है।
- दुर्गा प्रसाद कुशवाहा
जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
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सदर विधायक रामरतन कुशवाहा को आपत्तिजनक बयान नहीं देना चाहिए। आम आदमी पार्टी उनके बयान की निंदा करता है। जहां तक आईजीआरएस के निस्तारण की बात है तो इसमें शिकायतकर्ताओं की सुनवाई किए बगैर ही निस्तारण दर्शाया जा रहा है। ग्राम बालाबेहट के एक सहरिया की भूमि संबंधी शिकायत को फर्जी तरीके से निस्तारित किया गया है।
- हरदयाल सिंह, एडवोकेट
जिलाध्यक्ष, आम आदमी पार्टी
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अधिकारी किसी पार्टी के नहीं होते, बल्कि पढ़ाई करके चयनित होते हैं। सदर विधायक को इस तरह की भाषा शैली का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जो उन्होंने जूता मारने की बात कही है, इससे भाजपा की मानसिकता पता चलती है। बीते दिनों प्रदेश के एक सांसद और विधायक में जूतम पैजार हो गई थी। इसी तरह गुजरात की एक घटना चर्चा में है।
- ज्योति सिंह लोधी
जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
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योजनाओं में यदि भ्रष्टाचार की कोई बात कर रहा है तो बताए कि किस तरह से भ्रष्टाचार हो रहा है। हम ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। केवल कह देने से भ्रष्टाचार नहीं होता। शासन ने आईजीआरएस के मानक तय किए हैं, उसके अनुसार ही समीक्षा हो रही है।
- मानवेंद्र सिंह, जिलाधिकारी
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मैं विधायक रामरतन कुशवाहा के वक्तत्वय से कतई सहमत नहीं हूं और न ही यह वक्तत्व पार्टी की विचारधारा से मेल खाता है। संभवत: कार्यकर्ताओं के दबाव में विधायक ने यह बयान दिया होगा, क्योंकि कुछ अघिकारी भी पार्टी कार्यकर्ताओं को लगातार परेशान कर रहे हैं।
- अनुराग शर्मा, सांसद
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