{"_id":"5cec4517bdec22071212dcde","slug":"155898810320-lalitpur-news123","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल में बंद कैदियों के परिजनों को मिलेगी कानूनी सहायता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेल में बंद कैदियों के परिजनों को मिलेगी कानूनी सहायता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैदियों के परिजनों को मिलेगी कानूनी सहायता
ललितपुर। जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों के लिए विधिक सहायता शिविर लगाया गया। बताया गया कि जेल में बंद कैदियों के परिजनों को कानूनी सहायता की सुविधा दी जाएगी।
विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रवि कुमार गुप्त ने कहा कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ से प्राप्त निर्देशों के अनुसार जेल में निरुद्ध बंदियों के परिवार के सदस्यों की सुरक्षा और परिवार की समस्याओं के निराकरण के लिए अभियान चलाया जा रहा है, जो मई से जून तक चलाया जाएगा। अभियान में ऐसे सजायाफ्ता बंदी, जिन्हें छह महीने से अधिक अवधि में जेल में रहना हो और जो एक वर्ष से ज्यादा अंडर ट्रायल हों, उनके परिवार के सदस्यों की समस्याओं को विधिक सहायता प्रदान की जाएगी। यदि बंदियों को अधिवक्ता की जरूरत है तो कारापाल के माध्यम से विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र प्रेषित कर सकते हैं।
वक्ताओं ने कहा कि नशे के कारण अधिकांश अपराध होते हैं क्योंकि नशे की हालत में व्यक्ति अपना संयम खो देता है, जिससे अच्छे और बुरे के बारे में वह विचार नहीं कर पाता है। सभी प्रकार के नशों से बचना चाहिये। जेल में रहकर सकारात्मक सोचें एवं ईमानदारी से रहें। इस मौके पर उप कारापाल सुरेश कुमार, उप कारापाल मुकेश कुमार, चिकित्साधिकारी डॉ. विजय कुमार द्विवेदी, अधिवक्ता जमील अहमद आदि उपस्थित रहे। कारापाल वीके मिश्र ने आभार प्रकट किया। संचालन केहर सिंह ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों के लिए विधिक सहायता शिविर लगाया गया। बताया गया कि जेल में बंद कैदियों के परिजनों को कानूनी सहायता की सुविधा दी जाएगी।
विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रवि कुमार गुप्त ने कहा कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ से प्राप्त निर्देशों के अनुसार जेल में निरुद्ध बंदियों के परिवार के सदस्यों की सुरक्षा और परिवार की समस्याओं के निराकरण के लिए अभियान चलाया जा रहा है, जो मई से जून तक चलाया जाएगा। अभियान में ऐसे सजायाफ्ता बंदी, जिन्हें छह महीने से अधिक अवधि में जेल में रहना हो और जो एक वर्ष से ज्यादा अंडर ट्रायल हों, उनके परिवार के सदस्यों की समस्याओं को विधिक सहायता प्रदान की जाएगी। यदि बंदियों को अधिवक्ता की जरूरत है तो कारापाल के माध्यम से विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र प्रेषित कर सकते हैं।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि नशे के कारण अधिकांश अपराध होते हैं क्योंकि नशे की हालत में व्यक्ति अपना संयम खो देता है, जिससे अच्छे और बुरे के बारे में वह विचार नहीं कर पाता है। सभी प्रकार के नशों से बचना चाहिये। जेल में रहकर सकारात्मक सोचें एवं ईमानदारी से रहें। इस मौके पर उप कारापाल सुरेश कुमार, उप कारापाल मुकेश कुमार, चिकित्साधिकारी डॉ. विजय कुमार द्विवेदी, अधिवक्ता जमील अहमद आदि उपस्थित रहे। कारापाल वीके मिश्र ने आभार प्रकट किया। संचालन केहर सिंह ने किया।
विज्ञापन