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राजपुर में बना पेयजल के भीषण संकट
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राजपुर में पानी का संकट
ललितपुर। जैसे-जैसे गर्मी दिनों-दिन चरम पर जा रही है, वैसे-वैसे जिले में पेयजल समस्या गंभीर होती जा रही है। कई गांवों में लोगों को पानी भरने के लिए दो पहिया वाहन व साइकिलों का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति ब्लाक तालबेहट के ग्राम राजपुर की है। यहां पर लगे अधिकांश हैंडपंपों से पानी आना बंद हो गया है। ग्रामीणों को एक किलोमीटर से अधिक दूरी से पानी लाना पड़ रहा है।
ग्राम राजपुर की कुल आबादी डेढ़ हजार से अधिक है। यहां पर पेयजल की सुविधा के लिए हैंडपंप व कुओं ही सहारा है। गांव में लगभग 12 हैंडपंपों लगे हैं। इनमें से चार हैंडपंप खराब पड़े हैं। दो हैंडपंप में पानी नहीं आ रहा है। हालत यह है कि जो हैंडपंप पानी दे रहे हैं, उनमें भी बहुत कम पानी आ रहा है। इससे हैंडपंप पर पानी भरने वालों की लंबी कतारें लग रहीं हैं।
हैंडपंप पर एक व्यक्ति को 15 मिनट से अधिक समय तक अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ रहा है। हैंडपंप से पानी आना बंद होने के बाद कुछ देर तक इंतजार करना पड़ता है। कभी-कभी काफी देर तक पानी नहीं आता है। ऐसे में कई लोग गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर लगे हैैंडपंप पर जा रहे हैं। यहां पर पैदल पानी लाने में अधिक दिक्कत है। जिससे गांव के अधिकांश लोग दो पहिया मोटरसाइकिल व साइकिल के सहारा ले रहे हैं। मोटरसाइकिल व साइकिल पर चार-चार डिब्बा लटका कर पानी ला रहे हैं। पानी की अधिक किल्लत होने के कारण मजबूर होकर चिल्लाती धूप में पानी भर रहे हैं। कुछ कुओं से पेयजल की सुविधा थी, लेकिन गांव के आसपास के सभी कुओं का पानी सूख गया है। इससे पानी की अधिक किल्लत हो गई है।
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गर्मी के मौसम के दस्तक देते ही गांव में लगे हैंडपंपों से पानी कम आना शुरू हो गया था। अब हालत यह है कि पानी भरने के लिए देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
-गनेशजू
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गांव में पानी की समस्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। हैंडपंप को अधिक देर तक चलाने के बाद भी थोड़ा ही पानी निकल रहा है। जिससे पानी के लिए अधिक परेशानी बढ़ गई है।
-लक्षमन सहरिया
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गांव में पानी की समस्या गहराने पर उच्च अधिकारियों को पत्राचार किया गया था। इसके बाद भी पेयजल की समस्या का निदान नहीं हो पाया है। स्थिति जस की तस बनी हुई है।
-ब्रजेंद्र सिंह
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पहले गांव में बने कुओं से पानी मिल जाता था, लेकिन अब कुआं का पानी अधिक नीचे चला गया है। जिससे अब कुआं में कम पानी रह गया है। अब इससे पानी नहीं निकल पा रहा है।
-करतार यादव
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गांव में पेयजल की समस्या का निराकरण करने के लिए तीन रीबोर कराए गए हैं। साथ ही एक कुएं का गहरीकरण कराया गया है। पानी की समस्या का निदान हो रहा है।
- अखिल लिटौरिया
ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत राजपुर
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ललितपुर। जैसे-जैसे गर्मी दिनों-दिन चरम पर जा रही है, वैसे-वैसे जिले में पेयजल समस्या गंभीर होती जा रही है। कई गांवों में लोगों को पानी भरने के लिए दो पहिया वाहन व साइकिलों का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति ब्लाक तालबेहट के ग्राम राजपुर की है। यहां पर लगे अधिकांश हैंडपंपों से पानी आना बंद हो गया है। ग्रामीणों को एक किलोमीटर से अधिक दूरी से पानी लाना पड़ रहा है।
ग्राम राजपुर की कुल आबादी डेढ़ हजार से अधिक है। यहां पर पेयजल की सुविधा के लिए हैंडपंप व कुओं ही सहारा है। गांव में लगभग 12 हैंडपंपों लगे हैं। इनमें से चार हैंडपंप खराब पड़े हैं। दो हैंडपंप में पानी नहीं आ रहा है। हालत यह है कि जो हैंडपंप पानी दे रहे हैं, उनमें भी बहुत कम पानी आ रहा है। इससे हैंडपंप पर पानी भरने वालों की लंबी कतारें लग रहीं हैं।
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हैंडपंप पर एक व्यक्ति को 15 मिनट से अधिक समय तक अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ रहा है। हैंडपंप से पानी आना बंद होने के बाद कुछ देर तक इंतजार करना पड़ता है। कभी-कभी काफी देर तक पानी नहीं आता है। ऐसे में कई लोग गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर लगे हैैंडपंप पर जा रहे हैं। यहां पर पैदल पानी लाने में अधिक दिक्कत है। जिससे गांव के अधिकांश लोग दो पहिया मोटरसाइकिल व साइकिल के सहारा ले रहे हैं। मोटरसाइकिल व साइकिल पर चार-चार डिब्बा लटका कर पानी ला रहे हैं। पानी की अधिक किल्लत होने के कारण मजबूर होकर चिल्लाती धूप में पानी भर रहे हैं। कुछ कुओं से पेयजल की सुविधा थी, लेकिन गांव के आसपास के सभी कुओं का पानी सूख गया है। इससे पानी की अधिक किल्लत हो गई है।
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गर्मी के मौसम के दस्तक देते ही गांव में लगे हैंडपंपों से पानी कम आना शुरू हो गया था। अब हालत यह है कि पानी भरने के लिए देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
-गनेशजू
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गांव में पानी की समस्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। हैंडपंप को अधिक देर तक चलाने के बाद भी थोड़ा ही पानी निकल रहा है। जिससे पानी के लिए अधिक परेशानी बढ़ गई है।
-लक्षमन सहरिया
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गांव में पानी की समस्या गहराने पर उच्च अधिकारियों को पत्राचार किया गया था। इसके बाद भी पेयजल की समस्या का निदान नहीं हो पाया है। स्थिति जस की तस बनी हुई है।
-ब्रजेंद्र सिंह
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पहले गांव में बने कुओं से पानी मिल जाता था, लेकिन अब कुआं का पानी अधिक नीचे चला गया है। जिससे अब कुआं में कम पानी रह गया है। अब इससे पानी नहीं निकल पा रहा है।
-करतार यादव
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गांव में पेयजल की समस्या का निराकरण करने के लिए तीन रीबोर कराए गए हैं। साथ ही एक कुएं का गहरीकरण कराया गया है। पानी की समस्या का निदान हो रहा है।
- अखिल लिटौरिया
ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत राजपुर