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किसान सम्मान निधि में लग रहे सुबिधा शुल्क वसूले जाने के आरोप
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किसान सम्मान निधि में लग रहे सुविधा शुल्क वसूलने के आरोप
पाली। अपनी छोटी सी भूमि पर खेतीबाड़ी कर परिवार की आजीविका चलाने वाले इन किसान परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने किसान सम्मान निधि योजना की सौगात पेश कर दी है। सम्मान निधि राशि जल्द ही किसानों के बैंक खातों में पहुंचे इसके लिए पूरी तैयारी चल रही है। इसमें किसान अपने संबंधित लेखपालों के पास अपने अभिलेख जमा करा रहे हैं। इन्हीं अभिलेखों को जमा करने के नाम पर तहसील के एक लेखपाल पर सुविधा शुल्क लिए जाने एवं दलालों को प्रमुखत: दिए जाने का भी आरोप लग रहा है। ऐसे पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी बड़ी हवा बनी है तो इसके बाद लोगों ने एसडीएम को एक ज्ञापन भी दिया। केंद्र सरकार की स्कीम के तहत सरकार 2 हेक्टेयर तक की खेतिहर जमीन वाले किसान परिवारों को 6,000 रुपये हर साल देगी। ये पैसे हर चार महीने पर 2,000 रुपये की किश्त में साल में तीन बार दिए जाएंगे। इन पैसों को फायदा पाने वाले किसान के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर कर दिया जाएगा। पहली किस्त की अवधि 12 दिसंबर, 2018 से 31 मार्च, 2019 है। किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिले इसके लिए यहां जिम्मेदारी लेखपालों के ऊपर देखी जा रही है। साथ ही कृषि विभाग में भी पंजीयन होना भी बताया जा रहा है। सम्मान निधि का लाभ पाने के लिए किसान तहसील एवं लेखपालों के चक्कर काटने में लगे है। आवेदन करने के लिए कोई भी सरकारी पहचान पत्र, आधार कार्ड, बैंक अकाउंट डीटेल्स और जमीन का रिकॉर्ड दिखाना होगा। गौर करने वाली बात है कि इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए आधार जरूरी है। इन्हीं सब अभिलेखों केके नाम पर एक लेखपाल पर सुविधा शुल्क लिए जाने के साथ उस पर दलालों को प्रमुखत: दिए जाने का भी आरोप सोशल मीडिया पर चल रहे है । इसमें कोई इसे सरकार की मंशा पर पानी फेरना तो कोई सुविधा शुल्क लिए जाने के आरोप को सही ठहरा रहे हैं ।
दोषियों की कड़ी सजा दी जाएगी। केवल एक-दो मामले सामने लाइए। यह कार्य बहुत ही निंदनीय और दंडनीय है। किसानों को किसी प्रकार के कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी ।
नरेंद्र सिंह , एसडीएम पाली
नगर पंचायत कार्यालय से हुई मुनादी..
पाली। किसान सम्मान निधि में सुविधाशुल्क लिए जाने और दलालों की बढ़ती सक्रियता को देख नगर पंचायत कार्यालय से भी एक मुनादी होती है। इसमें पार्षद मनोज चौरसिया किसानों से अपील करते है कि किसी प्रकार का कोई सुविधा शुल्क न दें । कोई सुविधा शुल्क की मांग करता तो इसकी शिकायत अधिकारियों के समक्ष रखे ।
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एसडीएम को दिया ज्ञापन
पाली। सुविधा शुल्क और दलाली के खबरें सामने आने पर कस्बे के लोगों ने एक ज्ञापन एसडीएम पाली को सौंपा। इसमें बताया कि पाली का लेखपाल तहसील में मिलता नहीं। किसान कागजात जमा करने के लिए परेशान बने हैं। लेखपाल को तहसील परिसर में ही बैठाया जाए या एक निश्चित स्थान तय किया जाए। किसानों से धन उगाही भी की जा रही है। ज्ञापन पर आशीष चौरसिया, संजीव चौरसिया, चित्रांश जैन, देवकीनंदन, अंकित सेन, खुशीलाल, हरप्रसाद, अमित, ब्रजेश आदि के हस्ताक्षर बने थे।
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पाली। अपनी छोटी सी भूमि पर खेतीबाड़ी कर परिवार की आजीविका चलाने वाले इन किसान परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने किसान सम्मान निधि योजना की सौगात पेश कर दी है। सम्मान निधि राशि जल्द ही किसानों के बैंक खातों में पहुंचे इसके लिए पूरी तैयारी चल रही है। इसमें किसान अपने संबंधित लेखपालों के पास अपने अभिलेख जमा करा रहे हैं। इन्हीं अभिलेखों को जमा करने के नाम पर तहसील के एक लेखपाल पर सुविधा शुल्क लिए जाने एवं दलालों को प्रमुखत: दिए जाने का भी आरोप लग रहा है। ऐसे पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी बड़ी हवा बनी है तो इसके बाद लोगों ने एसडीएम को एक ज्ञापन भी दिया। केंद्र सरकार की स्कीम के तहत सरकार 2 हेक्टेयर तक की खेतिहर जमीन वाले किसान परिवारों को 6,000 रुपये हर साल देगी। ये पैसे हर चार महीने पर 2,000 रुपये की किश्त में साल में तीन बार दिए जाएंगे। इन पैसों को फायदा पाने वाले किसान के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर कर दिया जाएगा। पहली किस्त की अवधि 12 दिसंबर, 2018 से 31 मार्च, 2019 है। किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिले इसके लिए यहां जिम्मेदारी लेखपालों के ऊपर देखी जा रही है। साथ ही कृषि विभाग में भी पंजीयन होना भी बताया जा रहा है। सम्मान निधि का लाभ पाने के लिए किसान तहसील एवं लेखपालों के चक्कर काटने में लगे है। आवेदन करने के लिए कोई भी सरकारी पहचान पत्र, आधार कार्ड, बैंक अकाउंट डीटेल्स और जमीन का रिकॉर्ड दिखाना होगा। गौर करने वाली बात है कि इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए आधार जरूरी है। इन्हीं सब अभिलेखों केके नाम पर एक लेखपाल पर सुविधा शुल्क लिए जाने के साथ उस पर दलालों को प्रमुखत: दिए जाने का भी आरोप सोशल मीडिया पर चल रहे है । इसमें कोई इसे सरकार की मंशा पर पानी फेरना तो कोई सुविधा शुल्क लिए जाने के आरोप को सही ठहरा रहे हैं ।
दोषियों की कड़ी सजा दी जाएगी। केवल एक-दो मामले सामने लाइए। यह कार्य बहुत ही निंदनीय और दंडनीय है। किसानों को किसी प्रकार के कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी ।
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नरेंद्र सिंह , एसडीएम पाली
नगर पंचायत कार्यालय से हुई मुनादी..
पाली। किसान सम्मान निधि में सुविधाशुल्क लिए जाने और दलालों की बढ़ती सक्रियता को देख नगर पंचायत कार्यालय से भी एक मुनादी होती है। इसमें पार्षद मनोज चौरसिया किसानों से अपील करते है कि किसी प्रकार का कोई सुविधा शुल्क न दें । कोई सुविधा शुल्क की मांग करता तो इसकी शिकायत अधिकारियों के समक्ष रखे ।
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एसडीएम को दिया ज्ञापन
पाली। सुविधा शुल्क और दलाली के खबरें सामने आने पर कस्बे के लोगों ने एक ज्ञापन एसडीएम पाली को सौंपा। इसमें बताया कि पाली का लेखपाल तहसील में मिलता नहीं। किसान कागजात जमा करने के लिए परेशान बने हैं। लेखपाल को तहसील परिसर में ही बैठाया जाए या एक निश्चित स्थान तय किया जाए। किसानों से धन उगाही भी की जा रही है। ज्ञापन पर आशीष चौरसिया, संजीव चौरसिया, चित्रांश जैन, देवकीनंदन, अंकित सेन, खुशीलाल, हरप्रसाद, अमित, ब्रजेश आदि के हस्ताक्षर बने थे।