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पदावनत की कार्रवाई को निरस्त कराने पर अड़े शिक्षक
Updated Wed, 28 Mar 2018 02:24 AM IST
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पदावनत की कार्रवाई को निरस्त कराने पर अड़े शिक्षक
ललितपुर।
बीएसए द्वारा किए गए पदावनत की कार्रवाई के खिलाफ एससी एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन का पांचवें दिन भी धरना-प्रदर्शन जारी रहा। शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया और कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र भेजकर पदावनत की कार्रवाई को निरस्त कराने की मांग की है। मंगलवर को दोपहर में एससी एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जातिगत द्वेषभावना के चलते यह कार्रवाई की गई है, जो दलित जाति का उत्पीड़न है। वक्ताओं ने पुरजोर तरीके से कहा कि शासनादेश संख्या 22/43/82 का 2002 कर्मिक अनुभाग-2 लखनऊ दिनांक 03 जुलाई 2002 को जारी हुआ है, उसमें कहा गया है कि आरक्षण वर्गों की सीधी भर्ती में रिक्त बैकलॉग को भरने के लिए पदोन्नति की कार्रवाई उत्तर प्रदेश लोक सेवा अधिनियम 1994 की धारा (3)2 के अंतर्गत की गई है, जो अनडिसटर्ब है। ऐसी स्थिति में बीएसए द्वारा जो पदावनत किए गए हैं, वह पूरी तरह गलत है। इन्हीं बातों व समस्याओं से कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को अवगत कराने के लिए ज्ञापन भेजा है। उन्होंने मांग की है कि बीएसए द्वारा की गई पदावनत की कार्रवाई को निरस्त की जाए और बीएसए द्वारा वेतन फ्रीज करने के जो निर्देश दिए गए हैं उन्हें भी वापस लिया जाए। गौरबलत है कि विगत रोज प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने गले में पटकी लटकाकर व पीछे झाड़ू बांधकर शहर में जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया था। मंगलवार को आयोजित धरना प्रदर्शन में मुख्य रुप से मंजूलता, रामदयाल, छक्कीलाल साहू, राकेश कुमार, महेश, प्रदीप राठौर, जसवंत सिंह, विनीता, राजेश्वरी, राजेश वर्मा, पुरुषोत्तम, महेंद्र पंथ, संजीव सिद्धार्थ, श्याम बिहारी, ज्योति साध, क्रांति कुमारी, भारती देवी पंथ, कुसुमलता, गीता, सुशील रजक, संतोष उपस्थित रहे।
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ललितपुर।
बीएसए द्वारा किए गए पदावनत की कार्रवाई के खिलाफ एससी एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन का पांचवें दिन भी धरना-प्रदर्शन जारी रहा। शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया और कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र भेजकर पदावनत की कार्रवाई को निरस्त कराने की मांग की है। मंगलवर को दोपहर में एससी एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जातिगत द्वेषभावना के चलते यह कार्रवाई की गई है, जो दलित जाति का उत्पीड़न है। वक्ताओं ने पुरजोर तरीके से कहा कि शासनादेश संख्या 22/43/82 का 2002 कर्मिक अनुभाग-2 लखनऊ दिनांक 03 जुलाई 2002 को जारी हुआ है, उसमें कहा गया है कि आरक्षण वर्गों की सीधी भर्ती में रिक्त बैकलॉग को भरने के लिए पदोन्नति की कार्रवाई उत्तर प्रदेश लोक सेवा अधिनियम 1994 की धारा (3)2 के अंतर्गत की गई है, जो अनडिसटर्ब है। ऐसी स्थिति में बीएसए द्वारा जो पदावनत किए गए हैं, वह पूरी तरह गलत है। इन्हीं बातों व समस्याओं से कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को अवगत कराने के लिए ज्ञापन भेजा है। उन्होंने मांग की है कि बीएसए द्वारा की गई पदावनत की कार्रवाई को निरस्त की जाए और बीएसए द्वारा वेतन फ्रीज करने के जो निर्देश दिए गए हैं उन्हें भी वापस लिया जाए। गौरबलत है कि विगत रोज प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने गले में पटकी लटकाकर व पीछे झाड़ू बांधकर शहर में जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया था। मंगलवार को आयोजित धरना प्रदर्शन में मुख्य रुप से मंजूलता, रामदयाल, छक्कीलाल साहू, राकेश कुमार, महेश, प्रदीप राठौर, जसवंत सिंह, विनीता, राजेश्वरी, राजेश वर्मा, पुरुषोत्तम, महेंद्र पंथ, संजीव सिद्धार्थ, श्याम बिहारी, ज्योति साध, क्रांति कुमारी, भारती देवी पंथ, कुसुमलता, गीता, सुशील रजक, संतोष उपस्थित रहे।