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संक्रामक रोगों और दिमागी बुखार से बचाने के लिए चलेगा अभियान
Updated Wed, 26 Sep 2018 06:32 AM IST
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संक्रामक रोगों और दिमागी बुखार से बचाने के लिए चलेगा अभियान
डीएम ने अधिकारियों के साथ की बैठक, तैयारियों का लिया जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। एक से 15 अक्तूबर तक संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़ा मनाने के संबंध में डीएम मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में तैयारियों को जायजा लेने के लिए बैठक हुई। इसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में बारिश के बाद अनेक क्षेत्रों में विभिन्न संचारी रोगों के फैलने की संभावना बनी हुई है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने संचारी रोगों तथा दिमागी बुखार पर नियंत्रण तथा इनके शीघ्र उपचार हेतु प्रभावी उपाय अपनाते हुए संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़े का आयोजन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि संचारी रोग और दिमागी बुखार होने का मुख्य कारण साफ-सफाई की कमी, जगह-जगह कचरे का एकत्रित होना, नालियों में दूषित जल का भराव एवं पेयजल का अशुद्ध होना है।
संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़े के तहत सभी विकास खंडों में अंतर्विभागीय बैठक का आयोजन किया जाएगा। साथ ही विकासखंडों में ग्राम प्रधानों की बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि संचारी रोग और दिमागी बुखार पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाने के लिए एक संपूर्ण सोच के साथ संबंधित विभागों का सहयोग भी अहम भूमिका रखता है। इस अभियान के तहत चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग द्वारा रोगियों के उपचार की व्यवस्था, संचारी रोगों तथा दिमागी बुखार की निगरानी, रोगियों के नि:शुल्क परिवहन हेतु रोगी वाहन की व्यवस्था, प्रचार-प्रसार एवं व्यवहार परिवर्तन गतिविधियां तथा वाहक नियंत्रक गतिविधियां, ग्रामीण क्षेत्रों में वाहन के घनत्व का आंकलन तथा नियंत्रण में स्रोतों की कमी जैसे बिदुओं पर कार्य किया जाएगा। नगर विकास विभाग द्वारा नगर निकायों के चुने हुए जनप्रतिनिधियों का संचारी रोगों की रोकथाम तथा साफ-सफाई के सम्बंध में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग, खुली नालियों को ढकने की व्यवस्था, नालियों/कचरों की सफाई करवाना तथा हैण्डपम्पों की पाईप को चारों ओर से कंक्रीट से बंद कराने का कार्य कराया जाएगा। साथ ही सड़कों के किनारे उगने वाली बनस्पतियों को नियमित रुप से काटने का कार्य भी किया जाएगा। पंचायती राज विभाग/ग्राम्य विकास विभाग द्वारा ग्राम स्तर पर साफ-सफाई, हांथ धोना, शौचालयों की सफाई हेतु जनजागरुकता के लिए प्रचार-प्रसार कराये जाना, ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा फण्ड से फॉगिंग की व्यवस्था कराना, जलाशयों एवं नालियों की सफाई कराना तथा संक्रमण एवं जल संधूषण के लिए उत्तरदायी नालियों को ढकने का कार्य किया जाएगा। पशु पालन विभाग द्वारा इस अभियान के तहत सूकर पशु पालकों को अन्य व्यवसाय जैसे-पोल्ट्री उद्योग को अपनाने, सूकर पालन स्थल पर बैक्टर नियंत्रण एवं सीरो सर्विलेंस की व्यवस्था कराने तथा सूकरवाड़े को मनुष्य आबादी से दूर स्थापित कराये जाने का कार्य किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्तर्गत कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा अपने क्षेत्र के समस्त कुपोषित/अतिकुपोषित बच्चों की सूची बनाकर उनको उचित पोषाहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ पोषण पुनर्वास केन्द्रों पर उपचार प्रदान किया जाएगा। शिक्षा विभाग के द्वारा प्रत्येक दिन प्रार्थना सभा में बच्चों को मुख्य दिमागी बुखार के बारे में बताया जाएगा, बच्चों को सुरक्षित पानी पीने, शौचालय का प्रयोग करने तथा खुले में शौच के नुकसान के बारे में भी शिक्षा प्रदान की जाएगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा चिकित्सालयों में संचारी रोगों के निदान तथा उपचार की समुचित व्यवस्था की जाएगी। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा 27 सितंबर को सभी विकासखण्डों में उप जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशाओं, एएनएम एवं ग्राम प्रधानों की बैठक आयोजित कराकर संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़े से सम्बंधित आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाये। सभी विभाग ग्रामवार कार्ययोजना तैयार कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में 29 सितंबर तक प्रस्तुत करें। बैठक में अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र बहादुर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह, जिला विकास अधिकारी विद्यानाथ शुक्ल, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जेएस बक्सी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके शाक्य, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका अवनीन्द्र कुमार मौजूद रहे।
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डीएम ने अधिकारियों के साथ की बैठक, तैयारियों का लिया जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। एक से 15 अक्तूबर तक संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़ा मनाने के संबंध में डीएम मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में तैयारियों को जायजा लेने के लिए बैठक हुई। इसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में बारिश के बाद अनेक क्षेत्रों में विभिन्न संचारी रोगों के फैलने की संभावना बनी हुई है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने संचारी रोगों तथा दिमागी बुखार पर नियंत्रण तथा इनके शीघ्र उपचार हेतु प्रभावी उपाय अपनाते हुए संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़े का आयोजन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि संचारी रोग और दिमागी बुखार होने का मुख्य कारण साफ-सफाई की कमी, जगह-जगह कचरे का एकत्रित होना, नालियों में दूषित जल का भराव एवं पेयजल का अशुद्ध होना है।
संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़े के तहत सभी विकास खंडों में अंतर्विभागीय बैठक का आयोजन किया जाएगा। साथ ही विकासखंडों में ग्राम प्रधानों की बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि संचारी रोग और दिमागी बुखार पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाने के लिए एक संपूर्ण सोच के साथ संबंधित विभागों का सहयोग भी अहम भूमिका रखता है। इस अभियान के तहत चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग द्वारा रोगियों के उपचार की व्यवस्था, संचारी रोगों तथा दिमागी बुखार की निगरानी, रोगियों के नि:शुल्क परिवहन हेतु रोगी वाहन की व्यवस्था, प्रचार-प्रसार एवं व्यवहार परिवर्तन गतिविधियां तथा वाहक नियंत्रक गतिविधियां, ग्रामीण क्षेत्रों में वाहन के घनत्व का आंकलन तथा नियंत्रण में स्रोतों की कमी जैसे बिदुओं पर कार्य किया जाएगा। नगर विकास विभाग द्वारा नगर निकायों के चुने हुए जनप्रतिनिधियों का संचारी रोगों की रोकथाम तथा साफ-सफाई के सम्बंध में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग, खुली नालियों को ढकने की व्यवस्था, नालियों/कचरों की सफाई करवाना तथा हैण्डपम्पों की पाईप को चारों ओर से कंक्रीट से बंद कराने का कार्य कराया जाएगा। साथ ही सड़कों के किनारे उगने वाली बनस्पतियों को नियमित रुप से काटने का कार्य भी किया जाएगा। पंचायती राज विभाग/ग्राम्य विकास विभाग द्वारा ग्राम स्तर पर साफ-सफाई, हांथ धोना, शौचालयों की सफाई हेतु जनजागरुकता के लिए प्रचार-प्रसार कराये जाना, ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा फण्ड से फॉगिंग की व्यवस्था कराना, जलाशयों एवं नालियों की सफाई कराना तथा संक्रमण एवं जल संधूषण के लिए उत्तरदायी नालियों को ढकने का कार्य किया जाएगा। पशु पालन विभाग द्वारा इस अभियान के तहत सूकर पशु पालकों को अन्य व्यवसाय जैसे-पोल्ट्री उद्योग को अपनाने, सूकर पालन स्थल पर बैक्टर नियंत्रण एवं सीरो सर्विलेंस की व्यवस्था कराने तथा सूकरवाड़े को मनुष्य आबादी से दूर स्थापित कराये जाने का कार्य किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्तर्गत कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा अपने क्षेत्र के समस्त कुपोषित/अतिकुपोषित बच्चों की सूची बनाकर उनको उचित पोषाहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ पोषण पुनर्वास केन्द्रों पर उपचार प्रदान किया जाएगा। शिक्षा विभाग के द्वारा प्रत्येक दिन प्रार्थना सभा में बच्चों को मुख्य दिमागी बुखार के बारे में बताया जाएगा, बच्चों को सुरक्षित पानी पीने, शौचालय का प्रयोग करने तथा खुले में शौच के नुकसान के बारे में भी शिक्षा प्रदान की जाएगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा चिकित्सालयों में संचारी रोगों के निदान तथा उपचार की समुचित व्यवस्था की जाएगी। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा 27 सितंबर को सभी विकासखण्डों में उप जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशाओं, एएनएम एवं ग्राम प्रधानों की बैठक आयोजित कराकर संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़े से सम्बंधित आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाये। सभी विभाग ग्रामवार कार्ययोजना तैयार कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में 29 सितंबर तक प्रस्तुत करें। बैठक में अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र बहादुर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह, जिला विकास अधिकारी विद्यानाथ शुक्ल, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जेएस बक्सी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके शाक्य, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका अवनीन्द्र कुमार मौजूद रहे।
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