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मौके से नहीं हटाया अतिक्रमण, फिर भी शिकायत कर दी निस्तारित
Updated Sat, 23 Jun 2018 03:24 AM IST
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मौके से नहीं हटा अतिक्रमण, फिर भी शिकायत निस्तारित
- आईजीआरएस की पारदर्शिता पर उठे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। आईजीआरएस की शिकायतों के निस्तारण में जिले को भले ही अव्वल स्थान प्राप्त हो रहा हो, लेकिन इसकी धरातल पर स्थिति अलग है। नगर पालिका परिषद के पूर्व सभासद मोहम्मद इदरीश राईन आजादपुरा मोहल्ले में एक जगह पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। जगह पर कब्जा हटे बगैर की शिकयत निस्तारित दिखा दी र्र्र्र्गई।
शुक्रवार को एडीएम को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि मोहल्ला आजादपुरा में ऐरा हाउस के पास अवैध कब्जा होने की शिकायत आईजीआरएस पर की गई। जिस पर अवर अभियंता, जोनल सेनेटरी अधिकारी एवं नजूल लिपिक ने मौके पर अतिक्रमण पाया। इस आधार पर अतिक्रमणकारी को नोटिस ईओ द्वारा जारी किया गया। इसके बाद तेरह अप्रैल को अंतिम नोटिस जारी हुआ। जिसके बाद अतिक्रमण हटा लिए जाने की सूचना आईजीआरएस पर दे दी गई, जबकि मौके पर अतिक्रमण अभी भी बरकरार है। कुछ दिन पहले ही नजूल लिपिक हबीब खान ने नदीपुरा में चौकी के पास अतिक्रमण की शिकायत की थी। इसे भी बगैर अतिक्रमण हटाए निस्तारित दर्शाया दिया था। यह नगर पालिका परिषद में ही नहीं हो रहा है। इस तरह के मामले आए दिन प्राप्त हो रहे हैं। वर्तमान में भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय महरौनी द्वारा संचालित की एक योजना में गड़बड़ी की गई थी। जिसे उप कृषि निदेशक ने निस्तारित दिखा दिया जबकि इसकी जांच रिपोर्ट उनके कार्यालय को प्राप्त ही नहीं हुई है। ऐसे में शिकायतकर्ता रामभरोसे मिश्रा निवासी ग्राम खिरिया लटनकजू खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है। वह अब भी न्याय के लिए भटक रहा है। इस तरह के निस्तारण से आईजीआरएस की पारदर्शी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
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- आईजीआरएस की पारदर्शिता पर उठे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। आईजीआरएस की शिकायतों के निस्तारण में जिले को भले ही अव्वल स्थान प्राप्त हो रहा हो, लेकिन इसकी धरातल पर स्थिति अलग है। नगर पालिका परिषद के पूर्व सभासद मोहम्मद इदरीश राईन आजादपुरा मोहल्ले में एक जगह पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। जगह पर कब्जा हटे बगैर की शिकयत निस्तारित दिखा दी र्र्र्र्गई।
शुक्रवार को एडीएम को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि मोहल्ला आजादपुरा में ऐरा हाउस के पास अवैध कब्जा होने की शिकायत आईजीआरएस पर की गई। जिस पर अवर अभियंता, जोनल सेनेटरी अधिकारी एवं नजूल लिपिक ने मौके पर अतिक्रमण पाया। इस आधार पर अतिक्रमणकारी को नोटिस ईओ द्वारा जारी किया गया। इसके बाद तेरह अप्रैल को अंतिम नोटिस जारी हुआ। जिसके बाद अतिक्रमण हटा लिए जाने की सूचना आईजीआरएस पर दे दी गई, जबकि मौके पर अतिक्रमण अभी भी बरकरार है। कुछ दिन पहले ही नजूल लिपिक हबीब खान ने नदीपुरा में चौकी के पास अतिक्रमण की शिकायत की थी। इसे भी बगैर अतिक्रमण हटाए निस्तारित दर्शाया दिया था। यह नगर पालिका परिषद में ही नहीं हो रहा है। इस तरह के मामले आए दिन प्राप्त हो रहे हैं। वर्तमान में भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय महरौनी द्वारा संचालित की एक योजना में गड़बड़ी की गई थी। जिसे उप कृषि निदेशक ने निस्तारित दिखा दिया जबकि इसकी जांच रिपोर्ट उनके कार्यालय को प्राप्त ही नहीं हुई है। ऐसे में शिकायतकर्ता रामभरोसे मिश्रा निवासी ग्राम खिरिया लटनकजू खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है। वह अब भी न्याय के लिए भटक रहा है। इस तरह के निस्तारण से आईजीआरएस की पारदर्शी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
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