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जल संस्थान की मुसीबत बढ़ा रही टेलीकॉम कंपनियां

Mon, 04 Jun 2018 01:04 AM IST
Updated Mon, 04 Jun 2018 01:04 AM IST
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जल संस्थान की मुसीबत बढ़ा रही टेलीकॉम कंपनियां
जल संस्थान की मुुसीबत बढ़ा रही टेलीकॉम कंपनियां
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ललितपुर। गर्मी के सीजन में टेेलीकॉम कंपनियों ने जल संस्थान का सिरदर्द बढ़ा दिया है। सड़क किनारे बिछाई जा रही केबिल से जल संस्थान की पाइप लाइनें जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो रही हैं। जिससे संस्थान कर्मचारियों को पेयजल की आपूर्ति करना चुनौती बन गया है। सिविल लाइन क्षेत्र में तो लाइन क्षतिग्रस्त होने से दो दिन में सैकड़ों लीटर पानी यूं ही बर्बाद हो गया है।

इन दिनों टेलीकॉम कंपनियां अपने ग्राहकों को बेहतर नेटवर्क देने की तैयारी में जुटी हुई हैं। कहीं 4-जी तो कहीं 5-वी जी की केबिल बिछाई जा रही है। शहर में भी सड़क किनारे पटरी खोदकर केबिल डाली जा रही है। इसकी खुदाई में मजदूरों के साथ जेसीबी का भी इस्तेमाल हो रहा है। जहां पर जेसीबी से खुदाई की जा रही है, वहां मशीन मिट्टी के साथ जल संस्थान की पाइप लाइन को उखाड़ देती है। शुक्रवार की रात पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष सतीश सुड़ेले के मकान के पास जेसीबी से खुदाई हुई तो यहां संस्थान की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इतना ही नहीं, रात में काम कर रहे मजदूरों ने जल संस्थान की टूटी पाइप लाइन में ही टेलीकॉम की केबिल डाल दी। शनिवार को सुबह जलापूर्ति हुई तो इसका पानी सिविल लाइन द्वितीय में पहुंचने की जगह पूर्व चेयरमैन के मकान के आसपास फैल गया। जिससे सड़क किनारे की पटरी पानी से लबालब हो गई। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना जल संस्थान के अफसरों को दी। उन्होंने क्षतिग्रस्त प्वाइंट पर काम करने के लिए गैंग भेज दी।
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इस गैंग जगह-जगह खुदाई करनी पड़ी तब जाकर क्षतिग्रस्त पाइप लाइन का पता चल सका। इसके बाद भी पाइप लाइन में डाली गई केबिल को हटाया गया। देर शाम संस्थान के कर्मचारी पाइप लाइन ठीक कर सके। उधर, सिविल लाइन क्षेत्र में ही चर्च के पास पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। यहां भी टेलीकॉम कंपनी का काम चल रहा है। इससे पहले जेल चौराहे के पास बांसी पाइपलाइन जेसीबी की चपेट में आ गई थी। इस तरह टेलीकॉम कंपनियों ने जल संस्थान के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। सिविल लाइन क्षेत्रवासी पहले से ही पेयजल समस्या से जूझ रहे थे लेकिन आए दिन पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से उन्हें बूंद-बूंद पानी के लिए तरसा दिया है।
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दोषियों के खिलाफ हो कार्रवाई
पाइप लाइनों के क्षतिग्रस्त के मामले में जल संस्थान को सख्त रुख अपनाना चाहिए। यदि इसी तरह आए दिन पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होती रही तो लोगों को पानी कैसे मिलेगा? उन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जिससे कि इस तरह की पुनरावृत्ति न हो सके।

मोदी पंकज जैन
वरिष्ठ सभासद, सिविल लाइन

एसडीएम को सौंपेंगे पत्र
टेेलीकॉम कंपनियों द्वारा पाइप लाइन क्षतिग्रस्त की जा रही हैं। इसकी मौखिक सूचना पहले ही एसडीएम सदर को दे चुके हैं। अब इस संबंध में एक लिखित पत्र के माध्यम पूरी स्थिति से अवगत कराएंगे।
केपी सिंह
अधिशासी अभियंता
जल संस्थान
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