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महिला अस्पताल में अव्यवस्था हावी
Updated Thu, 22 Feb 2018 01:52 AM IST
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अव्वल रहे अस्पताल में अब अव्यवस्थाएं
ललितपुर। प्रदेश में अव्वल स्थान हासिल करने वाला जिला महिला अस्पताल अब अव्यवस्थाओं की चपेट में है। अस्पताल परिसर के मुख्य दरवाजे को ही पार्किंग स्थल बना दिया गया है। वहीं, वार्डों के रास्ते पर गंदगी दिखाई देती है। इससे मरीजों को बेवजह परेशान होना पड़ रहा है।
जिला महिला चिकित्सालय ने कायाकल्प अवॉर्ड योजना में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसमें स्वच्छता, संक्रमण की रोकथाम की सेवाओं को उत्कृष्ट पाया गया है। लेकिन, वास्तव में मौके के हालात कुछ और ही हैं। जहां पर सर्जिकल वार्ड से किचिन की ओर जाने वाले रास्ते में वार्ड के कचरे को डस्टबिन में डाला जा रहा है, लेकिन उसका उठान नहीं हो रहा है। इसके चलते कचरा डस्टबिन से बाहर निकल रहा है। यही नहीं, डस्टबिन के पास में ही क्षतिग्रस्त अवस्था में कुर्सी रख दी गई है। वहीं, परिसर में मरीजों को खाना देने के लिए बनाई गई कैंटीन के पास भी कचरा जहां-तहां पड़ा हुआ है। कैंटीन में खाना पकाने के लिए घरेलू सिलेंडर इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जबकि कैंटीन में व्यवसायिक सिलेंडर का प्रयोग करने का नियम है। कचरा फैलने से अस्पताल में भर्ती मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा बन रहा है। इसके अतिरिक्त अस्पताल परिसर के मुख्यद्वार पर बेतरतीब वाहन खड़े किए जा रहे हैं। ऐसे में कई बार एंबुलेंस की बेरोकटोक आवाजाही प्रभावित हो जाती है। तमाम वाहन तो डस्टबिन रखे जाने वाले स्थान पर खड़े नजर आते हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
जताई अनभिज्ञता
गंदगी के बारे में पता करके सभी जगह सफाई कराई जाएगी। पर्चा काउंटर के पास निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे वाहन इधर उधर खड़े हो रहे हैं। कुछ ही दिन में कार्य समाप्त होने पर सब ठीक हो जाएगा। कुछ ब्लड बैंक में ब्लड लेने वाले अपने वाहन बाहर खड़े कर देते हैं।
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डॉ. हरेंद्र सिंह चौहान,
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला महिला चिकित्सालय ललितपुर
मद की जानकारी करेंगे
जिला महिला चिकित्सालय में प्रयोग होने वाले घरेलू सिलेंडरों के जानकारी नहीं है। शासन से मिलने वाले पैसा की जानकारी होने के बाद ही पता चल पाएगा कि कौन से सिलेंडर का उपयोग किया जाना चाहिए।
रामजतन यादव,
जिला पूर्ति अधिकारी
भोजन का दिया है ठेका
ठेकेदार को भोजन पकाने व वितरण का ठेका दिया गया है। घरेलू व व्यवसायिक सिलेंडर का पता लगाने की जिम्मेदारी पूर्ति विभाग की है।
डा. प्रताप सिंह
सीएमओ,
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ललितपुर। प्रदेश में अव्वल स्थान हासिल करने वाला जिला महिला अस्पताल अब अव्यवस्थाओं की चपेट में है। अस्पताल परिसर के मुख्य दरवाजे को ही पार्किंग स्थल बना दिया गया है। वहीं, वार्डों के रास्ते पर गंदगी दिखाई देती है। इससे मरीजों को बेवजह परेशान होना पड़ रहा है।
जिला महिला चिकित्सालय ने कायाकल्प अवॉर्ड योजना में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसमें स्वच्छता, संक्रमण की रोकथाम की सेवाओं को उत्कृष्ट पाया गया है। लेकिन, वास्तव में मौके के हालात कुछ और ही हैं। जहां पर सर्जिकल वार्ड से किचिन की ओर जाने वाले रास्ते में वार्ड के कचरे को डस्टबिन में डाला जा रहा है, लेकिन उसका उठान नहीं हो रहा है। इसके चलते कचरा डस्टबिन से बाहर निकल रहा है। यही नहीं, डस्टबिन के पास में ही क्षतिग्रस्त अवस्था में कुर्सी रख दी गई है। वहीं, परिसर में मरीजों को खाना देने के लिए बनाई गई कैंटीन के पास भी कचरा जहां-तहां पड़ा हुआ है। कैंटीन में खाना पकाने के लिए घरेलू सिलेंडर इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जबकि कैंटीन में व्यवसायिक सिलेंडर का प्रयोग करने का नियम है। कचरा फैलने से अस्पताल में भर्ती मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा बन रहा है। इसके अतिरिक्त अस्पताल परिसर के मुख्यद्वार पर बेतरतीब वाहन खड़े किए जा रहे हैं। ऐसे में कई बार एंबुलेंस की बेरोकटोक आवाजाही प्रभावित हो जाती है। तमाम वाहन तो डस्टबिन रखे जाने वाले स्थान पर खड़े नजर आते हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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जताई अनभिज्ञता
गंदगी के बारे में पता करके सभी जगह सफाई कराई जाएगी। पर्चा काउंटर के पास निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे वाहन इधर उधर खड़े हो रहे हैं। कुछ ही दिन में कार्य समाप्त होने पर सब ठीक हो जाएगा। कुछ ब्लड बैंक में ब्लड लेने वाले अपने वाहन बाहर खड़े कर देते हैं।
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डॉ. हरेंद्र सिंह चौहान,
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला महिला चिकित्सालय ललितपुर
मद की जानकारी करेंगे
जिला महिला चिकित्सालय में प्रयोग होने वाले घरेलू सिलेंडरों के जानकारी नहीं है। शासन से मिलने वाले पैसा की जानकारी होने के बाद ही पता चल पाएगा कि कौन से सिलेंडर का उपयोग किया जाना चाहिए।
रामजतन यादव,
जिला पूर्ति अधिकारी
भोजन का दिया है ठेका
ठेकेदार को भोजन पकाने व वितरण का ठेका दिया गया है। घरेलू व व्यवसायिक सिलेंडर का पता लगाने की जिम्मेदारी पूर्ति विभाग की है।
डा. प्रताप सिंह
सीएमओ,