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अन्ना पशुओं से बढ़ी परेशानी
Updated Tue, 08 Aug 2017 02:36 AM IST
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सड़क पर जानवर, निकले कहां से
ललितपुर। नगर में छुट्टा जानवरों के विचरण पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। मुख्य मार्ग स्टेशन रोड पर ही रोजाना इन पशुओं का डेरा रहता है, जिससे आए दिन यातायात प्रभावित होता है। सोमवार को रक्षाबंधन पर्व पर प्रधान डाकघर के पास ऐसा ही नजारा रहा।
रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर घंटाघर से लेकर प्रधान डाकघर के सामने तक राखी व मिठाइयों के ठेले सजे थे। वहीं पर अन्ना पशुओं ने झुंड बनाकर डेरा डाल लिया है। ऐसे में दोनों ओर से आ रहे वाहन चालकों को निकलने में दिक्कत हो रही है। नगर का मुख्य मार्ग पहले से ही अतिक्रमण की चपेट में है। उस पर डिवाइडर बने होने से समस्या जटिल हो गई है। शहजाद नदी पुल से थोड़े आगे रामराजा मंदिर के पास से डिवाइडर शुरू हो जाता है। इसके बाद नझाई गेट से तुवन मंदिर के सामने तक डिवाइडर बना है। कुछ दूरी आगे चलने के बाद डिवाइडर आरंभ होकर वर्णी चौराहे तक है। इसके आसपास बने फुटपाथ पर जगह-जगह अतिक्रमण हो गया है। जिस कारण राहगीरों को मुख्य सड़क के किनारे चलना पड़ता है। उस समय स्थिति और भी विकट हो जाती है जब डिवाइडर के एक ओर छुट्टा पशु झुंड बनाकर बैठे या विचरण कर रहे हों। ऐसे में यातायात प्रभावित होने लगता है। इसी दौरान सड़क से गुजर रहे राहगीरों को निकलना मुश्किल हो जाता है, उसे दुर्घटना का शिकार होने की चिंता सताने लगती है। नगर पालिका इसका कोई ठोस हल नहीं ढूंढ सकी है। विभाग ने जो कैटल कैचर छुट्टा जानवरों को पकड़ने के लिए खरीदा है, वह भी बेकार साबित हो रहा है। इसका कारण साफ है कि पशुओं को कैटल कैचर से पकड़ने के बाद छोड़े जा रहे हैं। उसे ग्रामीण वापस नगर की ओर भेज रहे हैं। इस तरह नगर पालिका का वाहन की आवाजाही पर खर्च हो रहा डीजल फिजूल खर्च साबित हो रहा है।
......
पशु पालक भी अपनी जिम्मेदारी समझें
नगर पालिका की ओर से प्रतिदिन वाहन की क्षमता के अनुसार छुट्टा पशुओं को पकड़कर उन्हें नगर सीमा से बाहर किया जा रहा है। यदि पशुपालक अपने जानवर बांधने लगे तो इस समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है।
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आरके लवानिया
मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक
नगर पालिका परिषद, ललितपुर।
ललितपुर। नगर में छुट्टा जानवरों के विचरण पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। मुख्य मार्ग स्टेशन रोड पर ही रोजाना इन पशुओं का डेरा रहता है, जिससे आए दिन यातायात प्रभावित होता है। सोमवार को रक्षाबंधन पर्व पर प्रधान डाकघर के पास ऐसा ही नजारा रहा।
रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर घंटाघर से लेकर प्रधान डाकघर के सामने तक राखी व मिठाइयों के ठेले सजे थे। वहीं पर अन्ना पशुओं ने झुंड बनाकर डेरा डाल लिया है। ऐसे में दोनों ओर से आ रहे वाहन चालकों को निकलने में दिक्कत हो रही है। नगर का मुख्य मार्ग पहले से ही अतिक्रमण की चपेट में है। उस पर डिवाइडर बने होने से समस्या जटिल हो गई है। शहजाद नदी पुल से थोड़े आगे रामराजा मंदिर के पास से डिवाइडर शुरू हो जाता है। इसके बाद नझाई गेट से तुवन मंदिर के सामने तक डिवाइडर बना है। कुछ दूरी आगे चलने के बाद डिवाइडर आरंभ होकर वर्णी चौराहे तक है। इसके आसपास बने फुटपाथ पर जगह-जगह अतिक्रमण हो गया है। जिस कारण राहगीरों को मुख्य सड़क के किनारे चलना पड़ता है। उस समय स्थिति और भी विकट हो जाती है जब डिवाइडर के एक ओर छुट्टा पशु झुंड बनाकर बैठे या विचरण कर रहे हों। ऐसे में यातायात प्रभावित होने लगता है। इसी दौरान सड़क से गुजर रहे राहगीरों को निकलना मुश्किल हो जाता है, उसे दुर्घटना का शिकार होने की चिंता सताने लगती है। नगर पालिका इसका कोई ठोस हल नहीं ढूंढ सकी है। विभाग ने जो कैटल कैचर छुट्टा जानवरों को पकड़ने के लिए खरीदा है, वह भी बेकार साबित हो रहा है। इसका कारण साफ है कि पशुओं को कैटल कैचर से पकड़ने के बाद छोड़े जा रहे हैं। उसे ग्रामीण वापस नगर की ओर भेज रहे हैं। इस तरह नगर पालिका का वाहन की आवाजाही पर खर्च हो रहा डीजल फिजूल खर्च साबित हो रहा है।
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पशु पालक भी अपनी जिम्मेदारी समझें
नगर पालिका की ओर से प्रतिदिन वाहन की क्षमता के अनुसार छुट्टा पशुओं को पकड़कर उन्हें नगर सीमा से बाहर किया जा रहा है। यदि पशुपालक अपने जानवर बांधने लगे तो इस समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है।
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आरके लवानिया
मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक
नगर पालिका परिषद, ललितपुर।