{"_id":"5c5722f2bdec22578f2a90b3","slug":"131549214450-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयाग कुंभ में लगाईं बसें, जिले में यात्री हो रहे परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयाग कुंभ में लगाईं बसें, जिले में यात्री हो रहे परेशान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रयाग कुंभ में लगाईं बसें, जिले में यात्री परेशान
ललितपुर। परिवहन निगम की ग्रामीण क्षेत्रों की बस सेवा जिले के लोगों के लिए छलावा साबित हो रही है। यहां से एक बस ही प्रयागराज कुंभ के लिए नियमित आ जा रही है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व से संचालित हो रही बसों को बगैर किसी सूचना के हटा लिया गया है। इससे यात्रियों के लिए आवाजाही की समस्या खड़ी हो गई है। वर्तमान में 17 की जगह 07 बसेें ही जिले के लिए उपलब्ध रह गई हैं। बाकी सभी बसों को अन्य जगहों पर लगा दिया गया है। ऐसे में यहां के यात्री गतंव्य जाने के लिए अन्य साधनों को तलाशते नजर आ रहे हैं।
जिलें में ग्रामीण क्षेत्र में यातायात की सुविधा के लिए परिवहन विभाग द्वारा 17 बसें संचालित हो रहीं है। यह बसें ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यालय व मंडल से जोड़ती है। इसके साथ ही लगभग डेढ़ सौ से अधिक निजी बसें आवागमन करतीं हैं। इनमें कई बसें ग्रामीण कस्बा को मुख्यालय से जोड़ती है। लेकिन बीते दिनों से परिवहन विभाग द्वारा जिले में चलने वाली बसों को प्रयागराज कुंभ में लगा दिया गया है। जिससे यात्रियों को आवागमन में असुविधाएं हो रहीं है। इनमें एक नान स्टाफ बस के साथ ही कैलगुवां से झांसी जाने वाली लोहिया ग्रामीण, जामनी बांध से झांसी, मदनपुर से झांसी, चिगलौआ से झांसी, मदनपुर, देवगढ़, बालाबेहट, गुढ़ा, बार से झांसी के लिए जाने वाली बसें है। इन बसों को रूट परिवर्तन होने से यात्रियों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। बीते दिनों से बस स्टैंड पर अधिकांश लोहिया ग्रामीण बसें नजर नहीं आ रहीं है। इसके चलते कई यात्रियों को कई घंटे बस का इंतजार करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं कई यात्रियों को मजबूर होकर भरी बसों में सफर करना पड़ रहा है। एसे में बुजुर्ग यात्री भी बसों में खड़े हो कर यात्रा कर रहे हैं। वहीं युवा लोग सर्दी के मौसम में भी बसों की छत पर बैठ रहे हैं। इन बसों के बंद होने के कारण कई मार्गों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से खराब हो गई है। वहीं, शाम के समय पाली, महरौनी व अन्य क्षेत्रों में जाने वाले यात्री बस स्टेंड पर बस की राह में भटक रहे हैं। उन्हें डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है तो कइयों को रात गुजारनेे का आशियाना ढूंढना पड़ रहा है। इसके बावजूद भी संबंधित विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे यात्रियों को आवागमन में परेशान होना पड़ रहा है।
पूछताछ केंद्र का अभाव बना मुसीबत
भले ही परिवहन विभाग द्वारा जिले में रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा हो, लेकिन जिला मुख्यालय पर स्थित बस स्टैंड पर पूछताछ केंद्र का आभाव मुसीबत बन गया है और न ही विभाग के द्वारा कोई कर्मचारी तैनात किया गया है। इसके अलावा विभाग द्वारा कोई टोलफ्री नंबर का बोर्ड नहीं लगाया गया है। स्टेंड पर बैठे यात्रियों को बस सेवा की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन
जिले में रोडवेज बसों में कुछ बसों को प्रयागराज कुंभ के लिए लगाया गया है। वर्तमान में सात बसें अपने रूट के लिए लगातार चलाई जा रही है। इसके साथ ही हटाई गई बसों को भी शीघ्र ही रूट पर भेजा जाएगा।
रामलवट, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज डिपो, झांसी
विज्ञापन
ललितपुर। परिवहन निगम की ग्रामीण क्षेत्रों की बस सेवा जिले के लोगों के लिए छलावा साबित हो रही है। यहां से एक बस ही प्रयागराज कुंभ के लिए नियमित आ जा रही है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व से संचालित हो रही बसों को बगैर किसी सूचना के हटा लिया गया है। इससे यात्रियों के लिए आवाजाही की समस्या खड़ी हो गई है। वर्तमान में 17 की जगह 07 बसेें ही जिले के लिए उपलब्ध रह गई हैं। बाकी सभी बसों को अन्य जगहों पर लगा दिया गया है। ऐसे में यहां के यात्री गतंव्य जाने के लिए अन्य साधनों को तलाशते नजर आ रहे हैं।
जिलें में ग्रामीण क्षेत्र में यातायात की सुविधा के लिए परिवहन विभाग द्वारा 17 बसें संचालित हो रहीं है। यह बसें ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यालय व मंडल से जोड़ती है। इसके साथ ही लगभग डेढ़ सौ से अधिक निजी बसें आवागमन करतीं हैं। इनमें कई बसें ग्रामीण कस्बा को मुख्यालय से जोड़ती है। लेकिन बीते दिनों से परिवहन विभाग द्वारा जिले में चलने वाली बसों को प्रयागराज कुंभ में लगा दिया गया है। जिससे यात्रियों को आवागमन में असुविधाएं हो रहीं है। इनमें एक नान स्टाफ बस के साथ ही कैलगुवां से झांसी जाने वाली लोहिया ग्रामीण, जामनी बांध से झांसी, मदनपुर से झांसी, चिगलौआ से झांसी, मदनपुर, देवगढ़, बालाबेहट, गुढ़ा, बार से झांसी के लिए जाने वाली बसें है। इन बसों को रूट परिवर्तन होने से यात्रियों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। बीते दिनों से बस स्टैंड पर अधिकांश लोहिया ग्रामीण बसें नजर नहीं आ रहीं है। इसके चलते कई यात्रियों को कई घंटे बस का इंतजार करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं कई यात्रियों को मजबूर होकर भरी बसों में सफर करना पड़ रहा है। एसे में बुजुर्ग यात्री भी बसों में खड़े हो कर यात्रा कर रहे हैं। वहीं युवा लोग सर्दी के मौसम में भी बसों की छत पर बैठ रहे हैं। इन बसों के बंद होने के कारण कई मार्गों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से खराब हो गई है। वहीं, शाम के समय पाली, महरौनी व अन्य क्षेत्रों में जाने वाले यात्री बस स्टेंड पर बस की राह में भटक रहे हैं। उन्हें डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है तो कइयों को रात गुजारनेे का आशियाना ढूंढना पड़ रहा है। इसके बावजूद भी संबंधित विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे यात्रियों को आवागमन में परेशान होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
पूछताछ केंद्र का अभाव बना मुसीबत
भले ही परिवहन विभाग द्वारा जिले में रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा हो, लेकिन जिला मुख्यालय पर स्थित बस स्टैंड पर पूछताछ केंद्र का आभाव मुसीबत बन गया है और न ही विभाग के द्वारा कोई कर्मचारी तैनात किया गया है। इसके अलावा विभाग द्वारा कोई टोलफ्री नंबर का बोर्ड नहीं लगाया गया है। स्टेंड पर बैठे यात्रियों को बस सेवा की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन
जिले में रोडवेज बसों में कुछ बसों को प्रयागराज कुंभ के लिए लगाया गया है। वर्तमान में सात बसें अपने रूट के लिए लगातार चलाई जा रही है। इसके साथ ही हटाई गई बसों को भी शीघ्र ही रूट पर भेजा जाएगा।
रामलवट, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज डिपो, झांसी