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आदर्श ग्राम में खुले में शौच के मामले में बैठी जांच
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आदर्श ग्राम पारौल में ओडीएफ में गड़बड़ी की जांच
जिला पंचायत राज अधिकारी को जांच सौंपी
इंपेक्ट का लोगो
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। मड़ावरा ब्लाक के दूरदराज क्षेत्र में स्थित सांसद आदर्श ग्राम पारौल ओडीएफ होने के बाद भी खुले में शौच होने के मामले में जांच बैठा दी गई है। डीएम ने जिला पंचायत राज अधिकारी को इस जांच सौंपी है। इससे स्वच्छता से जुड़े कर्मियों में खलबली मच गई है।
तहसील पाली अंतर्गत ग्राम पारौल का समग्र विकास करने के लिए केंद्रीय मंत्री/क्षेत्रीय सांसद उमा भारती ने इसे गोद ले रखा है। बीते माहों में इस गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। इसके बाद भी गांव में कई शौचालय या तो अधूरे हैं या फिर ग्रामीण उनका उपयोग नहीं कर रहे हैं। इस कमी को उजागर करने के लिए नौ दिसंबर को अमर उजाला के अंक में पेज नंबर दो पर ‘शौचालयों का टोटा तो कैसे छूटे लोटा’ शीर्षक से समाचार का प्रकाशन किया गया। इसमें तीन सौ शौचालय पूर्ण एवं पचास अधूरे पड़े हैं। इसे डीएम मानवेंद्र सिंह ने संज्ञान में लेकर जांच बैठा दी गई है। उन्होंने डीपीआरओ को लिखे पत्र में कहा कि इस प्रकरण की जांच कर आख्या प्रस्तुत करें। इस पत्र के जारी होते ही स्वच्छता से जुड़े कर्मियों ने अभिलेखों को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है।
18 सचिवों को कारण बताओ नोटिस
जिला पंचायत राज अधिकारी श्रवण कुुमार सिंह ने जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों के 18 ग्राम पंचायत सचिव/ प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसमें शौचालयों की कमियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं। ब्लॉक मड़ावरा के ग्राम सीरोन के प्रधान/सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि ग्राम पंचायत सीरोन को 28 सितंबर को ओडीएफ मार्क कराया गया था। इसके अलावा 12 अक्तूबर को व्यक्तिगत शौचालय, स्कूल व आंगनबाड़ी शौचालय निर्माण के किए गए निरीक्षण/सत्यापन में पाई गई कमियों को अभियान चलाकर सात दिवस के अंदर मानक के अनुसार पूर्ण कराते हुए आख्या उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया था। लेकिन आज तक शौचालयों के निर्माण पूर्ण होने की आख्या उपलब्ध नहीं कराई गई, जो उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना का द्योतक है। उन्होंने तीन दिवस में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
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जिला पंचायत राज अधिकारी को जांच सौंपी
इंपेक्ट का लोगो
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। मड़ावरा ब्लाक के दूरदराज क्षेत्र में स्थित सांसद आदर्श ग्राम पारौल ओडीएफ होने के बाद भी खुले में शौच होने के मामले में जांच बैठा दी गई है। डीएम ने जिला पंचायत राज अधिकारी को इस जांच सौंपी है। इससे स्वच्छता से जुड़े कर्मियों में खलबली मच गई है।
तहसील पाली अंतर्गत ग्राम पारौल का समग्र विकास करने के लिए केंद्रीय मंत्री/क्षेत्रीय सांसद उमा भारती ने इसे गोद ले रखा है। बीते माहों में इस गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। इसके बाद भी गांव में कई शौचालय या तो अधूरे हैं या फिर ग्रामीण उनका उपयोग नहीं कर रहे हैं। इस कमी को उजागर करने के लिए नौ दिसंबर को अमर उजाला के अंक में पेज नंबर दो पर ‘शौचालयों का टोटा तो कैसे छूटे लोटा’ शीर्षक से समाचार का प्रकाशन किया गया। इसमें तीन सौ शौचालय पूर्ण एवं पचास अधूरे पड़े हैं। इसे डीएम मानवेंद्र सिंह ने संज्ञान में लेकर जांच बैठा दी गई है। उन्होंने डीपीआरओ को लिखे पत्र में कहा कि इस प्रकरण की जांच कर आख्या प्रस्तुत करें। इस पत्र के जारी होते ही स्वच्छता से जुड़े कर्मियों ने अभिलेखों को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है।
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18 सचिवों को कारण बताओ नोटिस
जिला पंचायत राज अधिकारी श्रवण कुुमार सिंह ने जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों के 18 ग्राम पंचायत सचिव/ प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसमें शौचालयों की कमियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं। ब्लॉक मड़ावरा के ग्राम सीरोन के प्रधान/सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि ग्राम पंचायत सीरोन को 28 सितंबर को ओडीएफ मार्क कराया गया था। इसके अलावा 12 अक्तूबर को व्यक्तिगत शौचालय, स्कूल व आंगनबाड़ी शौचालय निर्माण के किए गए निरीक्षण/सत्यापन में पाई गई कमियों को अभियान चलाकर सात दिवस के अंदर मानक के अनुसार पूर्ण कराते हुए आख्या उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया था। लेकिन आज तक शौचालयों के निर्माण पूर्ण होने की आख्या उपलब्ध नहीं कराई गई, जो उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना का द्योतक है। उन्होंने तीन दिवस में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
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