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ओलावृष्टि से फसलों को पैतीस से चालीस प्रतिशत नुकसान
Updated Sat, 17 Feb 2018 01:28 AM IST
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ओलावृष्टि से फसलों को 34 से 40 प्रतिशत नुकसान
ललितपुर। बारिश और ओलावृष्टि से जिले की रबी फसल को 35 से 40 प्रतिशत नुकसान होने का आंकलन किया गया है। इस संबंध में लेखपालों ने अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है। उधर, शासन की ओर से करीब 13-14 करोड़ रुपये राहत राशि के रूप में मिलने की बात कही जा रही है। बीते दिनों जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से ग्राम झरकोन, मसौराकलां, मसौराखुर्द, जिजयावन, रघुनाथपुरा, कल्यानपुरा, टपरियन, खिरिया छतारा, हंसारा, हरपुरा, घटवार, निवाई, निवाहो, अनौरा, ग्राम घिसौली, धुरवारा, किसलवास, चांदरा, गुरसौरा, चितरा, आगर, टेनगा, तोर, अंडेला, जामुनधाना खुर्द, सुरौआ, बानपुर सहित कई ग्रामों में मसूर, चना, मटर, गेहूं की फसल चौपट हो गई थी। विशेषकर मटर की फलिया फटकर उसके बीज खेतों में ही गिर गए थे तो गेहूं की फसल भी आड़ी हो गई थी। ग्राम झरकोन में घरों की खपरैल क्षतिग्रस्त हो गई तो पक्षी और जानवरों की मौत हो गई थी। इस सूचना पर जिला प्रशासन ने हरकत में आते हुए सभी उप जिलाधिकारियों को मौके का जायजा लेने के निर्देश दिए थे। इस पर एसडीएम ने लेखपालों से प्लॉट टू प्लॉट सर्वे के लिए कहा था। उन्होंने अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है। इसमें 35 से 40 प्रतिशत नुकसान का आकलन हुआ है। वहीं, प्रदेश सरकार ने भी ओलावृष्टि राहत राशि के लिए 50 हजार रुपये अवमुक्त करने के निर्देश दिए हैं। इसमें से 13 से 14 करोड़ रुपये मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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ललितपुर। बारिश और ओलावृष्टि से जिले की रबी फसल को 35 से 40 प्रतिशत नुकसान होने का आंकलन किया गया है। इस संबंध में लेखपालों ने अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है। उधर, शासन की ओर से करीब 13-14 करोड़ रुपये राहत राशि के रूप में मिलने की बात कही जा रही है। बीते दिनों जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से ग्राम झरकोन, मसौराकलां, मसौराखुर्द, जिजयावन, रघुनाथपुरा, कल्यानपुरा, टपरियन, खिरिया छतारा, हंसारा, हरपुरा, घटवार, निवाई, निवाहो, अनौरा, ग्राम घिसौली, धुरवारा, किसलवास, चांदरा, गुरसौरा, चितरा, आगर, टेनगा, तोर, अंडेला, जामुनधाना खुर्द, सुरौआ, बानपुर सहित कई ग्रामों में मसूर, चना, मटर, गेहूं की फसल चौपट हो गई थी। विशेषकर मटर की फलिया फटकर उसके बीज खेतों में ही गिर गए थे तो गेहूं की फसल भी आड़ी हो गई थी। ग्राम झरकोन में घरों की खपरैल क्षतिग्रस्त हो गई तो पक्षी और जानवरों की मौत हो गई थी। इस सूचना पर जिला प्रशासन ने हरकत में आते हुए सभी उप जिलाधिकारियों को मौके का जायजा लेने के निर्देश दिए थे। इस पर एसडीएम ने लेखपालों से प्लॉट टू प्लॉट सर्वे के लिए कहा था। उन्होंने अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है। इसमें 35 से 40 प्रतिशत नुकसान का आकलन हुआ है। वहीं, प्रदेश सरकार ने भी ओलावृष्टि राहत राशि के लिए 50 हजार रुपये अवमुक्त करने के निर्देश दिए हैं। इसमें से 13 से 14 करोड़ रुपये मिलने की संभावना जताई जा रही है।