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डाटा क्वालिटी व नीति आयोग इंडीकेटर्स ने तय की स्वास्थ्य सेवाओं की रैंकिंग

Thu, 04 Jan 2018 01:45 AM IST
Updated Thu, 04 Jan 2018 01:45 AM IST
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डाटा क्वालिटी व नीति आयोग इंडीकेटर्स ने तय की स्वास्थ्य सेवाओं की रैंकिंग
स्वास्थ्य सेवाओं में ललितपुर को प्रदेश में तीसरा स्थान
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ललितपुर। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने में ललितपुर के स्वास्थ्य विभाग ने डाटा क्वालिटी इंडीकेटर्स के आधार पर तीसरा स्थान और नीति आयोग इंडीकेटर्स की रैंकिंग के आधार पर चौथा स्थान मिला है।

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के द्वारा वर्ष 2016-17 की नबंवर माह तक की जिलावार रैकिंग जारी की गई है। जिसमें प्रदेश के सभी जिलों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए एक से 57 तक की रैंकिंग दी गई है। यह रैंकिंग दो स्तर पर निर्धारित की गई है। इस रैकिंग में डाटा क्वालिटी इंडीकेटर्स के आधार पर तीसरा स्थान और एक अन्य रैकिंग की गणना नीति आयोग के इंडीकेटर्स के आधार पर जिसमें ललितपुर को चौथा स्थान दिया गया है। ललितपुर के स्वास्थ्य विभाग को यह दोनों प्रकार की रैकिंग अधिक संस्थागत प्रसव, पूर्ण टीकाकरण, एमटीसीएस के अंतर्गत ज्यादा गर्भवती महिलाओं और बच्चों का पंजीकरण, टीबी से पीड़ित नए मरीजों का संपूर्ण इलाज आदि क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन के लिए दी गई है। यदि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मासिक प्रदर्शन में गत वर्ष 2016-17 में अगस्त से मार्च तक ललितपर का पहला स्थान रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन प्रदेश भर के जिलों के मरीजों को उपलब्ध कराई गई जा रही सेवाओं के आधार पर रैंकिंग निर्धारित की गई है, इसके लिए एनएचएम ने 34 सूचकांक तय किए हैं, जिसमें से सात वित्तीय और 27 विभिन्न सेवाओं के प्रदर्शन के आधार पर हैं। इन सूचकांक के आधार पर ललितपुर में संस्थागत प्रसव 86 प्रतिशत, एमसीटीसी के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण 41 प्रतिशत, एमसीटीसी के अंतर्गत पंजीकरण बच्चे 32 प्रतिशत, पूर्ण टीकाकरण के अंतर्गत बच्चों का प्रतिशत 26 प्रतिशत, टीबी चिह्नित केस 64 प्रतिशत, वे बच्चे जिनका वजन 2.5 किलोग्राम से कम है वे 14 प्रतिशत हैं, खून की कमी से ग्रसित गर्भवती महिलाएं 36 प्रतिशत का आंकड़ा रहा है। वहीं 34 अन्य सूचकांक भी किए गए हैं। जिनमें ओपीडी, इनडोर, मरीज भर्ती दर, पैथोलॉजी सेवाएँ, संस्थागत प्रसव, बच्चों का सम्पूर्ण टीकाकरण, गर्भवती का एमसीटीएस में पंजीकरण, एमसीटीएस के अंतर्गत पंजीकृत बच्चें, टीबी चिन्हित केस, वो बच्चें जिनका वजन 2.5 किलोग्राम से कम हैं, खून की कमी से ग्रसित गर्भवती महिलाएं, प्रथम चिकित्सा ईकाई में संचालित प्रमुख सुविधाएं, तीन से ज्यादा ग्रेड पाने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, टीबी से पीड़ित नये मरीजों का सम्पूर्ण इलाज, प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्र जहां 24 घंटे निर्धारित सुविधायें दी जा रही है, राष्ट्रीय कार्यक्रमों के बजट का उपयोग आदि शामिल हैं। इन्हीं आंकड़ों की वजह से ललितपुर के स्वास्थ्य विभाग ने डाटा क्वालिटी के आधार पर तीसरा और नीति आयोग इंडीकेटर्स के आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं में चौथा स्थान हासिल किया है।
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