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11 हजार बीमा धारक किसानों ने किया बीमा क्लेम के लिए आवेदन
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ललितपुर। जिले में हुई लगातार बारिश से नष्ट फसलों की मुआवजे को लेकर किसानों ने अब तक कृषि विभाग में बीमा क्लेम की मांग को लेकर 11 हजार किसान आवेदन कर चुके हैं। बरसात से अधिकांश किसानों की खरीफ की फसलें बर्बाद हो गईं है। अतिवृष्टि से नष्ट फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसान प्रतिदिन प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों में आ रहे हैं। कृषि विभाग में फसलों का बीमा कराने वाले किसान बीमा क्लेम की मांग को लेकर प्रार्थनापत्र सौंप रहे हैं। कृषि विभाग में बीमा कंपनी ने फसलों की जांच के एक आवेदन रखवा दिया है, जिसमें किसानों को अपना पता व फसल से संबंधित विवरण भरना है। इस प्रार्थनापत्र के साथ किसानों को आधार कार्ड व जमीन के बारे में जानकारी देनी है। अब तक 11 हजार किसानों ने आवेदन जमा कर दिए हैं।
जिले में दो लाख 42 हजार किसान हैं। इनमें से एक लाख 25 हजार किसानों ने अपनी कृषि भूमि पर किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बैंकों से ऋण लिया है। इन किसानों ने फसल का बीमा कराया है। वहीं, 1725 किसानों ने अपनी फसल का बीमा कंपनी में कराया है। इस तरह जिले में लगभग एक लाख 27 हजार किसानों ने फसलों का बीमा कराया है, जबकि एक लाख पच्चीस हजार किसानों ने फसल का बीमा नहीं कराया है।
जिले के सभी ग्रामों में अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसलों का गठित की गई टीमों के माध्यम से आकलन कराया जा रहा है। नष्ट फसल का आकलन करने के बाद फसलों के बीमाधारक किसानों को बीमा कंपनी द्वारा नुकसान पर नियमानुसार क्लेम का भुगतान किया जाएगा।
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- संतोष कुमार सविता, उप कृषि निदेशक
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जिले में दो लाख 42 हजार किसान हैं। इनमें से एक लाख 25 हजार किसानों ने अपनी कृषि भूमि पर किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बैंकों से ऋण लिया है। इन किसानों ने फसल का बीमा कराया है। वहीं, 1725 किसानों ने अपनी फसल का बीमा कंपनी में कराया है। इस तरह जिले में लगभग एक लाख 27 हजार किसानों ने फसलों का बीमा कराया है, जबकि एक लाख पच्चीस हजार किसानों ने फसल का बीमा नहीं कराया है।
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जिले के सभी ग्रामों में अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसलों का गठित की गई टीमों के माध्यम से आकलन कराया जा रहा है। नष्ट फसल का आकलन करने के बाद फसलों के बीमाधारक किसानों को बीमा कंपनी द्वारा नुकसान पर नियमानुसार क्लेम का भुगतान किया जाएगा।
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- संतोष कुमार सविता, उप कृषि निदेशक