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अगर दिल से है प्यार, तो लें पौष्टिक संतुलित आहार
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world heart day 2020 special
लखीमपुर खीरी। दिल के मायने अलग-अलग मिजाज के लोगों के लिए भले ही अलग-अलग हों। मगर, सीने के बाईं ओर धड़कता पान के आकार का यह छोटा सा अंग शरीर में खून संचरण का काम करता है, थोड़ी सी असावधानी दिल के लिए घातक हो सकती है और जान तक पर आ सकती है। ऐसे में दिल को तंदुरुस्त रखने के लिए नियमित व्यायाम और संतुलित खानपान आवश्यक है।
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. आरएस मधौरिया बताते हैं कि दिल की हिफाजत की जरूरत तो हर कोई समझता है। मगर, इसके लिए प्रयास कम ही लोग करते हैं। यही कारण है कि कभी वृद्धावस्था में होने वाला हार्ट अटैक अब कम उम्र में ही होने लगा है। इसका कारण खराब जीवन शैली, तनाव, शारीरिक श्रम न करना एवं अनियमित खानपान है। डॉ. आरएस मधौरिया बताते हैं कि दिल की हिफाजत करने में लापरवाही करना जान पर भारी पड़ सकता है। जिन्हें एक बार अटैक पड़ चुका है उन्हें अपनी जीवन शैली में बदलाव कर लेना चाहिये। दिल को सुरक्षित रखने के लिए ही विश्व स्वास्थ्य संगठन हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाता है।
तनाव कर रहा दिल को बीमार
यूनानी चिकित्सक डॉ. नादिर खान बताते हैं कि भागदौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति तनाव में है। यही हृदयाघात का मुख्य कारण है। अधिक मीठा, मसालेदार भोजन, धूम्रपान, शारीरिक श्रम का अभाव दिल को कमजोर कर रहा है। वहीं प्रदूषण भी दिल को रोग दे रहा है। दूसरे, दिल की बीमारी के लक्षणों की जानकारी न होने से यह जानलेवा स्थिति तक पहुंच जाता है। धमनियों में रुकावट होने पर सीने में दबाव एवं दर्द के साथ खिंचाव महसूस होने, सीने में जलन, बाएं कंधे में दर्द भी दिल की बीमारी की दस्तक हो सकता है। पैरों में दर्द, सूजन, पसीना आना एवं घबराहट होना भी दिल के लिए खतरे की घंटी है। इस तरह के लक्षणों देखें तो गंभीरता से लें और डॉक्टर को दिखाएं। पौष्टिक आहार, सही जीवन शैली और समय समय पर जांच कराकर दिल को सुरक्षित रखा जा सकता है।
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दिल को सुरक्षित रखता है प्राणायाम और आसन
योग प्रशिक्षक गिरीश मौर्य बताते हैं कि दिल को तंदुरुस्त रखने में योग का विशेष योगदान है। संतुलित खान पान अपनाकर और नियमित योग कर दिल को बीमारियों से बचाया जा सकता है।
यूनानी चिकित्सक डॉ.नादिर खान बताते हैं कि भरपूर नींद लेकर, लहुसन, प्याज, काली मिर्च आदि का रोजाना सेवन दिल को बीमारियों से बचाने में कारगर हैं। कोलेस्ट्राल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें। कोलेस्ट्राल कम करने के लिए अर्जुन की छाल का चूर्ण प्रयोग करें।
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जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. आरएस मधौरिया बताते हैं कि दिल की हिफाजत की जरूरत तो हर कोई समझता है। मगर, इसके लिए प्रयास कम ही लोग करते हैं। यही कारण है कि कभी वृद्धावस्था में होने वाला हार्ट अटैक अब कम उम्र में ही होने लगा है। इसका कारण खराब जीवन शैली, तनाव, शारीरिक श्रम न करना एवं अनियमित खानपान है। डॉ. आरएस मधौरिया बताते हैं कि दिल की हिफाजत करने में लापरवाही करना जान पर भारी पड़ सकता है। जिन्हें एक बार अटैक पड़ चुका है उन्हें अपनी जीवन शैली में बदलाव कर लेना चाहिये। दिल को सुरक्षित रखने के लिए ही विश्व स्वास्थ्य संगठन हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाता है।
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तनाव कर रहा दिल को बीमार
यूनानी चिकित्सक डॉ. नादिर खान बताते हैं कि भागदौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति तनाव में है। यही हृदयाघात का मुख्य कारण है। अधिक मीठा, मसालेदार भोजन, धूम्रपान, शारीरिक श्रम का अभाव दिल को कमजोर कर रहा है। वहीं प्रदूषण भी दिल को रोग दे रहा है। दूसरे, दिल की बीमारी के लक्षणों की जानकारी न होने से यह जानलेवा स्थिति तक पहुंच जाता है। धमनियों में रुकावट होने पर सीने में दबाव एवं दर्द के साथ खिंचाव महसूस होने, सीने में जलन, बाएं कंधे में दर्द भी दिल की बीमारी की दस्तक हो सकता है। पैरों में दर्द, सूजन, पसीना आना एवं घबराहट होना भी दिल के लिए खतरे की घंटी है। इस तरह के लक्षणों देखें तो गंभीरता से लें और डॉक्टर को दिखाएं। पौष्टिक आहार, सही जीवन शैली और समय समय पर जांच कराकर दिल को सुरक्षित रखा जा सकता है।
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दिल को सुरक्षित रखता है प्राणायाम और आसन
योग प्रशिक्षक गिरीश मौर्य बताते हैं कि दिल को तंदुरुस्त रखने में योग का विशेष योगदान है। संतुलित खान पान अपनाकर और नियमित योग कर दिल को बीमारियों से बचाया जा सकता है।
यूनानी चिकित्सक डॉ.नादिर खान बताते हैं कि भरपूर नींद लेकर, लहुसन, प्याज, काली मिर्च आदि का रोजाना सेवन दिल को बीमारियों से बचाने में कारगर हैं। कोलेस्ट्राल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें। कोलेस्ट्राल कम करने के लिए अर्जुन की छाल का चूर्ण प्रयोग करें।