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Lakhimpur Kheri News: आपदा में अब महिलाएं भी बनेंगी मददगार, 500 से ज्यादा तैयार
Sun, 05 Apr 2026 12:14 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 05 Apr 2026 12:14 AM IST
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लक्ष्मी देवी
लखीमपुर खीरी। अब प्राकृतिक आपदाओं में सिर्फ एनडीआरएफ और पुलिस-प्रशासन ही नहीं, बल्कि महिलाएं भी राहत और बचाव कार्य में अहम भूमिका निभाएंगी। जनपद की 500 से अधिक महिलाओं को ‘आपदा मित्र’ के रूप में प्रशिक्षित किया जा चुका है, ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी मदद ली जा सके।
आपदा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 20 से अधिक प्रकार की आपदाएं सामने आती हैं। इनमें बाढ़, अग्निकांड, ओलावृष्टि, भू-स्खलन, कीट अतिक्रमण, बेमौसम बरसात, आकाशीय बिजली, आंधी-तूफान, लू का प्रकोप, सर्पदंश, बोरवेल में गिरना, सांड़ या नीलगाय का हमला, वन्यजीव हमला और नाव दुर्घटना जैसी घटनाएं शामिल हैं। इन आपदाओं में प्रभावित लोगों को सरकार की ओर से अलग-अलग प्रावधानों के तहत आर्थिक मदद दी जाती है।
लखीमपुर खीरी में बाढ़ और अग्निकांड की घटनाएं सबसे ज्यादा होती हैं। पलिया, निघासन और फूलबेहड़ क्षेत्रों में कई बार बाढ़ के दौरान लोगों को बचाने के लिए पुलिस, प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें तैनात रही हैं। भोजन, दवाएं और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी की जाती रही हैं। अब इन अभियानों में प्रशिक्षित महिलाओं की भी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
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जिला आपदा विशेषज्ञ अंकित राज ने बताया कि जनपद में 500 से अधिक महिलाओं को आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। संवाद
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विभिन्न प्रकार की आपदाओं से बचाव के लिए लखनऊ में 12 दिवसीय प्रशिक्षण लिया है। इसमें मुख्य रूप से बाढ़ के दौरान लोगों को बचाने, सीपीआर देने और अग्निकांड से निपटने के बारे में सिखाया गया। अब कहीं भी आपदा आती है तो मदद करने में सक्षम हूं।
-लक्ष्मी देवी, आपदा मित्र
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आपदाओं से बचाव का प्रशिक्षण लेने के बाद मैं न केवल खुद सुरक्षित रह सकती हूं, बल्कि दूसरों की मदद करने में भी सक्षम हैं। अभी तक मौके पर मदद का अवसर नहीं मिला है, लेकिन आपदा मित्र बनने के बाद लगातार प्रशासन के संपर्क में हूं।
-नीतू राज, आपदा मित्र, अशोगापुर
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सर्पदंश से बचाव, सीपीआर देना, तैराकी और अग्निकांड से निपटने का प्रशिक्षण लखनऊ में मिला। आपदा मित्र बनने के बाद एक नया हुनर विकसित हुआ है। महिलाओं को जोड़ना सरकार की अच्छी पहल है।
-दीपा साहनी, आपदा मित्र, श्रीनगर अतरिया
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वर्ष 2022 में आपदा प्रशिक्षण लेकर आपदा मित्र बनने का मौका मिला। गैस सिलिंडर में आग लगने पर उसे नियंत्रित करने और सांप काटने की स्थिति में सावधानियों का प्रशिक्षण दिया गया।
-प्रिया, आपदा मित्र, हेमपुर
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आपदा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 20 से अधिक प्रकार की आपदाएं सामने आती हैं। इनमें बाढ़, अग्निकांड, ओलावृष्टि, भू-स्खलन, कीट अतिक्रमण, बेमौसम बरसात, आकाशीय बिजली, आंधी-तूफान, लू का प्रकोप, सर्पदंश, बोरवेल में गिरना, सांड़ या नीलगाय का हमला, वन्यजीव हमला और नाव दुर्घटना जैसी घटनाएं शामिल हैं। इन आपदाओं में प्रभावित लोगों को सरकार की ओर से अलग-अलग प्रावधानों के तहत आर्थिक मदद दी जाती है।
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लखीमपुर खीरी में बाढ़ और अग्निकांड की घटनाएं सबसे ज्यादा होती हैं। पलिया, निघासन और फूलबेहड़ क्षेत्रों में कई बार बाढ़ के दौरान लोगों को बचाने के लिए पुलिस, प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें तैनात रही हैं। भोजन, दवाएं और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी की जाती रही हैं। अब इन अभियानों में प्रशिक्षित महिलाओं की भी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
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जिला आपदा विशेषज्ञ अंकित राज ने बताया कि जनपद में 500 से अधिक महिलाओं को आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। संवाद
विभिन्न प्रकार की आपदाओं से बचाव के लिए लखनऊ में 12 दिवसीय प्रशिक्षण लिया है। इसमें मुख्य रूप से बाढ़ के दौरान लोगों को बचाने, सीपीआर देने और अग्निकांड से निपटने के बारे में सिखाया गया। अब कहीं भी आपदा आती है तो मदद करने में सक्षम हूं।
-लक्ष्मी देवी, आपदा मित्र
आपदाओं से बचाव का प्रशिक्षण लेने के बाद मैं न केवल खुद सुरक्षित रह सकती हूं, बल्कि दूसरों की मदद करने में भी सक्षम हैं। अभी तक मौके पर मदद का अवसर नहीं मिला है, लेकिन आपदा मित्र बनने के बाद लगातार प्रशासन के संपर्क में हूं।
-नीतू राज, आपदा मित्र, अशोगापुर
सर्पदंश से बचाव, सीपीआर देना, तैराकी और अग्निकांड से निपटने का प्रशिक्षण लखनऊ में मिला। आपदा मित्र बनने के बाद एक नया हुनर विकसित हुआ है। महिलाओं को जोड़ना सरकार की अच्छी पहल है।
-दीपा साहनी, आपदा मित्र, श्रीनगर अतरिया
वर्ष 2022 में आपदा प्रशिक्षण लेकर आपदा मित्र बनने का मौका मिला। गैस सिलिंडर में आग लगने पर उसे नियंत्रित करने और सांप काटने की स्थिति में सावधानियों का प्रशिक्षण दिया गया।
-प्रिया, आपदा मित्र, हेमपुर

लक्ष्मी देवी

लक्ष्मी देवी

लक्ष्मी देवी