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डॉक्टर बनकर के खाते से 5.5 हजार रुपये निकाले
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प्रतीकात्मक
साइबर जालसाजों की कारस्तानी की पुलिस में की शिकायत
फरधान। साइबर जालसाज ने सारी डिटेल लेने के बाद खाते से पांच हजार पांच रुपये निकाल लिए। जानकारी होने पर पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी है।
सीएचसी फरधान क्षेत्र के गांव दिया त्रिलोकपुर की आशा सरोज कुमारी के पास एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम डॉ. दीपक कुमार बताया। आशा से प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत लाभार्थियों की सूची मोबाइल नंबर सहित मांगी। आशा ने उन्हें फोन पर लाभार्थियों के नाम और नंबर दे दिए। उसके बाद सविता देवी पत्नी संदीप कुमार निवासी दिया त्रिलोकपुर के पास उसी नंबर से फोनकर बताया मैं डॉ. दीपक बोल रहा हूं। फोन करने वाले ने कहा कि आपका नंबर सरोज कुमारी आशा ने दिया है। आपको प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के चार हजार रुपये मिल चुके हैं या नहीं। सविता ने चार हजार मिलने की बात स्वीकार कर ली। तब कॉलर ने कहा कि दो हजार रुपये और आने हैं, जिसके लिए सविता देवी से आधार कार्ड, पैन कार्ड के साथ एटीएम कार्ड नंबर ले लिया। उसके बाद वेरीफिकेशन के लिए ओटीपी ले लिया। थोड़ी देर बाद सविता के खाते से पांच हजार पांच सौ रुपये निकलने का मेसेज आ गया। मेसेज देख सविता के होश उड़ गए। सविता ने इसके बारे में आशा सरोज कुमारी और एएनएम नीलम को बताया तो पता चला सीएचसी में डॉ. दीपक नाम का कोई डॉक्टर ही नहीं है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित बाजपेयी ने बताया कि एक अन्य लाभार्थी से भी 5.5 हजार रुपये की ठगी हुई है, जिसकी सूचना पुलिस को दे दी गई है। इसी नंबर से भानपुर की आशा बीनू से भी काल करके ठगी की कोशिश की गई, लेकिन बीनू की सजगता ने उसे बचा लिया। ठीक एक साल पहले भी एक मरीज से इसी तरह ठगी हुई थी।
सीएचसी अधीक्षक ने बताया सीएचसी से किसी भी मरीज के पास फोन करके जानकारी नही मांगी जाती है। अगर किसी के पास इस तरह की काल किसी भी नंबर से आये तो तुरंत उन्हें बताएं जांच की जाएगी।
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फरधान। साइबर जालसाज ने सारी डिटेल लेने के बाद खाते से पांच हजार पांच रुपये निकाल लिए। जानकारी होने पर पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी है।
सीएचसी फरधान क्षेत्र के गांव दिया त्रिलोकपुर की आशा सरोज कुमारी के पास एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम डॉ. दीपक कुमार बताया। आशा से प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत लाभार्थियों की सूची मोबाइल नंबर सहित मांगी। आशा ने उन्हें फोन पर लाभार्थियों के नाम और नंबर दे दिए। उसके बाद सविता देवी पत्नी संदीप कुमार निवासी दिया त्रिलोकपुर के पास उसी नंबर से फोनकर बताया मैं डॉ. दीपक बोल रहा हूं। फोन करने वाले ने कहा कि आपका नंबर सरोज कुमारी आशा ने दिया है। आपको प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के चार हजार रुपये मिल चुके हैं या नहीं। सविता ने चार हजार मिलने की बात स्वीकार कर ली। तब कॉलर ने कहा कि दो हजार रुपये और आने हैं, जिसके लिए सविता देवी से आधार कार्ड, पैन कार्ड के साथ एटीएम कार्ड नंबर ले लिया। उसके बाद वेरीफिकेशन के लिए ओटीपी ले लिया। थोड़ी देर बाद सविता के खाते से पांच हजार पांच सौ रुपये निकलने का मेसेज आ गया। मेसेज देख सविता के होश उड़ गए। सविता ने इसके बारे में आशा सरोज कुमारी और एएनएम नीलम को बताया तो पता चला सीएचसी में डॉ. दीपक नाम का कोई डॉक्टर ही नहीं है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित बाजपेयी ने बताया कि एक अन्य लाभार्थी से भी 5.5 हजार रुपये की ठगी हुई है, जिसकी सूचना पुलिस को दे दी गई है। इसी नंबर से भानपुर की आशा बीनू से भी काल करके ठगी की कोशिश की गई, लेकिन बीनू की सजगता ने उसे बचा लिया। ठीक एक साल पहले भी एक मरीज से इसी तरह ठगी हुई थी।
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सीएचसी अधीक्षक ने बताया सीएचसी से किसी भी मरीज के पास फोन करके जानकारी नही मांगी जाती है। अगर किसी के पास इस तरह की काल किसी भी नंबर से आये तो तुरंत उन्हें बताएं जांच की जाएगी।
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