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रक्षाबंधन के साथ सावन मेला का हुआ समापन
अमर उजाला ब्यूरो/गोला गोकर्णनाथ।
Updated Thu, 18 Aug 2016 11:53 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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- पूर्णिमा पर भक्तों ने शिव को अर्पित किया रक्षा सूत्र
छोटी काशी में पौराणिक शिव मंदिर में रक्षाबंधन के साथ सावन मेला का समापन हो गया है। श्रद्धालुओं ने परिवार सहित मंदिर जाकर भगवान भोलेनाथ को रक्षासूत्र अर्पित कर सुख समृद्धि की कामना की है।
छोटी काशी में सावन माह के शुरू होते ही श्रद्धालुओं और भक्तों की अपार भीड़ भगवान शिव के पौराणिक शिव मंदिर पर उमड़ने लगती है, जिससे नगर में पूरे माह भर सावन मेला की धूम रहती है। नगर की सड़कें सावन में कांवड़ियों के भगवा रंग से रंगी सी प्रतीत होती हैं जिससे छोटी काशी पूरे माह भर गुलजार रहती है। जिसका समापन रक्षाबंधन पूर्णिमा को भगवान शिव के रक्षासूत्र अर्पित करने के बाद हो गया है। पूर्णिमा को श्रद्धालुओं ने परिवार सहित मंदिर जाकर भगवान शिव को राखी, पूजन सामग्री भांग, धतूरा, बेलपत्र, गंगाजल, दूध, पुष्प आदि अर्पित कर पूजन किया। साथ ही गोकर्ण तीर्थ में स्नान कर भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी और दान पुण्य किया। मंदिर में उमड़े श्रद्धालुओं के जयकारों और घंटानिनाद से वातावरण भक्तिमय हो गया। दूर दराज से सावन में दुकानें लेकर आए दुकानदार और श्रद्धालु सावन माह के समापन होने के बाद जाने की तैयारी में लगे हैं।
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छोटी काशी में पौराणिक शिव मंदिर में रक्षाबंधन के साथ सावन मेला का समापन हो गया है। श्रद्धालुओं ने परिवार सहित मंदिर जाकर भगवान भोलेनाथ को रक्षासूत्र अर्पित कर सुख समृद्धि की कामना की है।
छोटी काशी में सावन माह के शुरू होते ही श्रद्धालुओं और भक्तों की अपार भीड़ भगवान शिव के पौराणिक शिव मंदिर पर उमड़ने लगती है, जिससे नगर में पूरे माह भर सावन मेला की धूम रहती है। नगर की सड़कें सावन में कांवड़ियों के भगवा रंग से रंगी सी प्रतीत होती हैं जिससे छोटी काशी पूरे माह भर गुलजार रहती है। जिसका समापन रक्षाबंधन पूर्णिमा को भगवान शिव के रक्षासूत्र अर्पित करने के बाद हो गया है। पूर्णिमा को श्रद्धालुओं ने परिवार सहित मंदिर जाकर भगवान शिव को राखी, पूजन सामग्री भांग, धतूरा, बेलपत्र, गंगाजल, दूध, पुष्प आदि अर्पित कर पूजन किया। साथ ही गोकर्ण तीर्थ में स्नान कर भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी और दान पुण्य किया। मंदिर में उमड़े श्रद्धालुओं के जयकारों और घंटानिनाद से वातावरण भक्तिमय हो गया। दूर दराज से सावन में दुकानें लेकर आए दुकानदार और श्रद्धालु सावन माह के समापन होने के बाद जाने की तैयारी में लगे हैं।
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