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Lakhimpur Kheri News: वन्यजीवों से बचाव की योजना फाइलों में अटकी
Wed, 15 Jul 2026 12:55 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 15 Jul 2026 12:55 AM IST
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लखीमपुर खीरी। जंगल से सटे गांवों में मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए सीडीओ अभिषेक कुमार ने डेढ़ माह पहले वन विभाग के दोनों प्रभागों से शौचालय और प्रकाश व्यवस्था के प्रस्ताव मांगे थे, लेकिन अब तक विभाग ने प्रस्ताव नहीं भेजा है। इन गांवों में शौचालय, स्ट्रीट लाइट और सोलर लाइट की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में 27 गांव जंगल से सटे हैं, जहां आए दिन वन्यजीवों के हमले की घटनाएं होती हैं। वहीं दक्षिण खीरी वन प्रभाग की गोला और महेशपुर रेंज के 12 से अधिक गांव भी जंगल से 500 मीटर के दायरे में हैं, जहां वन्यजीवों का खतरा बना रहता है।
कुछ दिन पहले वन विभाग के अधिकारियों ने सीडीओ से जंगल से सटे गांवों में शौचालय, स्ट्रीट लाइट और सोलर लाइट लगवाने की मांग की थी। अधिकारियों का कहना था कि अंधेरे का फायदा उठाकर वन्यजीव आबादी में घुस आते हैं और लोगों पर हमला कर देते हैं। इसके बाद सीडीओ ने दोनों वन प्रभागों से गांवों की सूची और प्रस्ताव मांगे, लेकिन अब तक प्रस्ताव उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
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डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि जंगल से सटे गांवों के लिए 75 शौचालय स्वीकृत हो चुके हैं। हालांकि स्ट्रीट लाइट और सोलर लाइट के लिए वन विभाग से अब तक कोई प्रस्ताव नहीं मिला है।
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दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में 27 गांव जंगल से सटे हैं, जहां आए दिन वन्यजीवों के हमले की घटनाएं होती हैं। वहीं दक्षिण खीरी वन प्रभाग की गोला और महेशपुर रेंज के 12 से अधिक गांव भी जंगल से 500 मीटर के दायरे में हैं, जहां वन्यजीवों का खतरा बना रहता है।
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कुछ दिन पहले वन विभाग के अधिकारियों ने सीडीओ से जंगल से सटे गांवों में शौचालय, स्ट्रीट लाइट और सोलर लाइट लगवाने की मांग की थी। अधिकारियों का कहना था कि अंधेरे का फायदा उठाकर वन्यजीव आबादी में घुस आते हैं और लोगों पर हमला कर देते हैं। इसके बाद सीडीओ ने दोनों वन प्रभागों से गांवों की सूची और प्रस्ताव मांगे, लेकिन अब तक प्रस्ताव उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
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डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि जंगल से सटे गांवों के लिए 75 शौचालय स्वीकृत हो चुके हैं। हालांकि स्ट्रीट लाइट और सोलर लाइट के लिए वन विभाग से अब तक कोई प्रस्ताव नहीं मिला है।