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तेंदुए के हमले में फिशिंग कैट की मौत
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किशनपुर सेंक्चुरी जंगल से गुजरी रेल लाइन के बीच मिला फिशिंग कैट का शव।
- फोटो : LAKHIMPUR
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी में एक फिशिंग कैट रेलवे ट्रैक पर मृत मिली है। वन विभाग ने शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम आईवीआरआई बरेली में कराया है, जिसमें तेंदुए के हमले में उसकी मौत की बात सामने आई है। स्मॉल कैट के संरक्षण की केंद्र सरकार की योजना के बीच हुई फिशिंग कैट की मौत को वन विभाग के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज ( वन्यजीव विहार) में गुरुवार सुबह गश्ती टीम को रेलवे ट्रैक पर एक फिशिंग कैट का शव पड़ा मिला। जिसके शरीर पर घाव के गहरे निशान थे। पेट्रोलिंग टीम ने इसकी सूचना दुधवा टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर आईवीआरआई बरेली में पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फिशिंग कैट की मौत तेंदुए के हमले में होना बताई गई है। केंद्र सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने स्मॉल कैट के संरक्षण के लिए हाल ही में एक योजना तैयार की है। इसमें दुधवा टाइगर रिजर्व को भी शामिल किया गया है। इस दौरान फिशिंग कैट की मौत वन विभाग के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
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फिशिंग कैट लुप्त प्राय शेड्यूल वन का है प्राणी
फिशिंग कैट बिल्ली प्रजाति का एक प्राणी है जो प्राय: जलाशयों, नदी और नालों के किनारे रहता है और उससे मछलियों का शिकार कर खाता है। इसलिए इसे फिशिंग कैट कहते हैं। यह लुप्त प्राय शेड्यूल वन का प्राणी है।
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दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज (वन्यजीव विहार) में रेलवे ट्रैक पर फिशिंग कैट का एक शव गुरुवार को मिला था। नियमानुसार इसका पोस्टमार्टम कराया गया है। जिसमें सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक फिशिंग कैट की मौत तेंदुए के हमले में हुई है।
- संजय पाठक, मुख्य वन संरक्षक/ फील्ड निदेशक,दुधवा टाइगर रिजर्व
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दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज ( वन्यजीव विहार) में गुरुवार सुबह गश्ती टीम को रेलवे ट्रैक पर एक फिशिंग कैट का शव पड़ा मिला। जिसके शरीर पर घाव के गहरे निशान थे। पेट्रोलिंग टीम ने इसकी सूचना दुधवा टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर आईवीआरआई बरेली में पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फिशिंग कैट की मौत तेंदुए के हमले में होना बताई गई है। केंद्र सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने स्मॉल कैट के संरक्षण के लिए हाल ही में एक योजना तैयार की है। इसमें दुधवा टाइगर रिजर्व को भी शामिल किया गया है। इस दौरान फिशिंग कैट की मौत वन विभाग के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
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फिशिंग कैट लुप्त प्राय शेड्यूल वन का है प्राणी
फिशिंग कैट बिल्ली प्रजाति का एक प्राणी है जो प्राय: जलाशयों, नदी और नालों के किनारे रहता है और उससे मछलियों का शिकार कर खाता है। इसलिए इसे फिशिंग कैट कहते हैं। यह लुप्त प्राय शेड्यूल वन का प्राणी है।
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दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज (वन्यजीव विहार) में रेलवे ट्रैक पर फिशिंग कैट का एक शव गुरुवार को मिला था। नियमानुसार इसका पोस्टमार्टम कराया गया है। जिसमें सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक फिशिंग कैट की मौत तेंदुए के हमले में हुई है।
- संजय पाठक, मुख्य वन संरक्षक/ फील्ड निदेशक,दुधवा टाइगर रिजर्व