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मोबाइल एप के जरिए की गश्त, नहीं मिली बाघ की लोकेशन
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घमहाघाट पर कांबिंग करते वनकर्मी।
- फोटो : LAKHIMPUR
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ममरी। मुख्य संरक्षक आरके सिंह, डीएफओ समीर कुमार के निर्देश पर महेशपुर रेंज के वनकर्मियों ने देवीपुर बीट जंगल से सटे बाघ प्रभावित क्षेत्र में मोबाइल ऐप से पैट्रोलिंग कर हिंसक वन्यजीवों की लोकेशन ट्रेस की, लेकिन कहीं पर भी बाघ तेंदुए के हमले की सूचना नहीं मिली है।
दूलीपुर, घमहाघाट, सुंदरपुर, अयोध्यापुर, गंगापुर गांव के इर्द-गिर्द कई पशुओं को निवाला बना चुके बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए महेशपुर रेंज के अजीत सिंह, राजेश कुमार आदि वनकर्मियों ने फॉरेस्टर जगदीश वर्मा के साथ नरसिंहपुर, मुल्लापुर, बोझबा, घमहाघाट, सुंदरपुर, परवरिशनगर, अयोध्यापुर, गंगापुर के आसपास गन्ने के खेतों, कठिना नदी की झाड़ी आदि बाघ प्रभावित क्षेत्र में मोबाइल ऐप के जरिए पैट्रोलिंग की, लेकिन बाघ का कहीं पर पता नहीं चला। वनकर्मियों का कहना है कि बीते तीन सप्ताह से कहीं पर बाघ के हमले की सूचना नहीं मिली है, फिर भी अधिकारियों के निर्देश का पालन किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों को गन्ने की छिलाई करते वक्त सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। सुंदरपुर के प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार वर्मा, सुरेशचंद गुप्ता, बाबूराम और अयोध्यापुर, गंगापुर के ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से बाघ गांव के आसपास दिखाई नहीं दिया है। इससे लगता है कि बाघ जंगल की ओर चला गया है, फिर भी खेतों में जाने से डर लग रहा है। संवाद
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दूलीपुर, घमहाघाट, सुंदरपुर, अयोध्यापुर, गंगापुर गांव के इर्द-गिर्द कई पशुओं को निवाला बना चुके बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए महेशपुर रेंज के अजीत सिंह, राजेश कुमार आदि वनकर्मियों ने फॉरेस्टर जगदीश वर्मा के साथ नरसिंहपुर, मुल्लापुर, बोझबा, घमहाघाट, सुंदरपुर, परवरिशनगर, अयोध्यापुर, गंगापुर के आसपास गन्ने के खेतों, कठिना नदी की झाड़ी आदि बाघ प्रभावित क्षेत्र में मोबाइल ऐप के जरिए पैट्रोलिंग की, लेकिन बाघ का कहीं पर पता नहीं चला। वनकर्मियों का कहना है कि बीते तीन सप्ताह से कहीं पर बाघ के हमले की सूचना नहीं मिली है, फिर भी अधिकारियों के निर्देश का पालन किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों को गन्ने की छिलाई करते वक्त सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। सुंदरपुर के प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार वर्मा, सुरेशचंद गुप्ता, बाबूराम और अयोध्यापुर, गंगापुर के ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से बाघ गांव के आसपास दिखाई नहीं दिया है। इससे लगता है कि बाघ जंगल की ओर चला गया है, फिर भी खेतों में जाने से डर लग रहा है। संवाद
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