ममरी। शुक्रवार को महेशपुर रेंज पहुंचे डब्लूडब्लूएफ के जिला परियोजना अधिकारी दबीर हसन और रोहित रवि ने वन्यजीवों की देखभाल संरक्षण और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए पिछले वर्ष नियुक्त किए गए बाघ मित्रों की बैठक बुलाकर उन्हें प्रशिक्षण दिया।
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि बाघमित्रों की नियुक्ति इस उद्देश्य से की गई है कि वह आसपास के गांव में जाकर ग्रामीणों को हिंसक और सामान्य वन्यजीवों की जानकारी देकर उनकी पहचान बताएं। साथ ही लोगों को उनके संरक्षण के प्रति जागरूक करें। किसी भी इंसान अथवा पशु पर बाघ तेंदुए का हमला होने पर उसकी सूचना वन कर्मियों और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ परियोजना के अधिकारियों को दें। गन्ने के सीजन में बाघ, तेंदुआ के हमलों का खतरा बना रहता है, क्योंकि सीजन में हिंसक जीव शिकार की तलाश में जंगल से निकलकर खेतों में आ जाते हैं। ऐसे में बाघमित्र अहम भूमिका निभा सकते हैं, जिससे हमले की घटनाएं रोकी जा सकती हैं। साथ ही वन्यजीवों को भी शिकारियों से बचाया जा सकता है। इस बाबत रेंज क्षेत्र में सौ बाघमित्र बनाए गए हैं। बैठक में रेंजर मोबीन आरिफ ने भी विचार रखे। इस मौके पर तमाम बाघमित्र और वनकर्मी मौजूद रहे। संवाद