फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Sharda crosses danger mark, Mohana also in spate

Lakhimpur Kheri News: शारदा ने पार किया खतरे का निशान, मोहाना भी उफान पर

Tue, 08 Sep 2026 12:14 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Tue, 08 Sep 2026 12:14 AM IST
विज्ञापन
Sharda crosses danger mark, Mohana also in spate
बाढ़ के चलते चारपाई पर खाना बनाने को मजबूर ग्रामीण। स्रोत: ग्रामीण
पलियाकलां/निघासन। मूसलाधार बारिश के बीच शारदा और मोहाना नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बनबसा बैराज से सोमवार शाम चार बजे 1,22,458 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शारदा नदी खतरे के निशान को पार कर गई। इससे खेत जलमग्न हो गए और कई रास्तों पर बाढ़ का पानी भर गया। कटान की आशंका से ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ गई है।
विज्ञापन

शारदा नदी का खतरे का निशान 154.590 मीटर है। सोमवार शाम चार बजे जलस्तर 154.870 मीटर दर्ज किया गया। नदी खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। ग्राम पंचायत मटहिया बोझवा के जीरो ठोकर और रेलवे लाइन के किनारे तक बाढ़ का पानी भर गया है। सैकड़ों एकड़ में धान और गन्ने की फसलें जलमग्न हो गई हैं। हालांकि, आबादी क्षेत्र फिलहाल सुरक्षित है और पानी घरों में नहीं पहुंचा है।
विज्ञापन

सुहेली नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। ग्राम पंचायत मकनपुर के फार्म बिलहिया और चंबर बोझ में नदी का पानी घरों के किनारे तक पहुंच गया है। क्षेत्र का रपटा पुल कई किलोमीटर तक जलकुंभी से पट गया है। इससे आवागमन पूरी तरह ठप है। ग्रामीण निजी नावों से आने-जाने के लिए मजबूर हैं। प्रशासन ने एक नाव लगाई है, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक यह नाकाफी है। मुझहा, फुलवरिया के निचले इलाकों, राजकीय महाविद्यालय और महिला थाने के आसपास भी पानी भरा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

निघासन क्षेत्र में शारदा और मोहाना के बढ़ते जलस्तर से कई रास्तों पर पानी भर गया है। निघासन-झंडी मार्ग से लखीमपुर जाने वाले बेलरायां-पनवारी मार्ग पर कुर्मिनपुरवा के पास सड़क पर पानी चल रहा है। बरोठा गांव को तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाले रास्ते के रपटा पुल पर करीब दो फुट पानी बह रहा है। कुर्मिनपुरवा, देवीदीन पुरवा, बस्ती पुरवा, करमू पुरवा, बरोठा, लांघनिया पुरवा और मदनापुर समेत दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
शारदा नदी के बढ़ते जलस्तर से पलिया तहसील क्षेत्र के ढखिया खुर्द, पलियापुरवा और कुंवरपुर में भी भीषण कटान शुरू हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार ढखिया खुर्द में नदी अब गांव से करीब 200 मीटर दूर रह गई है।
तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें मुस्तैद हैं।
---------------------
रूरा सुल्तानपुर और हुजूरपुरवा पहुंचे विधायक अमन गिरि
बिजुआ। शारदा नदी के बढ़ते उफान और कटान से ग्राम पंचायत आषाढ़ी के मजरा रूरा सुल्तानपुर और हुजूरपुरवा के ग्रामीण चिंतित हैं। सोमवार को विधायक अमन अरविंद गिरि ने अधिकारियों के साथ दोनों गांवों का जायजा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि नदी लगातार जमीन काट रही है। किसानों की तैयार फसलें पानी की चपेट में आ रही हैं। उपजाऊ खेत नदी में समाते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बाढ़ और कटान से बचाव के स्थायी उपाय कराने की मांग की। विधायक ने ग्रामीणों की समस्याएं और सुझाव सुने। इसके बाद अधिकारियों से बाढ़ और कटान की स्थिति पर चर्चा करते हुए बचाव के उपायों पर वार्ता की। संवाद
----------------
सामान समेटकर सुरक्षित ठिकानों की ओर जाने लगे लोग
फोटो-23
बिजुआ। गोला तहसीलदार अरुण कुमार रविवार को गांव रूरा सुल्तानपुर पहुंचे। उन्होंने हालात का जायजा लिया और घर-घर जाकर ग्रामीणों से जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। इसके बाद ग्रामीणों ने घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। शारदा नदी का रुख रूरा सुल्तानपुर के साथ तनसुख पुरवा की ओर भी है। तहसीलदार अरुण कुमार ने बताया कि जिस तेजी से नदी कटान कर रही है, उसे देखते हुए दोनों गांवों के लिए खतरा गंभीर है। लेखपाल राजीव वर्मा लगातार मौके पर रहकर ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रहे हैं। संवाद
---------------
बहेलियना, चकदहा समेत 40 गांवों तक पहुंचा नदी का पानी
-चूल्हे बंद, चारपाई और ट्रॉली पर खाना बनाने के लिए मजबूर ग्रामीण
फोटो-01
संवाद न्यूज एजेंसी
धौरहरा। शारदा और घाघरा नदियों का जलस्तर बढ़ने से तहसील क्षेत्र के करीब 40 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। चकदहा, बहेलियनपुरवा, मिलिक, चंदौली, गनापुर, मड़वा, डुड़की, ओझापुरवा समेत कई गांवों में घरों के अंदर तक पानी भरा है। करीब 45 हजार की आबादी प्रभावित है।
ग्रामीणों के मुताबिक करीब दस दिन से घरों में पानी भरा है। चूल्हे नहीं जल पा रहे हैं। ऐसे में चारपाई और ट्रॉलियों पर चूल्हा रखकर खाना बनाने के लिए वे मजबूर हैं। घरों में रखा अनाज भी काफी हद तक खराब हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ से बड़ी आबादी प्रभावित होने के बावजूद राहत सामग्री पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच रही है। उनके मुताबिक बाढ़ केंद्र हसनपुर कटौली में अब तक महज 400 किट का वितरण हुआ है।
--
दस दिन पहले कटान हुआ था। वहां बचाव कार्य भी किया गया था। वर्तमान में सभी जगह काफी जलभराव है, इसलिए कटान भी नहीं हो रहा है। - अजय कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़खंड शारदा नगर
--------
बाढ़ पीड़ितों को हरसंभव मदद दी जा रही है। हालात को देखते हुए सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है। रविवार को 400 बाढ़ पीड़ितों को राहत किट दी गई। शेष सभी को आने पर जल्द दी जाएगी।
-राशीकृष्णा, एसडीएम, धौरहरा
------------------------------------------------------------------ओझापुरवा समेत छह गांवों में 800 किसानों की जमीन घाघरा में समाई
धौरहरा। ईसानगर ब्लॉक के ओझापुरवा, चकदहा, डुंडकी, मिलिक, रामलोक और कैरातीपुरवा में घाघरा नदी तबाही मचा रही है। करीब 15 दिन पहले नदी में इन छह गांवों के 800 किसानों की गन्ना, धान और केला की फसलों सहित करीब 450 हेक्टेयर जमीन समा चुकी है। रामलोक निवासी कौशल, केशवराम, राकेश, उर्मिला, कृष्ण मुरारी और चकदहा निवासी अनीस, परमेश्वर, राम लखन, रामप्रसाद आदि ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने अब तक बचाव कार्य शुरू नहीं किया है। संवाद

-------------------------------------------------------मोहाना नदी के कटान रोकने का काम बंद, लोगों में बढ़ी बेचैनी
तिकुनिया। जसनगर और कश्यपनगर इलाके में बंधे को कटान से बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने काम बंद कर दिया है। इससे लोगों में बेचैनी है।
जसनगर से कैलाशपुरी तक करीब 13 किलोमीटर लंबा यह बंधा दर्जनभर से अधिक गांवों को बाढ़ से बचाता है। इसी बंधे पर मैलानी-नानपारा रेल प्रखंड भी है। बंधे को खतरा होने पर रेलवे ट्रैक को भी खतरा हो सकता है। जसनगर और कश्यपनगर क्षेत्र में बंधे के समानांतर मोहाना नदी बह रही है। सिंचाई विभाग 20 दिन से गैवियान डालकर बंधे को सुरक्षित करने में लगा था।

गांव निवासी सियाराम, शिवभगवान, राजकुमार और गोवर्धन ने आरोप लगाया कि विभाग समय पर काम नहीं करता। किसान सतविंदर सिंह ने बताया कि विभाग के लोग काम देख रहे हैं, लेकिन उनका रवैया पीड़ितों के साथ ठीक नहीं है। उनके मुताबिक रविवार दोपहर से बचाव कार्य बंद है। संवाद
------------------
शारदा नदी में भीषण कटान
भीरा। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र में भीषण कटान शुरू हो गई है। पलिया तहसील के ढखिया खुर्द, पलियापुरवा और कुंवरपुर क्षेत्र में नदी का विकराल रूप देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार ढखिया खुर्द में शारदा नदी अब गांव से केवल 200 मीटर की दूरी पर रह गई है। संवाद
-------------
बिजली गिरने से मंदिर का झंडा जला
मोहम्मदी। गांव पकरिया में मंदिर पर बिजली गिरने से वहां लगा झंडा जल गया। पुवायां मार्ग पर पेड़ और गोला मार्ग पर पंप के पास भी बिजली गिरने की सूचना है। रविवार रात 11 बजे भूड़ा पिपरी में हरि स्वरूप की कच्ची दीवार गिरने से दो गायें मर गईं और दो बछड़े जख्मी हो गए। तेंदुआ कंजा में सोमवार सुबह मोरवती की कच्ची दीवार गिरने से दो बकरी और एक पड़वा दबकर मर गए। पशु चिकित्सक पुष्प सागर ने बताया कि भूड़ा पिपरी में जख्मी दोनों बछड़ों की मरहम-पट्टी की गई। संवाद

बाढ़ के चलते चारपाई पर खाना बनाने को मजबूर ग्रामीण। स्रोत: ग्रामीण

बाढ़ के चलते चारपाई पर खाना बनाने को मजबूर ग्रामीण। स्रोत: ग्रामीण

बाढ़ के चलते चारपाई पर खाना बनाने को मजबूर ग्रामीण। स्रोत: ग्रामीण

बाढ़ के चलते चारपाई पर खाना बनाने को मजबूर ग्रामीण। स्रोत: ग्रामीण

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed