फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Wild Animals

बाघ ने बैल को जख्मी किया

Sun, 05 Jul 2020 08:21 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2020 08:21 PM IST
विज्ञापन
Wild Animals
बाघ की लोकेशन ट्रेस करते एसटीपीएफ जवान। - फोटो : LAKHIMPUR
ममरी। शुक्रवार की शाम पशु चराकर घर लौट रहे मोहम्मदी रेंज के सुंदरपुर गांव निवासी रविंद्र कुमार के बैल पर गन्ने में छिपे बाघ ने हमला कर घायल कर दिया, जिससे गांव में दहशत फैल गई। हमले की पुष्टि मौके पर पहुंची वनकर्मियों की टीम ने भी की है।
विज्ञापन

सुंदरपुर वासियों के अनुसार शुक्रवार की शाम रविंद्र, जोधाराम, महेश, अशोक खेतों में पशु चराकर घर लौट रहे थे। चरवाहों ने बताया कि उनके पशु जैसे ही गांव के समीप बाजार फाटक पर पहुंचे वैसे ही गन्ने के खेत में छिपे बाघ ने रविंद्र के बैल को हमला कर गंभीर घायल कर दिया। जिसे देख चरवाहों के होश उड़ गए। चिल्लाने पर तमाम ग्रामीण लाठी, डंडे लेकर पहुंच गए, जिनके शोर मचाने पर बाघ बैल को अधमरा छोड़ खेत में घुस गया। गांव वालों का कहना है कि एक महीने में बाघ का यह तीसरा हमला है, इससे पूर्व बाघ ने सात जून को 44 वर्षीय सुशील को हमला कर घायल कर दिया था तो 29 जून को बैल को हमला कर मार डाला था।
विज्ञापन

प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार वर्मा की सूचना पर एसटीपीएफ जवानों संग पहुंचे वनकर्मियों ने बाघ के हमले, पगचिह्न मिलने की पुष्टि कर बताया कि मोबाइल एप से बाघ की गन्ने के खेतों में लोकेशन ट्रेस की जा रही है। साथ ही उसे जंगल में खदेड़ने का प्रयास हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाघ के खौफ में कैसे निकले घर से बाहर
ममरी। ग्राम पंचायत इब्राहिमपुर ग्रंट के सुंदरपुर, गंगापुर और अयोध्यापुर गांव में बाघ की दहशत बढ़ती ही जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तो पालतू पशुओं को भी खेत में ले जाना और उनके लिए चारे की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है।
सुंदरपुर के किसान रघुवीर का कहना है कि वह जब भी खेतों की ओर जाते हैं तो उन्हें बाघ का खौफ सताने लगता है।
अयोध्यापुर के भोगनाथ का कहना है कि उनके खेतों में घास उग आयी है। बाघ की दहशत में निराई करना मुश्किल है।
अयोध्यापुर के श्यामलाल कहते हैं कि पालतू पशुओं के साथ ही बच्चों, ग्रामीणों के जीवन का भी खतरा है। खेत से चारा लाना, फसलों की देखभाल करने में डर लग रहा है।
सुंदरपुर के प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार वर्मा कहते हैं कि दो एकड़ धान की रोपाई होना है। बाघ के डर से मजदूर काम करने को तैयार नहीं हो रहे हैं, क्योंकि बाघ के हमले बढ़ते जा रहे हैं, फिर भी वनविभाग के अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।

बाघिन की निगरानी में ढील, कैमरे हटाए गए
बांकेगंज दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज में छेदीपुर गांव के पास हमला कर एक ही परिवार के तीन सदस्यों को घायल करने वाली बाघिन ने घटना के 13 दिन बाद तक आबादी की ओर रुख नहीं किया है। इससे वन विभाग को यकीन हो गया है कि बाघिन जंगल के अंदर ही मौजूद है और उसकी वापसी की फिलहाल संभावना नहीं है। इसे देखते हुए वन विभाग ने अतिरिक्त निगरानी बंद कर दी है। फिलहाल सामान्य निगरानी जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
यह जानकारी दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल ने दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed