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Lakhimpur Kheri News: मोहाना ने छीना रास्ता, नाव पर टिकी जिंदगी
Tue, 01 Sep 2026 12:06 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 01 Sep 2026 12:06 AM IST
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निघासन। मोहाना नदी का जलस्तर बढ़ने से खैरटिया पंचायत का नयापिंड गांव जलमग्न हो गया है। नदी और तटबंध के बीच बसे इस गांव का मुख्य मार्ग पानी में डूब गया है। इससे ग्रामीणों का संपर्क टूट गया है। रोजमर्रा का सामान लाने के लिए नाव ही सहारा रह गई है।
नदी की कटान से गांव के कई घर पहले ही नदी में समा चुके हैं। गांव निवासी गुरदीप सिंह का घर भी कटान की भेंट चढ़ चुका है। परिवार फिलहाल रिश्तेदारों के यहां रह रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, जलस्तर बढ़ते ही गांव में पानी भर जाता है और तटबंध तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है।
नयापिंड में करीब 30 घर हैं। कटान पीड़ित परिवारों की समस्या को देखते हुए वर्ष 2022 में गाटा संख्या 851 में जमीन उपलब्ध कराई गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि आवंटित जमीन काफी नीची है। थोड़ी बारिश होने पर ही वहां पानी भर जाता है। उन्होंने भूदान की गाटा संख्या 127 और 116घ की जमीन आवंटित करने की मांग की है।
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जसनगर और तटबंध पर भी खतरा
मोहाना की कटान अब जसनगर गांव और तटबंध के करीब पहुंच गई है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। उनका कहना है कि समय रहते बचाव कार्य नहीं हुआ तो आबादी और तटबंध दोनों को नुकसान पहुंच सकता है। सिंचाई विभाग ने तटबंध सहित सड़क और रेलवे लाइन को बचाने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू किया है।
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मोहाना नदी के जलस्तर और कटान की लगातार निगरानी की जा रही है। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को मौके पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित ग्रामीणों की समस्या और कटान की स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
-यदुवीर सिंह, एसडीएम
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नदी की कटान से गांव के कई घर पहले ही नदी में समा चुके हैं। गांव निवासी गुरदीप सिंह का घर भी कटान की भेंट चढ़ चुका है। परिवार फिलहाल रिश्तेदारों के यहां रह रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, जलस्तर बढ़ते ही गांव में पानी भर जाता है और तटबंध तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है।
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नयापिंड में करीब 30 घर हैं। कटान पीड़ित परिवारों की समस्या को देखते हुए वर्ष 2022 में गाटा संख्या 851 में जमीन उपलब्ध कराई गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि आवंटित जमीन काफी नीची है। थोड़ी बारिश होने पर ही वहां पानी भर जाता है। उन्होंने भूदान की गाटा संख्या 127 और 116घ की जमीन आवंटित करने की मांग की है।
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जसनगर और तटबंध पर भी खतरा
मोहाना की कटान अब जसनगर गांव और तटबंध के करीब पहुंच गई है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। उनका कहना है कि समय रहते बचाव कार्य नहीं हुआ तो आबादी और तटबंध दोनों को नुकसान पहुंच सकता है। सिंचाई विभाग ने तटबंध सहित सड़क और रेलवे लाइन को बचाने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू किया है।
मोहाना नदी के जलस्तर और कटान की लगातार निगरानी की जा रही है। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को मौके पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित ग्रामीणों की समस्या और कटान की स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
-यदुवीर सिंह, एसडीएम