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बाघिन की सक्रियता से दहशत में खैरटिया के ग्रामीण
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तिकुनिया। मैलानी-बहराइच रेलवे लाइन के किनारे स्थित मंझरा खैरटिया बाघिन की सक्रियता के चलते इंसानों के लिए डेंजर जोन बन गया है। पिछले दो साल के अंदर 20 लोग बाघ हमलों में अपनी जान गवां चुके हैं। पिछले चार दिन के अंदर ही बाघिन एक मंदिर के पुजारी और एक किशोर को अपना निवाला बना चुकी है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि मंझरा खैरटिया जंगल कभी इतना खतरनाक नहीं था। मैलानी-बहराइच रेल प्रखंड पर चार जोड़ी ट्रेनें चलती थी। इसके चलते ट्रैक पर हमेशा चहल पहल बनी रहती थी। बाघ हमलों की ऐसी वारदातें कभी कभार ही हुआ करती थीं। बीते दो वर्षों से ट्रेनों का संचालन ठप होना फिर चालू होना। इसके बाद सिर्फ एक जोड़ी ट्रेन का संचालन होने से खैरटिया, मजरापूरब का 18 किलोमीटर मार्ग सुनसान हो गया। बाघ जंगल से निकल कर आबादी की ओर बढ़ने लगे। ग्रामीणों और राहगीरों पर बाघ के हमले बढ़े। नतीजा यह हुआ कि दो साल के अंदर 20 लोग बाघ या बाघिन के शिकार हो चुके हैं। ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश के बाद वन विभाग को मानना पड़ा कि बाघिन आदमखोर हो चुकी है। अब बाघिन को बेहोश कर चिड़िया घर ले जाने की तैयारी चल रही है।
इसी सप्ताह 8 जून को खैरटिया के महंत मोहन दास को रात्रि 8:00 बजे कुटिया में लगे नल के पास से बाघिन उठा ले गयी और कुटिया से करीब 200 मीटर की दूरी पर जंगल में बैठ कर खा गई। दूसरे दिन बाघिन ने खैरटिया गांव पहुंच कर घर में बंधे गाय और बछड़े को शिकार बना लिया। लोग इस सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि बृहस्पतिवार को खैरटिया के मजरा गांव नया पिंड निवासी गुरदेव सिंह के 14 वर्षीय पुत्र सूरज सिंह को बाघिन ने उस समय निवाला बना लिया जब वह जंगल किनारे मवेशी चरा रहा था। इससे ग्रामीणों में एक बार फिर गुस्सा फूटा लोगों ने शव रखकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। एसडीएम और पुलिस अधिकारियों के समझाने बुझाने पर ग्रामीण शांत हुए। क्षेत्रीय लोगों का कहना है हर हाल में बाघिन को पकड़ा जाना चाहिए।
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बाघिन को पकड़ने के लिए और बढ़ाए पिंजरे
बृहस्पतिवार शाम को बाघिन द्वारा किशोर को निवाला बनाए जाने के बाद मुख्य वन संरक्षक और डीएफओ ने फिर मौके पर पहुंच कर हालात का जायजा लिया। मंझरा खैरटिया जंगल में बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। वनाधिकारी और कर्मचारी जंगल में लगातार गश्त कर रहे हैं। बाघिन को पिंजरे में कैद करने के लिए और पिंजरे लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा बाघिन को बेहोश करने के लिए दो डॉक्टर और बुलाए गए हैं। मौके पर डीएफओ सुंदरेशा, रेंजर विमलेश कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी कर्मचारी मौजूद हैं।
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क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि मंझरा खैरटिया जंगल कभी इतना खतरनाक नहीं था। मैलानी-बहराइच रेल प्रखंड पर चार जोड़ी ट्रेनें चलती थी। इसके चलते ट्रैक पर हमेशा चहल पहल बनी रहती थी। बाघ हमलों की ऐसी वारदातें कभी कभार ही हुआ करती थीं। बीते दो वर्षों से ट्रेनों का संचालन ठप होना फिर चालू होना। इसके बाद सिर्फ एक जोड़ी ट्रेन का संचालन होने से खैरटिया, मजरापूरब का 18 किलोमीटर मार्ग सुनसान हो गया। बाघ जंगल से निकल कर आबादी की ओर बढ़ने लगे। ग्रामीणों और राहगीरों पर बाघ के हमले बढ़े। नतीजा यह हुआ कि दो साल के अंदर 20 लोग बाघ या बाघिन के शिकार हो चुके हैं। ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश के बाद वन विभाग को मानना पड़ा कि बाघिन आदमखोर हो चुकी है। अब बाघिन को बेहोश कर चिड़िया घर ले जाने की तैयारी चल रही है।
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इसी सप्ताह 8 जून को खैरटिया के महंत मोहन दास को रात्रि 8:00 बजे कुटिया में लगे नल के पास से बाघिन उठा ले गयी और कुटिया से करीब 200 मीटर की दूरी पर जंगल में बैठ कर खा गई। दूसरे दिन बाघिन ने खैरटिया गांव पहुंच कर घर में बंधे गाय और बछड़े को शिकार बना लिया। लोग इस सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि बृहस्पतिवार को खैरटिया के मजरा गांव नया पिंड निवासी गुरदेव सिंह के 14 वर्षीय पुत्र सूरज सिंह को बाघिन ने उस समय निवाला बना लिया जब वह जंगल किनारे मवेशी चरा रहा था। इससे ग्रामीणों में एक बार फिर गुस्सा फूटा लोगों ने शव रखकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। एसडीएम और पुलिस अधिकारियों के समझाने बुझाने पर ग्रामीण शांत हुए। क्षेत्रीय लोगों का कहना है हर हाल में बाघिन को पकड़ा जाना चाहिए।
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बाघिन को पकड़ने के लिए और बढ़ाए पिंजरे
बृहस्पतिवार शाम को बाघिन द्वारा किशोर को निवाला बनाए जाने के बाद मुख्य वन संरक्षक और डीएफओ ने फिर मौके पर पहुंच कर हालात का जायजा लिया। मंझरा खैरटिया जंगल में बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। वनाधिकारी और कर्मचारी जंगल में लगातार गश्त कर रहे हैं। बाघिन को पिंजरे में कैद करने के लिए और पिंजरे लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा बाघिन को बेहोश करने के लिए दो डॉक्टर और बुलाए गए हैं। मौके पर डीएफओ सुंदरेशा, रेंजर विमलेश कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी कर्मचारी मौजूद हैं।