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बाघ ने गाय को मार डाला
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बेनीपुरवा में बाघ के हमले के बाद गन्ने के खेत में मौजूद ग्रामीण। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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तिकुनिया। थाना सिंगाही क्षेत्र अंतर्गत गांव बेनीपुरवा के एक खेत में बाघ ने गाय को मार डाला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे रेंजर और वनकर्मियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।
ग्राम पंचायत सिधौना के मजरा गांव बेनीपुरवा में शनिवार रात लट्ठौहा जंगल से निकले बाघ ने एक घुमंतू गाय को निवाला मार डाला। बाघ गांव के चकरोड से गाय को खींचकर बाल गोविंद के गन्ने के खेत में ले गया और गाय के शरीर का पिछला हिस्सा खा गया। रविवार सुबह जब ग्रामीणों ने धान के खेत में बाघ के पगचिह्न और गाय का अधखाया शव पड़ा देखा तो तत्काल इसकी सूचना उत्तर निघासन बन रेंज बेलरायां के रेंजर विमलेश कुमार को दी। रेंजर विमलेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और एक टीम को निगरानी के लिए तैनात कर दिया। किसानों ने बताया कि बीते चार-पांच दिनों से बाघ की चहलकदमी बनी हुई है कहीं-कहीं पंजे के निशान भी स्पष्ट देखे गए हैं।
इस बाबत रेंजर विमलेश कुमार ने बताया कि जंगल से निकले बाघ ने घुमंतू गाय को निवाला बनाया है। मौके पर बाघ के पगचिह्न मिले हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। संवाद
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ग्राम पंचायत सिधौना के मजरा गांव बेनीपुरवा में शनिवार रात लट्ठौहा जंगल से निकले बाघ ने एक घुमंतू गाय को निवाला मार डाला। बाघ गांव के चकरोड से गाय को खींचकर बाल गोविंद के गन्ने के खेत में ले गया और गाय के शरीर का पिछला हिस्सा खा गया। रविवार सुबह जब ग्रामीणों ने धान के खेत में बाघ के पगचिह्न और गाय का अधखाया शव पड़ा देखा तो तत्काल इसकी सूचना उत्तर निघासन बन रेंज बेलरायां के रेंजर विमलेश कुमार को दी। रेंजर विमलेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और एक टीम को निगरानी के लिए तैनात कर दिया। किसानों ने बताया कि बीते चार-पांच दिनों से बाघ की चहलकदमी बनी हुई है कहीं-कहीं पंजे के निशान भी स्पष्ट देखे गए हैं।
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इस बाबत रेंजर विमलेश कुमार ने बताया कि जंगल से निकले बाघ ने घुमंतू गाय को निवाला बनाया है। मौके पर बाघ के पगचिह्न मिले हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। संवाद
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