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सर्द हवाओं का कहर जारी, फिर लौटी शीतलहर
लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 05 Jan 2015 04:35 PM IST
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आसमान में छाए बादल और दिन भर चली बर्फीली हवाओं से शीतलहर एक बार फिर लौट आई है। कई दिन मौसम खराब रहने के बाद रविवार को खिलकर धूप निकलने से मौसम खुशनुमा हो गया था। अगले ही दिन सर्द हवाओं ने फिर लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दीं। सोमवार को तापमान में गिरावट आई। अधिकतम तापमान 15.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 04.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
सोमवार को कोहरा तो नहीं था लेकिन आसमान में सुबह से बादल छाए थे। इसके चलते दिन भर सूरज के दर्शन नहीं हुए। लोग धूप को तरस गए। सरकारी कार्यालयों और स्कूल कॉलेजों में सार्वजनिक अवकाश होने और साप्ताहिक बाजार बंद होने के कारण अधिकतर लोग या तो रजाइयों में दुबके रहे या अलाव तापते रहे।
भीषण शीतलहर के चलते पूरे जिले में जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त रहा। सबसे ज्यादा दिक्कत बाहर से काम की तलाश में आने वाले मजदूरों और रिक्शाचालकों को हुई। शीतलहर के कारण उन्हें काम नहीं मिल पाया। छुट्टी का दिन होने के कारण रिक्शा चालकों को भी सवारियों का इंतजार करना पड़ा। शीत लहर के चलते बीमारों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ रही है। तमाम लोग सर्दी जनित बीमारियों से पीड़ित हैं।
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शातलहर का यह प्रकोप पूरे जिले में कायम है। निघासन, बेलरायां, तिकुनिया, पलिया और मैलानी में ठंड का प्रकोप अन्य जगहों की अपेक्षा ज्यादा है। नदियों का किनारा और हिमालय की तराई होने के कारण इन जगहों पर लोग ठंड से काफी परेशान हैं। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि अभी जल्दी मौसम में सुधार होने की संभावना नहीं है।
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सोमवार को कोहरा तो नहीं था लेकिन आसमान में सुबह से बादल छाए थे। इसके चलते दिन भर सूरज के दर्शन नहीं हुए। लोग धूप को तरस गए। सरकारी कार्यालयों और स्कूल कॉलेजों में सार्वजनिक अवकाश होने और साप्ताहिक बाजार बंद होने के कारण अधिकतर लोग या तो रजाइयों में दुबके रहे या अलाव तापते रहे।
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भीषण शीतलहर के चलते पूरे जिले में जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त रहा। सबसे ज्यादा दिक्कत बाहर से काम की तलाश में आने वाले मजदूरों और रिक्शाचालकों को हुई। शीतलहर के कारण उन्हें काम नहीं मिल पाया। छुट्टी का दिन होने के कारण रिक्शा चालकों को भी सवारियों का इंतजार करना पड़ा। शीत लहर के चलते बीमारों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ रही है। तमाम लोग सर्दी जनित बीमारियों से पीड़ित हैं।
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शातलहर का यह प्रकोप पूरे जिले में कायम है। निघासन, बेलरायां, तिकुनिया, पलिया और मैलानी में ठंड का प्रकोप अन्य जगहों की अपेक्षा ज्यादा है। नदियों का किनारा और हिमालय की तराई होने के कारण इन जगहों पर लोग ठंड से काफी परेशान हैं। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि अभी जल्दी मौसम में सुधार होने की संभावना नहीं है।